चीन की अमेरिका के खिलाफ बड़ी जवाबी कार्रवाई

अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव के बीच हाल ही में ‘डैगन’ ने चेक-मेट वाली चाल चल दी है। जिनपिंग ने अमेरिका के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी जवाबी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ट्रंप के टैरिफ थोपने की वजह से चीन पहले ही भड़का हुआ था, वहीं अब ताइवान को हथियारों की सप्लाई करके अमेरिका ने घाव पर नमक छिड़कने का काम किया है। ऐसे में चीन का बिदकना तो तय था। इस बार जिनपिंग ने 20 अमेरिकी रक्षा कंपनियों और 10 नामी बिजनेसमैन को लपेटे में ले लिया है। चीन ने लिस्ट बनाकर इन कंपनियों और लोगों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इसके बाद चीन के विदेश मंत्रालय ने फौरन अमेरिका के कुछ रसूखदार लोगों और 20 बड़ी-बड़ी डिफेंस कंपनीज के नाम निकाले और ऐलान कर दिया कि चीन में इन कंपनियों को कोई जगह नहीं दी जाएगी। इन कंपनी और लिस्ट किए गए लोगों की सभी संपत्तियां फ्रीज करने के आदेश भी दिए गए। आदेश दे दिया गया है कि कोई भी चीनी नागरिक या संस्थान इनके साथ बिजनेस नहीं करेगी और तो और इन कपनियों से जुड़े अधिकारियों के चीन में घुसने पर भी पाबंदी लगाई गई है। चीन ने अमेरिका को सीधी चेतावनी देते हुए कह दिया है कि ‘ताइवान का मुद्दा चीन के कोर इंटरेस्ट का केंद्र है और यह चीन-अमेरिका संबंधों की वो पहली रेड लाइन है जिसे पार नहीं किया जा सकता’। चीन ने अमेरिका की हथियार डील को ‘खतरनाक खेल’ बताते हुए कहा है कि चीन इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।
बता दें कि चीन, ताइवान पर कब्जे की लड़ाई लड़ रहा है और अमेरिका का तर्क है कि वह कानूनन ताइवान की रक्षा करने के लिए बाध्य है, जबकि चीन इसे अपनी आंतरिक राजनीति में दखल मानता है।



