पाकिस्तान में पेट्रोल व गैस ने मचाया हाहाकार

मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग की आग ने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में त्राहिमाम मचा दिया है। पश्चिमी एशिया के संकट ने वहां न सिर्फ तेल और गैस की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है, बल्कि सप्लाई का संकट भी खड़ा कर दिया है। पाकिस्तान इस वक्त युद्ध की आग में बुरी तरह जल रहा है और वहां की जनता दाने-दाने के साथ-साथ बूंद-बूंद तेल के लिए मोहताज हो रही है। पेट्रोल और डीजल की कीमतें पहले ही आम आदमी की पहुंच से बाहर थीं, अब बाकी कसर एलपीजी (रसोई गैस) और केरोसिन ने पूरी कर दी है।
पाकिस्तानी सरकार ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश की है, लेकिन ये पहले से ही रिकॉर्ड स्तर पर हैं। पेट्रोल 321.17 रुपये प्रति लीटर तो डीजल 335.86 रुपये प्रति लीटर पर जा पहुंचा है।भले ही सरकार ने इस बार दाम नहीं बढ़ाए हैं, लेकिन ग्लोबल मार्केट के उतार-चढ़ाव को देखते हुए सरकार को तेल कंपनियों को पेट्रोल पर 95.59 रुपये और डीजल पर 203.88 रुपये प्रति लीटर का भुगतान खुद करना पड़ रहा है। सबसे बुरा हाल रसोई गैस यानी एलपीजी का है। डॉन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, 11.67 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत जो पहले 3,150-3,968 रुपये थी, वह अब बढ़कर 3,900-5,135 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं केरोसिन यानी मिट्टी का तेल भी 4.66 रुपये महंगा होकर 433.40 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इससे गरीब और मिडिल क्लास के लिए चूल्हा जलाना भी मुश्किल हो गया है।
युद्ध का असर सिर्फ जमीन पर ही नहीं, आसमान पर भी है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, कमर्शियल विमानों के लिए इस्तेमाल होने वाले जेट फ्यूल की कीमत में 28 दिनों में 5वीं बार बढ़ोतरी हुई है। अब यह 476.97 रुपये प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर पर है। मार्च की शुरुआत में जो फ्यूल 188 रुपये का था, वह अब रु. 288 महंगा हो चुका है।



