मुलायम परिवार में एक और झगड़ा

परिवार की राजनीति में नेहरू-गांधी परिवार ही नहीं है बल्कि कई कुनबे शामिल हैं जिनके चर्चे भी किसी न किसी रूप मेें होते रहते हैं। मध्य प्रदेश में ग्वालियर राजवंश की चर्चा भी खूब हुई थी। अब तो पूरा परिवार भाजपा के साथ है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव के परिवार की भी चर्चा होती रहती है। पिछले वर्षों में चाचा शिवपाल और भतीजे अखिलेश यादव के सियासी झगड़े में मुलायम सिंह यादव बहुत परेशान हो गये थे। उनके जीवित रहने तक यह मामला नहीं सुलझ पाया था। अब मुलायम सिंह के दूसरे बेटे और बहू को लेकर झगड़ा शुरू हुआ है। मुलायम सिंह की कथित दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे प्रतीक को मुलायम सिंह ने बेटे का दर्जा दिया और प्रतीक यादव नाम भी मिला। प्रतीक की शादी मशहूर पत्रकार अरविंद सिंह विष्ट की बेटी अपर्णा के साथ हुई। दोनों में लम्बे समय तक प्रेम चला। अपर्णा यादव अति महत्वाकांक्षी हैं। समाजवादी पार्टी में उनको कोई महत्वपूर्ण पद नहीं मिल पाया तो उन्होंने भाजपा का दामन पकड़ लिया। इसके विपरीत प्रतीक यादव राजनीति में कोई रुचि नहीं रखते हैं। अपर्णा की चर्चा अभी हाल में उस समय भी हुई थी जब उन्होंने लखनऊ के केजीएमयू में कालेज प्रशासन को खरी-खोटी सुनाई थीं। वह यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। बहरहाल अब उनके पति प्रतीक यादव ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर अपर्णा को मतलवी औरत बताया और कहा कि उसके चलते उनके परिवार में विघटन की नौबत आ गयी है। प्रतीक यादव ने यह भी कहा कि वह अपर्णा यादव से तलाक लेने जा रहे हैं। इन पंक्तियों के लिखे जाने तक अपर्णा यादव की प्रतिक्रिया सामने नहीं आयी थी।
मुलायम सिंह यादव का परिवार हमेशा ही चर्चा में रहा। अखिलेश यादव जहां सपा का चेहरा बने, वहीं उनके छोटे बेटे प्रतीक ने राजनीति से पूरी तरह दूरी बनाई। राजनीतिक चर्चा से दूर वो जिम फ्रीक और डॉग लवर के रूप में जाने जाते हैं। वो लाइमलाइट से दूर ही रहना पसंद करते हैं, लेकिन उनकी पत्नी अपर्णा यादव बिष्ट हमेशा ही सुर्खियों में छाई रहती हैं। अपनी हाजिर जवाबी और बेबाक बयानों को लेकर अपर्णा चर्चाओं में रहती हैं। सपा का दामन छोड़ने के बाद वो योगी आदित्यनाथ के प्रभाव में आयीं और भाजपा नेता बनकर उबरीं। अपर्णा के इस फैसले ने यादव परिवार को निराश किया और उनसे दूरी भी बना ली। अब मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी अपर्णा यादव को तलाक देने का ऐलान कर दिया है।
प्रतीक यादव ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर अपर्णा यादव की तस्वीर पोस्ट करके लिखा, मैं जल्द से जल्द इस मतलबी औरत को तलाक देने जा रहा हूं। उसने मेरे पारिवारिक रिश्ते खराब कर दिए। वह बस मशहूर और प्रभावशाली बनना चाहती है। अभी मेरी मानसिक हालत बहुत खराब है और उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि उसे सिर्फ अपनी ही फिक्र है। मैंने इतनी बुरी आत्मा कभी नहीं देखी और मेरा दुर्भाग्य था कि मैंने उससे शादी की। प्रतीक यादव, सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई हैं लेकिन वह सक्रिय रूप से राजनीति से हमेशा से दूर रहे हैं। वह मुख्य रूप से व्यापार करते हैं और हाई प्रोफाइल लाइफ जीते हैं। अपने कारों के कलेक्शन की वजह से वह अक्सर चर्चा में रहते हैं। उनके पास कई लक्जरी गाड़ियां हैं। इसके विपरीत अपर्णा यादव सक्रिय राजनीति में हैं और बीजेपी की नेता हैं। वह चुनाव भी लड़ चुकी हैं। अपर्णा यादव वर्तमान में यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष भी हैं।
