लेखक की कलम

बेजोड़ है योगी की कार्यशैली

राजनीति में समय और परिस्थिति के अनुकूल कार्यशैली अपनाने वाले ही सफल होते हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मामले मंे उदाहरण बन जाते हैं। उत्तर प्रदेश मंे जब राम मंदिर के चढ़ावे मंे चोरी का मामला विपक्ष की राजनीति का मुख्य आधार बना था, तब योगी आदित्यनाथ ने सरकार का पक्ष बहुत ही प्रभावशाली ढंग से रखा। उन्हांने विपक्षी दलों विशेषकर समाजवादी पार्टी को कठघरे मंे इस तरह खड़ा किया जिससे जनता का आक्रोश दिशा बदलने लगा है। मंदिर मंे चढ़ावा प्रकरण से प्रदेश ही नहीं देश भर मंे रामभक्तों को निराशा है लेकिन सपा सरकार मंे कारसेवकों पर गोली चलवाने और अयोध्या के हनुमान गढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ाने की कोशिश के पन्ने भी जनता को क्षुब्ध करते हैं। गत 10 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंचे और बीकापुर विधानसभा क्षेत्र मंे 432 करोड़ से अधिक की 217 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस के बाद आयेजित जनसभा मंे समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला। योगी ने कहा कि जो लोग आज आस्था की बात करते हैं, उन्होंने अयोध्या मंे हमारे पवित्र हनुमान गढी में नमाज पढ़वाने का प्रयास किया था। सीएम योगी ने कहा कि जरा सोचिए कि क्या कोई जामा मस्जिद में कोई हनुमान चालीसा का पाठ कर पाएगा? क्या यह कार्य कांग्रेस या समाजवादी पार्टी की सरकार करवा पाएगी? अगर नहीं करवा पाएगी तो अयोध्या में हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर ये पाप क्यों करवाया गया था? उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी ब्रजलाल ने कई सनसनीखेज खुलासे किये हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 10 जुलाई को अयोध्या पहुंचे। यहां सीएम योगी ने 432 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास हेतु आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान सीएम योगी ने जनता को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने तीखा हमला करते हुए सवाल किया कि सपा ने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ाने का पाप किया था, क्या ये जामा मस्जिद पर हनुमान चालीसा पढ़ा पाएंगे? सीएम योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या से विपक्ष पर जबदरस्त अटैक किया है। सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर अटैक करते हुए कहा कि उन्होंने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाई थी। सीएम योगी ने अयोध्या के लोगों से पूछा कि क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ हो सकता है। सीएम योगी ने अयोध्या में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, लंबे समय तक अयोध्या की उपेक्षा की गई। जो लोग आज भक्ति की बात करते हैं, उन्होंने ही हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ने का आयोजन किया था।
दरअसल तुष्टीकरण की राजनीति को लेकर राज्यसभा सदस्य व उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृजलाल ने समाजवादी पार्टी सहित कई ब्यूरोक्रेट्स पर निशाना साधा। इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर उन्होंने आरोप लगाया है कि वर्ष 2003 में मुलायम सिंह सरकार को खुश करने के लिए कई आइपीएस व आइएएस अधिकारियों ने अपने घरों में भी रोजा इफ्तार पार्टियों का आयोजन किया था। इतना ही नहीं तत्कालीन वामपंथी विचारधारा से जुड़े एक तत्कालीन आईजी ने अक्टूबर-नवंबर 2003 के बीच में अयोध्या में हनुमानगढ़ी के सामने नमाज पढ़ाने की कोशिश की थी, लेकिन फैजाबाद के तत्कालीन एसएसपी के विरोध के चलते यह संभव नहीं हो पाया।