लेखक की कलम

कोर्ट को बना दिया चुनावी अखाड़ा

असम मंे इसी साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। सत्तारूढ़ भाजपा जहां सरकार पर कब्जा बरकरार रखना चाह रही है, वहीं मुख्य विपक्षी कां्रगेस इस बार सरकार बनाने की पूरी तैयारी में है। चुनाव के समय आरोप-प्रत्यारोप अमर्यादित हो जाते हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा भी अपने राजनीतिक बयान के चलते मुश्किल में फंस सकते हैं। सीएम विश्व शर्मा ने कांग्रेस को बांग्लादेशी घुसपैठियों का हमदर्द बता दिया। इतना ही नहीं हिमंता विश्व शर्मा ने कहा कांग्रेस स्पष्ट करे कि वह असमिया जनता के साथ है या मिया समुदाय के साथ। सीपीआई (एम) और सीपीआई के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट का इसी को लेकर दरवाजा खटखटाया है। याचिका कर्ताओं के वकील ने मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा के खिलाफ कुछ आपत्तिजनक वीडियो की क्लिप भी कोर्ट मंे दिखाईं। यह सब देखकर मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी की है। उन्होंने कहा जब चुनाव निकट आते हैं तब सुप्रीम कोर्ट मंे भी राजनीतिक लड़ाइयां शुरू हो जाती हैं। हिमंता विश्व शर्मा के खिलाफ एआईएमआईएम के नेता असदउद्दीन ओवैसी ने भी शिकायत दर्ज करायी है। यह शिकायत भाजपा की तरफ से हिंसक वीडियो पोस्ट करने से संबंधित है। मजे की बात यह है कि अभी असम में विधानसभा चुनाव की तिथियां भी घोषित नहीं हुई हैं लेकिन उससे पहले ही राजनीतिक अखाड़े सजने लगे हैं।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सीपीआई(एम) और सीपीआई के नेताओं ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील निजाम पाशा ने इस मामले को जल्द सुनवाई की मांग की है। वहीं इस पर सीजेआई ने टिप्पणी की है कि जैसे ही चुनाव नजदीक आते हैं, चुनाव का एक हिस्सा सुप्रीम कोर्ट में लड़ा जाने लगता है। याचिकाकर्ताओं के वकील ने सीजेआई के समक्ष कहा कि हम इस अदालत से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। असम के मौजूदा मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए बेहद परेशान करने वाले भाषण सामने आए हैं। हाल ही में पोस्ट किए गए एक वीडियो में उन्हें एक विशेष समुदाय के लोगों पर गोली चलाते हुए दिखाया गया है। इस संबंध में शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, लेकिन अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
सीजेआई ने टिप्पणी करते हुए कहा,समस्या यह है कि जैसे ही चुनाव नजदीक आते हैं, चुनाव का एक हिस्सा सुप्रीम कोर्ट में लड़ा जाने लगता है। यही दिक्कत है। हम इस पर विचार करेंगे और तारीख तय करेंगे। हिमंता विश्व शर्मा के हाल के बयानों पर काफी बवाल हुआ है। पिछले हफ्ते उन्होंने कांग्रेस को बांग्लादेशी घुसपैठियों का हमदर्द बताते हुए कहा था कि उसे स्पष्ट करना चाहिए वह असमिया जनता के साथ खड़ी है या मियां समुदाय के साथ। गोलाघाट में एक सरकारी कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से बातचीत में कहा, कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह असमिया जनता के साथ खड़ी है या मियां समुदाय के साथ। मियां से तात्पर्य बांग्लादेश से आए लोगों से है। मियां मूल रूप से असम में बांग्ला भाषी मुसलमानों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। गैर- बांग्ला भाषी लोग आमतौर पर उन्हें बांग्लादेशी अप्रवासी मानते हैं।
शर्मा ने कहा कि मियां शुरू में बांग्लादेश सीमा के पास बारपेटा और धुबरी जैसे पश्चिमी हिस्सों में बसे थे, लेकिन अब वे असम के पूर्वी छोर पर स्थित दुलियाजान और मार्गेरिटा शहरों तक पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, हम कैसे बचे रहेंगे? उन्होंने 10 लाख एकड़ जमीन हड़प ली है। हम कहां जाएंगे? उन्होंने कहा, लोग कांग्रेस से सवाल करेंगे कि वे मियां के साथ हैं या असमिया लोगों के साथ। वहीं एक वीडियो को लेकर भी हिमंत विश्व शर्मा विवादों में घिर गए। भाजपा की असम इकाई ने सोशल मीडिया एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें कथित तौर पर शर्मा को राइफल से दो लोगों पर निशाना साधकर गोली चलाते हुए दिखाया गया था। कथित वीडियो में एक व्यक्ति ने टोपी पहनी हुई है व दूसरे ने दाढ़ी रखी हुई है और कैप्शन में लिखा है प्वाइंट ब्लैंक शॉट।
7 फरवरी को असम बीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया था, लेकिन कुछ ही देर बाद इसे हटा दिया गया। वीडियो में हिमंता विश्व शर्मा हाथ में राइफल लिए नजर आ रहे थे। इसके साथ एआई से तैयार किया गया पार्ट भी जोड़ा गया था, जिसमें दाढ़ी और सफेद टोपी पहने दो पुरुषों की तस्वीरों पर गोलियां लगती हुई दिखाई गईं। जैसे ही वीडियो सामने आया तो कांग्रेस ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। संसद में भी विपक्ष ने इसे लेकर हंगामा किया।
सीपीआईएम और सीपीआई नेता अन्नी राजा ने अलग-अलग रिट पेटीशन फाइल की हैं, जिसमें नफरती भाषण और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का आरोप लगाते हुए हिमंता विश्व शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। साथ ही मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाने की भी अपील की गई है। याचिका में कहा गया है कि केंद्र और राज्य की जांच एजेंसियों से निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की अपेक्षा नहीं की जा सकती है।
उधर, ऑल इंडिया मजलिस-ए- इत्तेहादुल मुस्लिमीन पार्टी के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। हैदराबाद से सांसद ने यह शिकायत एक हिंसक वीडियो पोस्ट किए जाने के संबंध में की है। ओवैसी ने हैदराबाद सिटी को इस संबंध में एक शिकायत देकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा कि मैंने हैदराबाद शहर के पुलिस कमिश्नर के पास एक ऑफिशियल शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत में असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के खिलाफ उनके (अब डिलीट किए गए) हिंसक वीडियो के लिए क्रिमिनल कार्रवाई की मांग की गई है। इस वीडियो में उन्हें मुसलमानों पर गोली चलाते हुए दिखाया गया है।
इसी प्रकार असम कांग्रेस अध्यक्ष और जोरहाट से सांसद गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा के पाकिस्तान कनेक्शन के आरोपों पर पलटवार किया। गोगोई ने सुप्रीम कोर्ट से मुख्यमंत्री के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। उन्होंने अपने बच्चों की जानकारी मीडिया को दी थी। मुख्यमंत्री ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच के निष्कर्ष जारी किए, जिसमें आरोप लगाया कि गौरव गोगोई, उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई और एक पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के बीच गहरे संबंध हैं। गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री शर्मा द्वारा अपने बच्चों के बारे में जानकारी सार्वजनिक करने की कड़ी आलोचना की और उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए अयोग्य बताया है। इस प्रकार हिमंता विश्व शर्मा पर कोर्ट में चारों तरफ से आरोप लगा रहे हैं। (अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button