ईरान पर पहले इजरायल करे हमला: अमेरिका

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कुछ वरिष्ठ सलाहकार चाहते हैं कि अगर ईरान पर हमला करना हो तो पहले इजरायल हमला करे, उसके बाद अमेरिका कदम उठाए। यह दावा एक रिपोर्ट में किया गया है। प्रशासन के कुछ अधिकारियों का मानना है कि अगर इजरायल पहले हमला करता है तो ईरान जवाबी कार्रवाई करेगा। इससे अमेरिकी जनता के बीच ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए समर्थन बढ़ सकता है। ये भी सोचा जा रहा है कि अगर इजरायल पहले और अकेले हमला करे और ईरान उसके जवाब में अमेरिका को निशाना बनाए, तो कार्रवाई करने के कारण भी ज्यादा होंगे। वैसे इस बात से इनकार भी नहीं किया जा सकता क्योंकि इजरायल में बुधवार को 12 एफ-22 विमानों के लैंड होने की खबर आई थी। सोर्सेज ये भी कह रहे हैं कि अमेरिका- इजरायल मिलकर संयुक्त सैन्य अभियान भी चला सकते हैं, चाहे इजरायल पहले हमला करे या नहीं। पॉलिटिको की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई कितनी बड़ी होगी, यह अभी साफ नहीं है लेकिन अगर अमेरिका के हथियारों का भंडार कम होता है तो चीन भी ताइवान पर हमला करने की कोशिश कर सकता है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई के विकल्प तैयार तो कर रहे हैं लेकिन वे चिंतित भी हैं। हालांकि वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ सीधे टकराव से बचते हुए संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। एक सूत्र ने चेतावनी दी कि अगर ईरान में सत्ता परिवर्तन जैसे बड़े स्तर का हमला किया जाता है, तो ईरान पूरी ताकत से जवाब दे सकता है। मध्य पूर्व में अमेरिका की कई सैन्य संपत्तियां मौजूद हैं और वे सभी संभावित निशाने बन सकती हैं। कई रिपोर्ट्स ने कहा गया कि अमेरिका के ये ठिकाने इजरायल की आयरन डोम जैसी सुरक्षा प्रणाली से सुरक्षित नहीं हैं, इसलिए अमेरिकी सैनिकों के मरने का खतरा ज्यादा है। ऐसी स्थिति में सैन्य नुकसान तो होगा ही होगा अमेरिका के अंदर राजनीतिक जोखिम भी बढ़ सकता है।
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक जनरल केन ने सेना, नौसेना और वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ कई बैठकें की हैं। पेंटागन की आंतरिक चर्चाओं में उन्होंने ईरान पर बड़े हमले की स्थिति में उसके पैमाने, जटिलता और अमेरिकी सैनिकों के घायल होने की आशंका पर चिंता जताई है।



