म्यांमार में जुंटा चीफ बनेंगे राष्ट्रपति

भारत के पड़ोसी मुल्क म्यांमार में जुंटा चीफ मिन आंग ह्लाइंग सुप्रीम लीडर यानी तानाशाह बनने जा रहे हैं। दरअसल, म्यांमार की संसद ने आम चुनाव के बाद राष्ट्रपति चयन की प्रक्रिया शुरू की है। इसके तहत मिन आंग को राष्ट्रपति चुना जाएगा। सोमवार (30 मार्च) को मिन आंग को राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामित भी किया गया। आंग समर्थित राजनीति पार्टी के पास म्यांमार में बहुमत है। 2011 से सेना प्रमुख की कुर्सी संभाल रहे मिन आंग अब कानूनी रूप से म्यांमार को कंट्रोल में लेना चाहते हैं। इसके लिए हाल ही में म्यांमार में पक्षपात तरीके से चुनाव कराए गए। इस चुनाव में मिन आंग समर्थित यूनियन सॉलिडेरिटी एंड डेवलपमेंट पार्टी को जीत मिली थी। रोहिंग्या के खिलाफ कार्रवाई के बाद म्यांमार में मिन आंग का दबदबा बढ़ता गया।
2021 में सेना ने चुनी हुई आंग सान सू की सरकार का तख्तापलट कर दिया। तख्तापलट के तहत सू की और म्यांमार के राष्ट्रपति को गिरफ्तार कर लिया गया। सू की वर्तमान में जेल में बंद हैं। इसके बाद मिन आंग ने सैन्य सरकार की घोषणा की। इसका नाम जुंटा रखा गया। मिन आंग पर जब चुनाव का दबाव बढ़ा तो उन्होंने अपने तरीके से साल 2025 के आखिर में चुनाव कराए। इस चुनाव में 224 में से 108 सीटों पर उनके समर्थित पार्टियों को जीत मिली, जो बहुमत से सिर्फ 4 कम है। जोड़-तोड़ के बाद मिन आंग के समर्थकों ने म्यांमार में सरकार बना ली। अब मिन आंग की कोशिश सर्वोच्च पद हासिल करने की है। इसके लिए उन्होंने खुद राष्ट्रपति बनने का फैसला किया है। उन्होंने इसके लिए राजनीति और चुनाव का सहारा लिया है।
मिन आंग चीन के समर्थक माने जाते हैं, जहां राष्ट्रपति के कंट्रोल में सेना है। मिन भी खुद को जिनपिंग की जगह देखना चाहते हैं। स्वतंत्र विश्लेषक ह्तिन क्याव ऐ ने जनरल की संभावित राष्ट्रपति भूमिका की ओर इशारा करते हुए कहा- यह शुरू से ही मिन आंग ह्लाइंग का लक्ष्य रहा है। अगर वे इसे पूरा करते हैं तो बतौर राष्ट्रपति देश का संचालन करेंगे। मिन आंग अगर म्यांमार के तानाशाह बनने में कामयाब हो जाते हैं तो भारत के पड़ोस में एक और देश लोकतंत्र से तानाशाही शासन में बदल जाएगा।



