नेपाल सरकार से मृतकों के परिजनों का समझौता

नेपाल के सुनसरी में बीते दिनों दो समुदायों के बीच झड़प का मामला सामने आया। इस दौरान कई इलाकों में कर्फ्यू जैसे हालात हो गए। वहीं सुनसरी के कप्तानगंज में पुलिस की गोलीबारी में दो युवकों की मौत भी हो गई। अब दोनों युवकों की मौत के मामले में नेपाल सरकार और मृतकों के परिजनों के बीच 7 सूत्रीय समझौता हुआ है। यह समझौता 30 जुलाई देर रात सरकार की ओर से गृह मंत्री सुदन गुरुङ तथा मृतक ओमप्रकाश मेहता और जयप्रकाश मेहता के परिजनों के बीच संपन्न हुआ।देवानगंज गाउंपालिका के अध्यक्ष बेचन प्रसाद मेहता के अनुसार, समझौते पर गृह मंत्री सुदन गुरुङ, ओमप्रकाश मेहता के पिता कृष्णदेव मेहता और जयप्रकाश मेहता के पिता नरेश मेहता ने हस्ताक्षर किए। गौरतलब है कि सुनसरी जिले के देवानगंज गाउंपालिका स्थित कप्तानगंज में पुलिस फायरिंग के दौरान ओमप्रकाश मेहता और जयप्रकाश मेहता की मौत हो गई थी।
समझौते में कहा गया नेपाल सरकार दोनों मृतकों को शहीद घोषित करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करेगी तथा उनके परिवारों को प्रत्येक को 10 लाख नेपाली रुपये की राहत सहायता प्रदान करेगी। घटना की निष्पक्ष और प्रभावी जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का भी सरकार ने आश्वासन दिया है। इसके साथ ही देवानगंज गाउंपालिका स्थित मदरसे की कानूनी स्थिति की तत्काल जांच शुरू की जाएगी। वहां रह रहे दोषियों को कानून के दायरे में लाने की प्रतिबद्धता जताई गई है। दोनों शोकाकुल परिवारों के एक-एक योग्य सदस्य को सरकारी रोजगार का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। घटना की जांच के लिए गठित समिति की रिपोर्ट में शामिल सिफारिशों और सुझावों को भी कानून के अनुसार यथाशीघ्र लागू करने पर सहमति बनी है। भारत से सटे नेपाल के सुनसरी जिले में धार्मिक जुलूस के दौरान विवाद हो गया। यह विवाद सांप्रदायिक हिंसा में बदल गया। देखते ही देखते दो समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए। कई जगह पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ हुई। इस दौरान दो युवकों की मौत हो गयी थी।



