योगी सरकार का अनुपूरक बजट

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में 22 दिसंबर को 24 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया गया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अनुपूरक बजट पेश करते हुए कहा कि यूपी की अर्थ व्यवस्था का पहले जो आकलन किया गया था, उससे यह ब़ढ़ गयी है। इससे पहले कैबिनेट ने इसे मंजूर किया था। बाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर बैठक हुई थी। इस बैठक में दोनों डिप्टी सीएम के साथ सभी कैबिनेट मंत्री भी मौजूद थे। अब इस अनुपूरक बजट पर चर्चा होगी कि सप्लीमेंट्री ग्रांट किस मकसद से लाया गया है। बजट पेश करने के साथ ही कोडीन कप सीरप पर सरकार और विपक्ष के आरोप-प्रत्यारोप ज्यादा चर्चा में रहे। कप सिरप मामला अवैध डायवर्जन से जुड़ा है। ये कप सिरप नशे के आदी लोगों को पहुंचाया गया जबकि बगैर डाक्टर के पर्चे के इसे नहीं लेना चाहिए। इस मामले में यूपी में 225 अभियुक्त नामजद हैं और इनमें से 78 गिरफ्तार किये जा चुके हैं। अवैध ट्रांजेक्शन से लेकर पूरा मामला सपा के लोगों से जुड़ा बताया जा रहा है। सरकार कहती है कि एनडीपीएस के तहत मुकदमा चलाया जाएगा और बुलडोजर ऐक्शन भी होगा।
उत्तर प्रदेश विधानसभा में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 22 दिसम्बर को अनुपूरक बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि यूपी की अर्थव्यवस्था को पहले कम आंका गया था, लेकिन यह बढ़ गई है और केंद्र सरकार ने भी इसकी पुष्टि की है। अनुपूरक बजट जिसे अतिरिक्त बजट भी कहते हैं, एक वित्तीय दस्तावेज है जिसे सरकार किसी वित्तीय वर्ष के बीच में पेश करती है जब मुख्य बजट के पैसे कम पड़ जाते हैं या किसी नई जरूरत (जैसे आपातकाल, नई योजना, या बढ़ी हुई लागत) के लिए अतिरिक्त धन की जरूरत होती है, ताकि विकास कार्यों और योजनाओं में रुकावट न आए और अतिरिक्त खर्च के लिए संसद या विधानसभा से मंजूरी मिल सके। उत्तर प्रदेश विधानसभा स्पीकर सतीश महाना ने कहा, आज सप्लीमेंट्री बजट पेश किया गया। मैंने उस पर पॉजिटिव चर्चा के लिए रास्ता खोल दिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट से मंजूर सप्लीमेंट्री बजट पर अपने घर पर कैबिनेट मीटिंग की अध्यक्षता की, जिसमें डिप्टी मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के साथ-साथ सभी कैबिनेट मंत्री भी मौजूद थे। समाजवादी पार्टी के नेता माता प्रसाद पांडे ने सप्लीमेंट्री बजट पर कहा, सरकार के पास अधिकार है और संविधान में सप्लीमेंट्री ग्रांट लाने की व्यवस्था है। अब इस बात पर चर्चा होगी कि ये सप्लीमेंट्री ग्रांट किस मकसद से मांगे जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में विकास कार्यों को तेज करने के लिए अनुपूरक बजट पेश किया है। यह बजट मुख्य वित्तीय बजट से करीब दो महीने पहले आ रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य उन महत्वपूर्ण योजनाओं और परियोजनाओं को गति देना है, जो पैसे की कमी के कारण धीमी पड़ गई थीं। अनुपूरक बजट से सरकार को अतिरिक्त धन मिलेगा, जिससे चल रहे कामों को पूरा करने में मदद मिलेगी। मुख्य बजट फरवरी में आता है, जिसमें पूरे साल के खर्च का प्लान होता है लेकिन साल भर में कुछ नई जरूरतें आ जाती हैं या पुरानी योजनाओं के लिए ज्यादा पैसे की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में अनुपूरक बजट से अतिरिक्त धन की व्यवस्था की जाती है। उत्तर प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2025-26 का यह पहला अनुपूरक बजट है। पिछले साल दिसंबर में पेश अनुपूरक बजट करीब 17,865 करोड़ रुपये का था, जिसमें विभिन्न योजनाओं के लिए पैसा दिया गया था। इस बार 24 हजार करोड़ का बजट बड़ा होने की उम्मीद है, क्योंकि राज्य में कई बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इससे विकास कार्यों में रुकावट नहीं आएगी और योजनाएं समय पर पूरी होंगी। अनुपूरक बजट में सड़क निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा सकता है। राज्य में चल रहे एक्सप्रेस-वे और लिंक एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट्स के लिए अच्छी खासी राशि आवंटित की जाएगी। