लड़ाई में यमन के हूती विद्रोही भी शामिल

इजरायल की सेना ने 28 मार्च की सुबह बताया कि यमन की ओर से एक मिसाइल इजरायल की ओर दागी गई। ऑपरेशन रोअरिंग लायन के शुरू होने के बाद यमन की तरफ से पहली बार हमला हुआ है। बता दें कि यमन के हूती विद्रोहियों को ईरान का समर्थन हासिल है और इजरायल पर मिसाइल भी उन्हीं की तरफ से दागी गई है। इजरायल के मुताबिक, मिसाइल को रोकने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए और बीर शेबा और नेगेव के आसपास के इलाकों में सायरन बजाए गए। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई जानकारी नहीं है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब यमन की सशस्त्र सेनाओं ने 27 मार्च को चेतावनी दी थी कि यदि अमेरिका और इजरायल का हमला ईरान और उसके समर्थित गुटों पर जारी रहा तो वे सीधे जंग में उतर जाएंगी। ईरान की सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने कहा, हम पुष्टि करते हैं कि हमारे हाथ सीधे सैन्य हस्तक्षेप के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इजरायल की तरफ से ऑपरेशन रोअरिंग लायन को शुरू हुए करीब एक महीने हो चुके हैं और लड़ाई में दोनों ही पक्षों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। इस लड़ाई में ईरान के कई बड़े नेता मारे गए हैं जिनमें अयातुल्ला अली खामेनेई भी शामिल हैं। सरी ने ये भी कहा अगर लाल सागर का इस्तेमाल ईरान या अन्य मुस्लिम देशों के खिलाफ हमले के लिए किया जाएगा तो भी वे जंग में उतर जाएंगे। उन्होंने कहा, हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरी ने आरोप लगाया कि इजरायल ये हमले इसलिए कर रहा है ताकि वह ग्रेटर इजरायल बना पाए।



