दो साल बाद भारत-कनाडा दोस्ती की नई इबारत

कनाडा और भारत ने पिछले दो वर्षों के तनावपूर्ण संबंधों के बाद व्यापार सौदे को आगे बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं। पहले भारत कनाडा का सातवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था। कनाडा और भारत के संबंध तब तनावपूर्ण हुए, जब कनाडाई पुलिस ने न्यू दिल्ली पर वैंकूवर के पास जून 2023 में एक कनाडाई सिख कार्यकर्ता की हत्या में भूमिका निभाने का आरोप लगाया था।
भारत और कनाडा अब फिर से दोस्ती की नई इबारत लिखने वाले हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के सत्ता में आने के बाद से ही भारत के साथ संबंधों में तेजी से सुधार आया है। अब कनाडाई प्रधानमंत्री भारत की यात्रा पर आने वाले हैं। इस दौरान वह पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे और अहम द्विपक्षीय वार्ताएं होंगी। दोनों नेता भारत-कनाडा के रिश्तों को पहले से अधिक मजूबत करने की प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं। पीएम कार्नी के कार्यालय के अनुसार उनकी यह भारत यात्रा कनाडा की अमेरिका से व्यापार विविधीकरण की नवीनतम कोशिश है। अपनी इस यात्रा के क्रम में कार्नी सबसे पहले मुंबई जाएंगे, जहां वे भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और व्यवसायिक नेताओं से बातचीत करेंगे। इसके बाद वह ऑस्ट्रेलिया और जापान की यात्रा पर जाएंगे। वह कैनबरा में ठहराव के दौरान ऑस्ट्रेलिया की संसद के दोनों सदनों को संबोधित करेंगे, जो पिछले 20 वर्षों में किसी कनाडाई प्रधानमंत्री द्वारा ऐसा करने का पहला मौका होगा। साथ ही वे ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज से भी मिलेंगे और रक्षा तथा एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) प्रगति पर चर्चा करेंगे। इसके बाद कार्नी टोक्यो जाएंगे, जहां वे जापान की प्रधानमंत्री तकाइची सनाए से मिलेंगे और स्वच्छ ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स तथा खाद्य सुरक्षा पर चर्चा करेंगे।अमेरिका को टक्कर देने के लिए कनाडा को भारत जैसे सहयोगियों की जरूरत महसूस हो रही है। कनाडा अब भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान जैसे देशों के साथ अपने रिश्तों को मजबूत करना चाहता है। एक अनिश्चित दुनिया में अब कनाडा उन चीजों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिन्हें नियंत्रित किया जा सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा की अर्थव्यवस्था और संप्रभुता पर टैरिफ के माध्यम से धमकी दी है। ट्रंप ने सबसे आक्रामक रूप से यह दावा किया है कि कनाडा अमेरिका का 51वां राज्य हो सकता है।



