नेतन्याहू जीवित लेकिन मिसाइलों को रोकने में संकट

इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर फैल रही अपनी मौत की अफवाहों को खारिज किया है। उन्होंने एक नया वीडियो जारी किया, जिसमें वह एक कैफे में कॉफी पीते हुए इन अफवाहों का मजाक उड़ाते दिखाई दे रहे हैं। दरअसल, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा था कि ईरान के हमले में नेतन्याहू की मौत हो गई है। हालांकि जानकारी के मुताबिक इजरायल के पास बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने वाले इंटरसेप्टर तेजी से कम हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने बताया है कि ईरान के लगातार हमलों की वजह से इजरायल की एयर डिफेंस प्रणाली पर भारी दबाव पड़ रहा है। खास तौर पर आयरन डोम और अन्य लंबी दूरी की रक्षा प्रणालियों को लगातार एक्टिव रहना पड़ रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार इजराइल के पास युद्ध शुरू होने से पहले ही इंटरसेप्टर की संख्या सीमित थी। पिछले साल हुए संघर्ष में भी इनका काफी इस्तेमाल हो चुका था। अब मौजूदा युद्ध में ईरान लगातार मिसाइल हमले कर रहा है, जिससे इजरायल के रक्षा तंत्र पर अतिरिक्त दबाव बन गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ईरान कुछ मिसाइलों में क्लस्टर म्यूनिशन का इस्तेमाल कर रहा है। इनमें एक मिसाइल के अंदर कई छोटे-छोटे बम होते हैं, जो हवा में फटकर बड़े इलाके में फैल जाते हैं। इससे उन्हें रोकना और भी मुश्किल हो जाता है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक उन्हें पहले से अंदेशा था कि इजरायल के इंटरसेप्टर कम पड़ सकते हैं। इजराइल के पास मिसाइल हमलों से बचाव के अन्य तरीके भी हैं। जरूरत पड़ने पर वह लड़ाकू विमानों और दूसरी एयर डिफेंस प्रणालियों का इस्तेमाल कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने इजरायल को करीब 12,000 बम बेचने की मंजूरी भी दे दी है। यह फैसला आपात स्थिति बताते हुए अमेरिकी प्रशासन ने लिया है।



