ईरान में भी सत्ता के खिलाफ युवा प्रदर्शन पर उतरे

नेपाल के बाद अब ईरान में भी जेन जेड सड़कों पर उतर चुका है। तेहरान की सड़कों पर नारे लग रहे हैं.. दिस इज द फाइनल बैटल.. यानी ये निर्णायक लड़ाई है। इस नारे का सीधा मतलब है कि ईरान की अवाम सूप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ निर्णायक युद्ध में उतर गई है। सड़क से लेकर शॉपिंग मॉल्स तक में प्रदर्शन हो रहा है। खलीफा की आर्मी प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले और रबर बुलेट चला रही है। बावजूद इसके भीड़ पीछे हटने को राजी नहीं है..लेकिन सवाल उठता है कि अचानक ईरान की अवाम इतनी आक्रमक क्यों हो गई? ईरान में आखिर अचानक सुप्रीम लीडर के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन क्यों होने लगे। आइये आपको इसके प्रमुख कारण बताते हैं। इसकी पहली वजह ईरान की चरमराती अर्थव्यवस्था है। दूसरा कारण सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की नीतियां हैं। ईरान में जेन जी के प्रदर्शन की शुरुआत आर्थिक संकट की वजह से हुई। शुरुआती प्रदर्शन तेहरान के दुकानदारों और व्यापारियों ने किया, लेकिन इस प्रदर्शन में फिर हर वर्ग जुड़ता गया… क्योंकि ईरान भयंकर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। अमेरिकी प्रतिबंध और क्षेत्रीय युद्धों की वजह से ईरान की मुद्रा ऑल टाइम लो पर पहुंच गई है। रविवार को रियाल की कीमत डॉलर के मुकाबले 14 लाख तक पहुंच गई…इससे ईरान में महंगाई बढ़ रही है। रोजाना इस्तेमाल होने वाली चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। इससे लोग भयानक गुस्से में हैं।
ईरान में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने तेहरान और मशहद में सुरक्षा बलों का सामना किया। विरोध प्रदर्शनों और सड़क पर हुई झड़पों के बीच अधिकारियों ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। ईरानी विपक्षी समूह नेशनल काउंसिल ऑफ रेजिस्टेंस ऑफ ईरान (एनसीआरआई) ने रिपोर्ट किया कि तेहरान में जुमहूरी स्ट्रीट पर बड़ी संख्या में भीड़ ने मार्च किया और पास के इलाकों जैसे नासेर खोसरो स्ट्रीट और इस्तांबुल स्क्वायर में चले गए। तेहरान के केंद्रीय हिस्सों में प्रमुख सरकारी और व्यावसायिक क्षेत्रों के पास प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच सड़क झड़पें हुईं। पुलिस ने शहर के केंद्र में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और डंडे इस्तेमाल किए।
प्रदर्शनकारियों ने सत्ता में बैठे धर्मगुरुओं के पतन और नेतृत्व के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार विरोधी नारे लगाए।