प्रतीक ने इंस्टाग्राम के जरिए अपर्णा पर गंभीर आरोप लगाए और उनसे अलगाव की बात कही। उन्होंने साफ किया कि वो उनसे अलग होना चाहते हैं और इसके पीछे की वजह अपर्णा का स्वार्थ है। उन्होंने ये भी कहा कि परिवार में अपर्णा की वजह से फूट पड़ी और उनकी मेंटल हेल्थ भी काफी खराब हुई है।
प्रतीक और अपर्णा की मुलाकात के पीछे एक दिलचस्प लव स्टोरी है, जिसका खुलासा खुद अपर्णा ने किया था। अपर्णा यादव ने एक इंटरव्यू के दौरान अपनी और प्रतीक यादव की लव स्टोरी को बड़े ही सादे और दिलचस्प अंदाज में साझा किया था। उनकी कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है, जिसे देखकर लगेगा कि इसमें दिखावा नहीं बल्कि सच्ची भावनाएं है और समय की कसौटी पर खरा उतरा रिश्ता नजर आएगा, जो अब प्रतीक के दावों से बिल्कुल अलग है। अपर्णा यादव और प्रतीक यादव अलग-अलग स्कूलों में पढ़ते थे, लेकिन लखनऊ में होने वाले कुछ स्कूल प्रोग्राम्स और आयोजनों के दौरान उनकी मुलाकातें हो जाया करती थीं। शुरुआत में यह सिर्फ एक सामान्य पहचान थी। उस वक्त अपर्णा को यह बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि प्रतीक यादव, समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेटे हैं। दोनों की दोस्ती कुछ कॉमन फ्रेंड्स के जरिए आगे बढ़ी और धीरे-धीरे बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ। लखनऊ में हुई उनकी स्कूलिंग ने दोनों के बीच एक साझा बैकग्राउंड भी तैयार किया, जिससे वे एक-दूसरे को बेहतर समझ पाए। यह वह दौर था जब न तो व्हाट्सएप था और न ही फेसबुक या इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स। लोगों के बीच बातचीत के लिए ईमेल और फोन कॉल्स ही सबसे बड़ा जरिया हुआ करते थे। साल 2001 में एक बर्थडे पार्टी के दौरान प्रतीक यादव ने अपर्णा से उनका ईमेल एड्रेस मांगा। कुछ ही दिनों बाद अपर्णा ने अपने मेल बॉक्स में प्रतीक का एक ईमेल देखा, जिसने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। उस ईमेल में प्रतीक ने बड़े ही सीधे और सच्चे शब्दों में अपने प्यार का इजहार किया था। यहीं से दोनों की लव स्टोरी की असली शुरुआत हुई। ईमेल से शुरू हुआ यह रिश्ता वक्त के साथ और गहरा होता चला गया। अपर्णा और प्रतीक करीब 10 साल तक रिलेशनशिप में रहे और इस लंबे समय के दौरान दोनों ने एक-दूसरे को हर परिस्थिति में समझा और संभाला। साल 2011 में अपर्णा और प्रतीक शादी के बंधन में बंध गए। उनकी शादी उस समय उत्तर प्रदेश की सबसे हाई-प्रोफाइल शादियों में गिनी गई। अपर्णा यादव न सिर्फ एक राजनीतिक परिवार की बहू हैं, बल्कि उन्होंने अपनी पहचान खुद भी बनाई है। उन्होंने मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशंस और पॉलिटिक्स में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके साथ ही अपर्णा एक ट्रेंड क्लासिकल सिंगर भी हैं। साल 2017 में उन्होंने विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाई थी, हालांकि भाजपा उम्मीदवार रीता बहुगुणा जोशी के सामने उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। यहीं से पति-पत्नी में विवाद बढ़ा।
प्रतीक ने अपने हालिया पोस्ट में कहा, मैं इस मतलबी औरत को जल्द से जल्द तलाक देने जा रहा हूं। उसने मेरे परिवार के रिश्ते खराब कर दिए। वह बस मशहूर और पॉवरफुल बनना चाहती है। क्योंकि उसे सिर्फ अपनी ही चिंता है। मैंने इतनी बुरी औरत कभी नहीं देखी, और मैं बदकिस्मत था कि मेरी शादी उससे हुई।
(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



