बांग्लादेश के लिए पाक की कूटनीतिक बैटिंग

क्रिकेट मैच के जरिए पाकिस्तान बांग्लादेश के पक्ष में जमकर बैटिंग कर रहा है। पाकिस्तान ने पहले भारत के साथ न खेलने की घोषणा की और अब उसे ज्यादा से ज्यादा पैसा दिलाने की शर्त रखकर खुद को ढाका का रहनुमा साबित करने में जुटा है। दरअसल, पाकिस्तान की कोशिश मैच के जरिए अपने पुराने कारनामों पर पानी फेरने की है। पाकिस्तान चाहता है कि नए सिरे से ढाका में उसकी मजबूत पकड़ हो, जिससे वो भारत के पड़ोस में आसानी से अपना वर्चस्व कायम कर सके।
1971 में पाकिस्तान से अलग होकर बने बांग्लादेश के भारत के साथ कूटनीतिक संबंध इन दिनों अच्छे नहीं हैं। दोनों के बीच की खाई को पाकिस्तान भरने में जुटा है। पाकिस्तान क्रिकेट मैच के जरिए सिंपैथी बटोरकर ढाका को हथियार और चावल बेचने की तैयारी में है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के सामने 3 बड़ी शर्तें रखी हैं। इनमें बांग्लादेश के लिए अतिरिक्त मुआवजा, विश्व कप से बाहर होने के बावजूद बांग्लादेश को भागीदारी शुल्क का भुगतान और भविष्य में किसी भी आईसीसी आयोजन की मेजबानी का अधिकार शामिल हैं।
पाकिस्तान की पहली ख्वाहिश बांग्लादेश में नेटवर्क स्थापित करना है। इसके लिए पाकिस्तान चाहता है कि ढाका से इस्लामाबाद तक जहाज और प्लेन आसानी से चल सकें। हाल ही में कराची से ढाका के लिए एक फ्लाइट की शुरुआत की गई है। पाकिस्तान ने ढाका से यह भी कहा है कि वे अपने छात्रों को स्कॉलरशिप पर पढ़ने के लिए पाकिस्तान भेज सकते हैं। बांग्लादेश चावल समेत कई जरूरी सामान अब तक भारत से खरीदता रहा है। पाकिस्तान की कोशिश बांग्लादेश को चावल बेचने की है। पाकिस्तान ने हाल ही में बांग्लादेश को 50,000 टन चावल बेचा था। पाकिस्तान चावल का एक बड़ा उत्पादक देश है। 2024 से पहले बांग्लादेश भारत से हर साल औसतन $84.55 मिलियन अमेरिकी डॉलर का चावल खरीदता था। पाकिस्तान की कोशिश बांग्लादेश के साथ खुफिया साझेदारी करने की भी है। इसके लिए कई बार दोनों के बीच बातचीत भी हो चुकी है। पाकिस्तान चाहता है कि उसके जासूस आधिकारिक तौर पर बांग्लादेश में रहें। भारत और बांग्लादेश के बीच लगभग 4,096 किलोमीटर की सीमा है। पाकिस्तान बांग्लादेश को चीन निर्मित जेएफ-17 लड़ाकू विमान भी बेचना चाहता है। इसके लिए शुरुआती दौर की बातचीत हो भी चुकी है। बांग्लादेश की सेना अपने भीतर आधुनिकीकरण के प्रयास में जुटी है। इसी कवायद के तहत नए-नए फाइटर जेट और हथियार खरीदे जा रहे हैं।



