सऊदी अरब ने भी इराक पर किये हमले
एक तरफ तो डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर के बीच ईरान ने खाड़ी में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला कर दिया है तो दूसरी तरफ सऊदी अरब के सब्र का भी बांध टूट गया है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 29 जुलाई को उसने अमेरिका के साथ मिलकर इराक में ईरान के समर्थित मिलिशिया ठिकानों पर हवाई हमले किए है। मंत्रालय के मुताबिक, इन समूहों का संबंध सऊदी अरब की तेल सुविधाओं पर हुए हमलों से था।
इससे पहले सऊदी रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि उसने इराक से उड़ाए गए कई ड्रोन को रास्ते में ही मार गिराया। ये ड्रोन पूर्वी सऊदी अरब की तेल सुविधाओं को निशाना बनाने के लिए भेजे गए थे। एक अलग बयान में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी कहा कि अमेरिका और सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने पूर्वी इराक में कई आतंकवादी ठिकानों, हथियारों के गोदामों और सामान पहुंचाने वाले ठिकानों पर हमले किये। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सऊदी अरब तनाव बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन उसके खिलाफ होने वाले किसी भी हमले का जवाब जरूर देगा। वहीं अमेरिकी सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि इन हमलों में उन समूहों को निशाना बनाया गया, जिन्हें ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स अमेरिका की सेना और सऊदी अरब की ऊर्जा सुविधाओं पर हमला करने के लिए निर्देश दे रही थी। यह कार्रवाई लगातार हो रहे ड्रोन हमलों के जवाब में की गई। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ईरान ने बिना किसी उकसावे के, वीकेंड से ही सऊदी अरब के सहयोगियों पर हमले करवाए थे। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली बार है, जब सऊदी अरब ने खुद स्वीकार किया है कि उसने इराक के अंदर हवाई हमले किए हैं।



