थक गयी है इजरायल की सेना

इजरायल की सेना को लेकर एक बड़ी चेतावनी सामने आई है। देश के चीफ ऑफ स्टाफ इयाल जमीर ने सरकार को आगाह किया है कि अगर तुरंत कदम नहीं उठाए गए, तो सेना गंभीर संकट में पड़ सकती है। उन्होंने कैबिनेट बैठक में “10 रेड फ्लैग्स” (खतरे के संकेत) उठाते हुए कहा कि लगातार सैन्य अभियानों की वजह से सेना पर भारी दबाव है और हालात चिंताजनक हो चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जमीर ने सरकार से जल्द से जल्द नए कानून लाने की मांग की है, जिनमें अनिवार्य सैन्य सेवा बढ़ाना, रिजर्व ड्यूटी कानून और नई भर्ती से जुड़े कदम शामिल हैं। उनका कहना है कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो जल्द ही सेना नियमित ऑपरेशन्स के लिए भी तैयार नहीं रह पाएगी और रिजर्व सिस्टम टूट सकता है।
इजरायल की सेना पिछले लंबे समय से कई मोर्चों पर सक्रिय है। गाजा में युद्ध, वेस्ट बैंक में बढ़ती गतिविधियां, और लेबनान व सीरिया में सैन्य कार्रवाई ने सैनिकों पर भारी दबाव डाला है। अंतरराष्ट्रीय संगठनों और मानवाधिकार समूहों ने इन अभियानों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। इजरायल की सेना की संरचना शुरुआत से ही अलग रही है, जिसमें छोटी स्थायी सेना और बड़ी संख्या में रिजर्व सैनिक शामिल होते हैं। अक्टूबर 2023 में हमास के हमले के बाद करीब 3 लाख रिजर्व सैनिकों को बुलाया गया था। हाल ही में भी इजरायल ने अतिरिक्त 1 लाख रिजर्व सैनिकों को तैनात किया, जबकि पहले से ही हजारों सैनिक गाजा, लेबनान और वेस्ट बैंक में सक्रिय हैं। इससे साफ है कि सेना का बड़ा हिस्सा रिजर्व सैनिकों पर ही निर्भर है।



