पंजाब में चन्नी ने मचाई हलचल

अगले साल 2027 मंे पंजाब विधानसभा के भी चुनाव होने हैं। कांग्रेस सत्ता मंे वापसी की तैयारी कर रही है। ऐसे माहौल मंे पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक मंे गैर हाजिर रहना सियासी गलियारों मंे चर्चा का विषय बन गया। प्रदेश अध्यक्ष को लेकर पार्टी मंे तनातनी जगजाहिर हो चुकी है, अब चन्नी का मामला कानाफूसी का कारण बन गया। इसी बीच पता चला कि चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से लोक प्रशासन मंे परीक्षा दे रहे हैं। यह उनकी स्नातकोत्तर मंे अंतिम परीक्षा है। वह राजनीति विज्ञान मंे पीएचडी कर चुके हैं। राज्य प्रभारी भूपेश बघेल ने चन्नी का पक्ष लेते हुए कहा कि इसमंे बुरा क्या है? यह तो दूसरों के लिए भी अनुकरणीय है।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी 19 अगस्त को एक अलग कारण से चर्चा में रहे। जहां दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, वहीं चन्नी चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की अंतिम परीक्षा देने पहुंचे। परीक्षा के कारण वह पार्टी की शीर्ष बैठक में शामिल नहीं हो सके। चन्नी इन दिनों लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे हैं और उन्होंने बताया कि परीक्षा पूरी होने के बाद वह लोक नीति सुधारों पर एक और पीएचडी करने की योजना बना रहे हैं। उनका कहना है कि पंजाब के प्रशासनिक ढांचे में सुधार को लेकर वह लगातार अध्ययन कर रहे हैं।
दिल्ली में आयोजित कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक को पंजाब कांग्रेस के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था। हालांकि चरणजीत सिंह चन्नी इसमें शामिल नहीं हो सके। चन्नी ने पहले ही स्पष्ट किया था कि उनकी पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स की अंतिम परीक्षा है और इसी कारण वह दिल्ली नहीं जा पाएंगे। उनका एडमिट कार्ड भी सामने आया था, जिसमें परीक्षा की तिथि का उल्लेख था। परीक्षा को लेकर चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा था, परीक्षा की तैयारी चल रही है। मेरी परीक्षा है। लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर की अंतिम परीक्षा है। लोक नीति सुधारों पर एक और पीएचडी करने जा रहा हूँ। उन्होंने यह भी बताया कि वह पहले ही पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ से राजनीति विज्ञान में पीएचडी कर चुके हैं। चन्नी के अनुसार, पंजाब सरकार के प्रशासन में नीतिगत सुधारों पर काम कर रहा हूँ, ताकि पंजाब को विकास के पथ पर वापस लाया जा सके।
पार्टी अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है और संगठन को मजबूत करने पर फोकस कर रही है। बैठक में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल हुए। इसके अलावा प्रताप सिंह बाजवा, सुखजिंदर सिंह रंधावा और विजय इंदर सिंगला जैसे वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक बैठक में 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति, संगठन की मजबूती और जमीनी स्तर पर पार्टी की स्थिति पर चर्चा की गई। कांग्रेस नेतृत्व पंजाब में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और आगामी चुनाव के लिए मुद्दों और रणनीति को अंतिम रूप देने के प्रयास में जुटा है। वहीं, पंजाब कांग्रेस लंबे समय से आंतरिक गुटबाजी की चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे हालात में कांगे्रस सत्ता में कैसे वापस आएगी यह राजा बडिं़ग को सोचना होगा।(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