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और ग्राम्य विकास विभाग को सड़कें बनाने के लिए अतिरिक्त पैसा मिल सकता है। गांवों में अच्छी सड़कें होने से लोगों को आने-जाने में आसानी होगी और किसानों को अपनी फसल बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, गर्मियों में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए बिजली नेटवर्क को मजबूत करने और नए पावर प्लांट्स बनाने के लिए धनराशि दी जा सकती है। पिछले सालों में गर्मी में बिजली कटौती की समस्या रहती थी, अब सरकार इसे सुधारने पर फोकस कर रही है। बिजली की अच्छी व्यवस्था से घरों, फैक्टरियों और खेतों में काम आसान हो जाएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ा आवंटन होने की उम्मीद है। अस्पतालों में नई मशीनें, दवाइयां और सुविधाएं बढ़ाने के लिए पैसा दिया जाएगा। इससे गरीब लोगों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष
ध्यान होगा।
पिछले साल दिसंबर में पेश अनुपूरक बजट 17,865 करोड़ रुपये का था। उसमें ऊर्जा विभाग, परिवार कल्याण और पशुपालन जैसे क्षेत्रों को ज्यादा पैसा मिला था। इस बार बजट बड़ा होने से ज्यादा योजनाओं को कवर किया जा सकेगा। सरकार का लक्ष्य है उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाना, और इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और बेसिक सुविधाओं को मजबूत करना जरूरी है। यह अनुपूरक बजट उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए अच्छी खबर है। इससे सड़कें, बिजली, स्वास्थ्य और गांवों का विकास तेज होगा। योगी सरकार विकास को प्राथमिकता दे रही है, और यह बजट उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीद है कि इससे राज्य में रोजगार बढ़ेगा और लोगों का जीवन आसान होगा। विधानसभा में इस बजट पर चर्चा के बाद इसे मंजूरी मिलने की संभावना है।
यूपी विधानसभा में अनुपूरक बजट के साथ ही कोडीन सिरप को लेकर समाजवादी पार्टी के विधायकों ने हंगामा किया, जिस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोडीन सिरप यूपी में नहीं बनता, कफ सिरप से यूपी में कोई मौत नहीं हुई है, यूपी में सबसे बड़े होलसेलर को सपा सरकार में लाइसेंस जारी किया था।इसके बाद यूपी ने बड़ा हमला करते हुए कहा कि देश में दो नमूने हैं, एक दिल्ली में और एक यहां। दिल्लीवाले जरूरी मुद्दों पर विदेश भाग जाते हैं, यही बबुआ भी करेंगे, लंदन भाग जाएंगे। योगी के इस बयान को लेकर हंगामा हुआ और सपा ने वाकआउट किया।
इस बयान के बाद नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि नेता सदन (योगी) कभी-कभी ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं जो उनके पद के अनुरूप नहीं है। सपा विधायकों ने इस पर आपत्ति जताई, वहीं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि विपक्ष बार बार मौतों की बात कह रहा है जबकि एक भी मौत यूपी में नहीं हुई। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि सीएम ने किसी का नाम लेकर नमूना नहीं कहा। ये वैसे ही है कि एक नेता सरकार चोर चोर का नारा लगा रहा था। दरोगा ने पूछा कि चोर कैसे कह सकते हो। उसने कहा कि नाम नहीं लिया तो दरोगा ने कहा- तुम तो ऐसे कह रहे जैसे हमें पता ही नहीं कि चोर कौन है।
कफ सिरप को लेकर योगी ने कहा कि नकली दवा से मौत होने की कोई जानकारी सरकार के संज्ञान में नहीं आई है। यूपी में कोडीन के सिर्फ स्टॉकिस्ट और होलसेलर हैं। बहरहाल, सरकार के निशाने पर सपा है।(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



