ट्रम्प अब कर रहे हैं डैमेज कंट्रोल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर ना सिर्फ नरम पड़ गए हैं, बल्कि अमेरिका सरेंडर मोड में नजर आने लगा है। क्योंकि जहां ईरान एक तरफ लगातार युद्धविराम का उल्लंघन कर रहा है तो वहीं अमेरिका संधि प्रस्ताव लेकर ईरान का दरवाजा खटखटाने में लगा है। सवाल यही है कि क्या ट्रंप ने ईरान के जिद के आगे सरेंडर कर दिया या फिर ये कोई साजिश तो नहीं, क्योंकि अगर अतीत में झांके तो ट्रंप का चरित्र यू टर्न वाला रहा है। दुनिया में अमेरिकी सैन्य ताकत की पोल खुलने के बाद ट्रंप डैमेज कंट्रोल करने में जुट गए हैं। उनका कहना है कि असल में अमेरिका नहीं, बल्कि ईरान समझौते से बेकरार है। हालांकि, अमेरिकी मीडिया संस्थान ‘एक्सिओस’ की रिपोर्ट ने ट्रंप के इस दावे पर पर्दा उठाया है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच एक पन्ने के प्रस्ताव पर चर्चा जारी है और अगले 48 घंटों में डील हो सकती है। दोनों पक्षों के बीच 14 सूत्रीय फॉर्मूला तैयार है, जिस पर सहमति बनती नजर आ रही है।
फारस की खाड़ी में 40 दिनों तक चले युद्ध के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर का ऐलान तो हो गया है लेकिन इस जंग ने ईरान को एक ऐसी नई शक्ति के रूप में उभारा है, जिसने सुपरपावर अमेरिका की साख पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। भले ही ईरानी नेतृत्व पर अमेरिका ने चोट की हो, लेकिन न तो सत्ता परिवर्तन हुआ, न परमाणु मिशन रुका और न ही बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम खत्म हुआ। उल्टा, इस जंग ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण का अवसर दे दिया है। अमेरिका ने ऐलान किया कि उसका ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ पूरा हो चुका है और वह जंग को आगे नहीं बढ़ाना चाहता है।



