विश्व-लोक

सऊदी के क्राउन प्रिंस के समक्ष चुनौतियां

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान इन दिनों बहुत चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। सऊदी यूएई के मुकाबले तेजी से बढ़त ले रहा है। हाल ही में सऊदी ने अल्जीरिया के साथ कई डील करने की घोषणा की है। वहीं अल्जीरिया ने यूएई को पुराने समझौते रद्द करने का ऐलान किया। डठै देश की अर्थव्यवस्था और समाज में बड़े बदलाव लाना चाहते हैं, लेकिन उनकी योजनाएं अधूरी पड़ती दिख रही है। ऐसा होने के पीछे 3 अहम वजहें सामने आई हैं।
पहली वजह है कि कई बड़ी और महंगी परियोजनाएं अब काम नहीं कर रही हैं। ये प्रोजेक्ट्स पहले देश की अर्थव्यवस्था को तेल पर निर्भरता से दूर करने और आधुनिक बनाने के लिए शुरू किए गए थे। हालांकि तेल की कीमत लगभग 65 डॉलर प्रति बैरल होने के कारण कई योजनाएं महंगी और असंभव साबित हो रही हैं। इनमें नए शहर बनाने, पर्यटन और तकनीक में निवेश बढ़ाने जैसी योजनाएं शामिल हैं। इन्हें पूरा करना अब मुश्किल हो गया है। सियासी स्थिति भी उनके लिए चुनौतीपूर्ण है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का खतरा उनकी योजनाओं और तेल उत्पादन को सीधे प्रभावित कर सकता है। अगर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनती है, तो इसका असर सऊदी अरब की सुरक्षा और आर्थिक प्रोजेक्ट्स पर पड़ेगा। इस वजह से क्राउन प्रिंस हर कदम सोच-समझकर उठा रहे हैं। सऊदी अरब का शाही अल सऊद परिवार संपत्ति के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे अमीर परिवार है। 15 हजार सदस्यों वाले परिवार में सत्ता के करीब 100 लोग हैं। अधिकतर लोग तेल और ऊर्जा कारोबार, रियल एस्टेट, बिजनेस और निवेश जैसे सेक्टर से जुड़े हैं। परिवार के 5 सदस्य सत्ता के शीर्ष पदों पर काबिज हैं। इनमें सलमान बिन अब्दुल अजीज (किंग) और मोहम्मद बिन सलमान (क्राउन प्रिंस) का नाम प्रमुख है। शाही परिवार की एक अरब से ज्यादा की संपत्ति अकेले क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के पास है।

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