राघव चड्ढा की निष्ठा पर संदेह

आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा की लोकप्रियता उस समय से ज्यादा बढ़ी है जबसे उन्हांेने लोकप्रिय अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा से शादी की। यह लोकप्रियता पार्टी के कुछ नेताओं को अखरने भी लगी थी। राघव चड्ढा भी उसे महसूस करने लगे और राज्यसभा मंे पार्टी के उपनेता रहते हुए भी उन्हांेने थोड़ा तटस्थ रहने की रणनीति अपना ली थी। मसलन गुजरात मंे आप कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का मुद्दा उन्हांेने राज्यसभा मंे नहीं उठाया। इसी प्रकार मतदाता सूची के विशेष परीक्षण (एसआईआर) को लेकर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ही नहीं आम आदमी पार्टी के नेता अरविन्द केजरीवाल भी विरोध दर्ज करा रहे हैं लेकिन राघव चड्ढा ने इस मुद्दे पर भी पार्टी का साथ नहीं दिया। मुख्य इलेक्शन कमिश्नर (सीईसी) के खिलाफ जब विपक्षी दल प्रस्ताव लाये तो राघव चड्ढा ने हस्ताक्षर नहीं किये थे। इतना ही नहीं आम आदमी पार्टी के सांसदों ने जब वाकआउट किया, तब भी राघव चड्ढा सदन मंे बैठे रहे। यही सब कारण रहे जिससे आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा मंे उपनेता के पद से हटा दिया है। इतना ही नहीं पार्टी के एक नेता ने यहां तक कह दिया कि राघव चड्ढा अब केजरीवाल के प्रति निष्ठावान सिपाही नहीं रह गये हैं। सांसद राघव चड्ढा ने इस पर प्रतिक्रिया भी दी है। उन्हांेने कहा है कि मैं खामोश करवाया गया हूं लेकिन हारा नहीं हूं। मैंने हमेशा राष्ट्रहित मंे आवाज उठाई है। राजनीतिक गलियारों मंे तो यहां तक कहा जाने लगा है कि सांसद राघव चड्ढा दूसरे कुमार विश्वास बनने जा रहे हैं। पार्टी ने अशोक मित्तल को राज्यसभा मंे आप संसदीय दल का उपनेता बना दिया है। राज्यसभा में आप के कुल 10 सांसद हैं। इनमें 7 पंजाब से और 3 दिल्ली से हैं। राज्यसभा में आप भाजपा, कांग्रेस और टीएमसी के बाद चैथे स्थान पर है।
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के हालिया बयान और वीडियो को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पार्टी नेता अनुराग ढांडा ने राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अब अरविंद केजरीवाल के सिपाही नहीं रहे हैं और सरकार के खिलाफ खुलकर बोलने से घबराने लगे हैं। अनुराग ढांडा ने कहा, हम केजरीवाल के सिपाही हैं। निडरता हमारी पहली पहचान है। जो डर जाए, वो देश के लिए क्या लड़ेगा? उन्होंने संसद में राघव चड्ढा की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को संसद में बोलने का सीमित समय मिलता है, लेकिन उस समय का इस्तेमाल देश बचाने के संघर्ष के बजाय एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने जैसे मुद्दों पर किया गया। अनुराग ढांडा ने दावा किया कि गुजरात में आप के सैकड़ों कार्यकर्ताओं को बीजेपी की सरकार और पुलिस ने गिरफ्तार किया, लेकिन इस मुद्दे पर राघव चड्ढा ने संसद में आवाज नहीं उठाई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में मताधिकार छीने जाने के मुद्दे पर जब सीईसी के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया, तो राघव चड्ढा ने उस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि जब आप ने संसद से वॉकआउट किया, तब भी राघव चड्ढा मौजूदगी दर्ज कराने के लिए सदन में बैठे रहे। अनुराग ढांडा ने तीखे शब्दों में कहा, पिछले कुछ सालों से तुम डर गए हो, राघव। देश के असली मुद्दों पर बोलने से डरते हो। इसके अलावा आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि वे संसद में सॉफ्ट कार्नर अपना रहे थे जबकि पार्टी को संसद में बोलने का सीमित समय मिलता है। सौरभ भारद्वाज ने भी चड्ढा पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या उन्होंने गुजरात में गिरफ्तार किए गए पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्थन में संसद में आवाज उठाई? उन्होंने यह भी सवाल किया कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र पर कथित हमलों के मुद्दे पर चड्ढा ने कोई ठोस पहल क्यों नहीं की। सौरभ भारद्वाज ने कहा, कि संसद में सीमित समय का उपयोग गंभीर मुद्दों को उठाने के लिए होना चाहिए, लेकिन राघव चड्ढा उस भूमिका में सक्रिय नहीं दिख रहे। यह भी आरोप लगाया गया कि जब पार्टी सांसद वॉकआउट करते हैं, तब भी चड्ढा सदन में मौजूद रहते हैं।
राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने और संसद में बोलने से रोके जाने के बाद सांसद राघव चड्ढा ने 3 अप्रैल को एक वीडियो संदेश जारी कर पलटवार किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए इस वीडियो में राघव चड्ढा ने कहा कि उन्हें खामोश जरूर किया गया है, लेकिन वे हारे नहीं हैं। राघव चड्ढा ने सीधे तौर पर आम आदमी पार्टी के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा, जब-जब मुझे संसद में बोलने का मौका मिला, मैंने आम लोगों से जुड़े मुद्दे उठाए। हो सकता है कि मैं ऐसे मुद्दे उठाता हूं, जिन पर आमतौर पर बात नहीं होती लेकिन क्या जनहित के मुद्दे उठाना कोई अपराध है? क्या मैंने कोई गलती की है? क्या मैंने कुछ गलत किया है? उन्होंने आगे कहा, मैं यह सवाल इसलिए पूछ रहा हूं, क्योंकि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर कहा है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने से रोका जाए। भला कोई मेरे बोलने पर रोक क्यों लगाना चाहेगा। मैं तो जब बात करता हूं, जनता के मुद्दे पर बात करता हूं, आम आदमी की बात करता हूं। राघव चड्ढा ने कहा कि मैंने तो एयरपोर्ट पर मिल रहे महंगे खाने की बात रखी। ब्लिंकिट-जोमैटो राइडर्स की बात रखी। मैंने टोल प्लाजा लूट से बैंक चार्जेस लूट की बात रखी।
राघव चड्ढा पिछले कुछ समय से संसद में जनहित से जुड़े कई मुद्दे जोर-शोर से उठा रहे थे। इसका एक वीडियो उन्होंने जारी किया था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट वीडियो में राघव को आम लोगों से जुड़े मुद्दे सदन में उठाते हुए दिखाया गया। इनमें पैटरनिटी लीव से लेकर मिडिल क्लास पर टैक्स को बोझ, मोबाइल डेटा की लिमिट, मिनिमम अकाउंट बैलेंस जैसे मसले शामिल हैं। इनके अलावा वीडियो में वह फ्लाइटों में एक्स्ट्रा बैगेज चार्ज, पेपर लीक, वायु प्रदूषण जैसे तमाम मुद्दे सदन में उठाने के वीडियो कंपाइल करके उन्होंने पोस्ट किए। वीडियो के आखिर में वह संसद से बाहर निकलते दिखाई दे रहे थे।
राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के कुल 10 सदस्य हैं, जिनमें से 7 पंजाब और 3 दिल्ली से हैं। उच्च सदन में पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बाद चैथी सबसे बड़ी पार्टी है। राघव चड्ढा, जो पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं, पार्टी की स्थापना से ही आप से जुड़े रहे हैं। उन्होंने 2012 में दिल्ली लोकपाल आंदोलन के दौरान अरविंद केजरीवाल के साथ काम करते हुए अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की थी। (अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



