ट्रम्प का बोर्ड आफ पीस लाया रंग, हमास छोड़ेगा हथियार

मध्य पूर्व में लंबे समय से संघर्ष का केंद्र रहे गाजा में शांति लाने की कोशिशों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गठित किए गए बोर्ड ऑफ पीस और मध्यस्थता करने वाले देशों- मिस्र, कतर, तुर्की और अमेरिका ने ऐलान किया है कि हमास ने गाजा पट्टी में अगले चरण के सीजफायर को लागू करने के लिए एक विस्तृत रोडमैप पर अपनी सहमति दे दी है। इस योजना में खास बात ये है कि पहली बार हमास ने आधिकारिक तौर पर अपने सभी हथियार छोड़ने के लिए एक व्यावहारिक योजना पर काम करने का वादा किया है। जानकारी दी गई है कि इसके बाद इजरायल भी अपनी सेना को गाजा पट्टी से हटा लेगा।
उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी 2026 को, इजराइल और संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के विभिन्न शहरों पर एक संयुक्त हमला किया। इस ऑपरेशन का कूटनाम गर्जता हुआ शेर (इजराइल), यहूदा का शिल्ड (इजराइल), और ऑपरेशन एपिक फ्यूरी (अमेरिकी युद्ध विभाग) रखा गया। इस ऑपरेशन में ईरान के तेहरान, इस्फहान, कोम, करज और करमानशाह आदि नगरों के ऊपर मिसाइलों और बमों से आक्रमण किया गया। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) द्वारा इस हमले की पुष्टि की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने इजरायल के साथ ईरान पर हमले शुरू किए थे। उन्होंने आगे कहा कि इन आक्रमणों का उद्देश्य ईरान की मिसाइल और सैन्य क्षमताओं को नष्ट करना, उसे परमाणु हथियार प्राप्त करने से रोकना और अंततः शासन को गिराना था। उन्होंने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आई. आर. जी. सी.) के सदस्यों से प्रतिरक्षा के बदले में अपने हथियार डालने का आह्वान किया, चेतावनी दी कि इनकार का मतलब निश्चित मृत्यु होगा। शुरुआती हमलों में खास अधिकारियों, मिलिट्री कमांडरों और जगहों को निशाना बनाया गया, जिसमें सुप्रीम लीडर अली खामेनेई का कंपाउंड भी शामिल था।



