ब्रिटेन में पीएम स्टार्मर की कुर्सी भी खतरे में

ब्रिटेन में प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की कुर्सी खतरे में आ गई है। प्रधानमंत्री के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी के इस्तीफे के बाद अब कहा जा रहा है कि स्टार्मर भी जा सकते हैं। स्टार्मर से लेबर पार्टी के अधिकांश सांसद नाराज बताए जा रहे हैं। ब्रिटेन में लेबर पार्टी की सरकार है, जिसके पास हाउस ऑफ कॉमन्स की 650 में से 404 सीटें हैं। टेलीग्राफ ब्रिटेन के मुताबिक मैकस्वीनी के इस्तीफे के बाद अब यह तय हो गया है कि स्टार्मर को भी जाना होगा। लेबर पार्टी के भीतर इसकी तैयारी शुरू हो गई है। हालांकि, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय ने अभी तक इसको लेकर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। ब्रिटेन में 2024 में आम चुनाव कराए गए थे। इस चुनाव में लेबर पार्टी ने ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी को पटखनी दी थी। स्टार्मर को प्रधानमंत्री की कुर्सी मिली थी, लेकिन अब 18 महीने बाद स्टार्मर की कुर्सी खतरे में आ गई है।
इसकी पहली वजह एपस्टीन फाइल्स है। एपस्टीन फाइल्स में आरोपी पीटर मंडेलसन को स्टार्मर ने यूएस राजदूत नियुक्त किया था। कहा जा रहा है कि स्टार्मर ने यह फैसला जानबूझकर लिया था। हालांकि, स्टार्मर इसको लेकर माफी मांग चुके हैं। उनका कहना था कि मुझे इसकी जानकारी नहीं थी। दूसरी बात यह एक स्टार्मर से लेबर पार्टी के 50 से ज्यादा सांसद नाराज हैं। फाइनेंसियल टाइम्स का कहना है कि नाराज सांसदों की संख्या बढ़ती जा रही है। अंदरखाने स्टार्मर को लेकर काफी कुछ पक रहा है। जल्द ही लेबर पार्टी में बड़ा विस्फोट हो सकता है। यह भी कहा जा रहा है कि कीर स्टार्मर अमेरिका के खिलाफ जाकर नए वर्ल्ड ऑर्डर बनाने की कवायद कर रहे थे। जो उन पर भारी पड़ता दिख रहा है। हाल ही में कीर स्टार्मर चीन दौरे पर गए थे। चीन को अमेरिका का धुर-विरोधी माना जाता है।
ब्रिटेन में सरकार बनाने के लिए 326 सांसदों की जरूरत होती है। अभी लेबर पार्टी के पास 404 सीटें हैं। अगर लेबर पार्टी के कम से कम 80 सांसद पार्टी की मीटिंग में स्टार्मर के खिलाफ उतरते हैं तो उन्हें इस्तीफा देना पड़ सकता है।



