बीएलए की महिला फिदाईन थीं आसिफा व हवा

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। बीएलए ने दावा किया है कि इन हमलों में 200 से अधिक पाकिस्तानी सुरक्षा बल के जवान मारे गए हैं। हमलों को लेकर बलूच लिबरेशन आर्मी ने अपने 2 हमलावरों की तस्वीरें जारी कीं। ये दोनों महिलाएं हैं, जिनमें से एक की पहचान 24 साल की आसिफा मेंगल के रूप में हुई है और दूसरी हवा बलूच हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी कहा कि 2 हमलों में महिला हमलावर शामिल थीं। बीएलए ने एक बयान में कहा कि आसिफा मेंगल मोहम्मद इस्माइल की बेटी थी और बलूचिस्तान के नोशकी की रहने वाली थी। 2 अक्टूबर, 2002 को जन्मी मेंगल अपने 21वें जन्मदिन पर बीएलए की मजीद ब्रिगेड में शामिल हुई थी। मेंगल ने जनवरी 2024 में एक फिदायीन (आत्मघाती हमलावर) बनने का फैसला किया था। मेंगल ने 31 जनवरी को नोशकी में आईएसआई हेडक्वार्टर को निशाना बनाते हुए ऑपरेशन पूरा किया था।
आसिफा मेंगल के अलावा, हवा बलूच का नाम भी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने जारी किया है। हवा बलूच बीएलए की मजीद ब्रिगेड की सदस्य थीं और ऑपरेशन हेरोफ के दौरान ग्वादर फ्रंट में हिस्सा लिया था। अलग-अलग रिपोर्टों से पता चलता है कि सशस्त्र आंदोलन में शामिल होने से पहले हवा एक लेखिका और बुद्धिजीवी थीं। उनके पिता पहले बलूच सशस्त्र संघर्ष में शामिल थे और सालों पहले लड़ाई में मारे गए थे।इस बीच, बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने कहा है कि उसने ऑपरेशन हेरोफ 2.0 का दूसरा चरण शुरू किया है, जिसमें पूरे बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को निशाना बनाया गया है।