पूर्व डीजीपी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बीते दिनों सड़क पर नमाज पढ़ने पर लगाए गए प्रतिबंध का समर्थन किया है। उन्होंने एक मामले का जिक्र करते हुए कहा है कि मुलायम सिंह की सरकार के कार्यकाल में कुछ डीएम, एसएसपी, एसपी, कमिश्नर, डीआइजी, आइजी मुख्यमंत्री की नजरों में चढ़ने के लिए अपने सरकारी बंगलों में रोजा-इफ्तार कराने लगे थे। ब्रजलाल कहते हैं कि 27 अक्टूबर 2003 से 25 नवम्बर 2003 तक रमजान के दौरान लखनऊ में 1975 बैच के आइपीएस व आईजी जोन हनुमान गढ़ी के ठीक सामने इफ्तार करवाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने हनुमानगढ़ी के महंत को भरोसे में ले लिया था। इसके बाद हनुमानगढ़ी के सामने इफ्तार पार्टी और नमाज पढ़ने की योजना तैयार की गई। उस समय फैजाबाद के तत्कालीन एसएसपी ने हनुमानगढ़ी पर इफ्तार और नमाज पढ़ने के कार्यक्रम को मना कर दिया। इस मामले को लेकर आइजी व एसएसपी में काफी विवाद भी हुआ था। आइजी ने एसएसपी से कहा था कि यदि वे एसएसपी होते तो हनुमानगढ़ी के छत पर इफ्तार करवाते। काफी विवाद के बाद तय हुआ कि हनुमानगढ़ी के महंत अपने घर के अंदर इफ्तार कराएंगे। इसके बाद महंत के घर को जाने वाली तीनों सीढ़ियों पर नमाज के लिए चटाई बिछाई गई, लेकिन एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने चटाई उठाकर फेंक दी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की तुष्टीकरण की यह राजनीति कम लोग जानते हैं, लेकिन आज जब मुख्यमंत्री ने सड़कों पर नमाज पर प्रतिबंध लगाया है तो वह दौर याद आ गया कि किस प्रकार समाजवादी पार्टी व कांग्रेस सरकार के शासनकाल में तुष्टीकरण की राजनीति की जाती थी।
सीएम योगी ने कहा प्रभु श्रीराम की कृपा और पवनसुत हनुमान जी का भी असीम आशीर्वाद जब प्राप्त होता है तो अयोध्या के सारे काम अपने आप बढ़ते दिखाई देता है। कोई सोचता था, अयोध्या में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन पाएगा। ये समाजवादी पार्टी के लोग विरोध करते थे, एयरपोर्ट के नाम पर गुमराह करते थे, आज महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अयोध्या इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के सभी प्रमुख शहरों के साथ जुड़ चुका है।
अयोध्या में रैन बसेरा निषादराज गुह के नाम पर हो गया उनको यही बुरा लगता है कि निषादराज के नाम पर वो नहीं कर पाए। हमने तो यहां किया ही साथ ही श्रृंगवेरपुर में भगवान राम और निषादराज के मिलन की भव्य प्रतिमा बनवा कर रखी है, जिसको तुम कब्जा करवा रहे थे। वक्फ के नाम पर कब्जा करवा रहे थे, यही अंतर है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के लोगों ने मंदिर निर्माण में बाधा खड़ी की, राम के नाम पर प्रश्न खड़ा किया, रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं,
अयोध्या के नाम पर पहचान का संकट खड़ा किया। डबल इंजन की सरकार आई, भगवान राम का भव्य मंदिर का निर्माण हो गया, कोई रोक नहीं पाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या सोलर सिटी है, सूर्यवंश की राजधानी है। नए घाट से लेकर गुप्तार घाट तक घाटों की एक शृंखला, गुप्तार घाट जो पहले उपेक्षित था, अब सुंदर हो गया है। सूरज कुंड का हमने पुनर्रुद्धार किया है, मनसा साफ हो तो कार्य अपने आप होते हैं। नीति स्पष्ट हो तो नियंता सहयोग करता है, आज ये अयोध्या में दिखाई देता है। (अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)

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