विश्व-लोक

पनामा नहर पर चीन व अमेरिका आमने-सामने

ईरान युद्ध के दौरान अब चीन और अमेरिका भी समंदर में जहाजों के रोके जाने के मुद्दे को लेकर टकराव की स्थिति में आ गए हैं। चीन ने समंदर में पनामा के
ध्वजों वाले जहाजों का रास्ता रोक कर उन्हें हिरासत में ले लिया है। इससे अमेरिका बौखला गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 2 अप्रैल को इस घटना को लेकर चीन को खूब खरी-खोटी सुनाई और बीजिंग पर “धमकाने” का आरोप लगाया। स्टेमफोर्ड एडवोकेट की एक रिपोर्ट के अनुसार चीन द्वारा इन जहाजों को हिरासत में लिये जाने पर रूबियो ने कहा कि पनामा ने इस साल की शुरुआत में पनामा नहर के दो महत्वपूर्ण बंदरगाहों का नियंत्रण हांगकांग स्थित कंपनी की सहायक कंपनी से छीन लिया था, जिसके बाद चीन ने दर्जनों पनामा-ध्वज वाले जहाजों को हिरासत में लिया या उन्हें रोका। हालांकि, जहाजों को कुछ समय के लिए ही रोका गया। चीन ने इन आरोपों से इनकार किया है। पनामा अब अमेरिका और चीन के बीच चल रही बड़ी भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में फंस गया है। पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीजिंग पर पनामा नहर को नियंत्रित करने का आरोप लगाया था। ट्रंप प्रशासन पनामा नहर को वाणिज्यिक और सैन्य दोनों दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण मानता है। ट्रंप ने चुनाव अभियान के दौरान ही पनामा नहर को वापस लेने की बात कही थी।
टोक्यो एमओयू के सार्वजनिक आंकड़ों के अनुसार मार्च में चीन के बंदरगाहों में निरीक्षण के लिए 124 जहाजों को रोका गया, जिनमें से 92 (लगभग 75 फीसद) पनामा-ध्वज वाले थे। इन जहाजों को आमतौर पर कुछ दिनों यानी एक दिन से लेकर 10 दिनों तक रोका गया। उसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। यह संख्या पिछले दो महीनों की तुलना में बहुत ज्यादा है। फरवरी में 45 जहाजों में से 19 (40 फीसद से ज्यादा) और जनवरी में 71 जहाजों में से 23 (30 फीसद से ज्यादा) पनामा-ध्वज वाले थे। चीन के वाशिंगटन स्थित दूतावास के प्रवक्ता लियू पेंगयू ने कहा, “अमेरिका के बार-बार लगाए जा रहे गलत आरोप केवल इस बात को उजागर करते हैं कि वह पनामा नहर पर नियंत्रण हासिल करना चाहता है।” अमेरिका पनामा और अन्य लैटिन अमेरिकी देशों पर दबाव डाल रहा है कि वे पश्चिमी गोलार्ध में चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकें। ट्रंप प्रशासन ने लैटिन अमेरिका के मामलों में दशकों में सबसे आक्रामक भूमिका निभाई है, जिसमें जनवरी में वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को सैन्य छापे में पकड़ना शामिल है। वाशिंगटन स्थित फेडरल मैरिटाइम कमीशन इन पनामा-ध्वज वाले जहाजों की निगरानी कर रहा है।

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