ताइवान पर चीन करेगा कब्जा, ताइपे बचाएगा संप्रभुता

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नए साल पर देश को संबोधित किया। इस दौरान शी जिनपिंग ने ताइवान पर कब्जे का संकल्प दोहराया। साथ ही जिनपिंग ने तकनीक के मामले में आत्मनिर्भर बनने की बात कही, जिसमें एआई और सेमीकंडक्टर जैसी तकनीकों में विकास करने की बात भी कही। अपने संबोधन में शी जिनपिंग ने तकनीक के मामले में देश के विकास को सराहा, जिनमें खासकर सैन्य तकनीक और अंतरिक्ष के क्षेत्र में देश की उपलब्धियों की जमकर तारीफ की। शी ने पिछले पांच वर्षों में देश की आर्थिक तरक्की में योगदान देने के लिए चीनी लोगों को धन्यवाद दिया और कहा, हमने नवाचार के जरिए उच्च गुणवत्ता विकास को बढ़ावा देने की कोशिश की। शी जिनपिंग ने नए साल के संबोधन में ताइवान पर कब्जे की बात दोहाई। ताइवान एक स्व-शासित लोकतंत्र है, जिसे चीन अपना हिस्सा बताता है। शी जिनपिंग ने ताइवान पर कब्जे के बीजिंग के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा, ताइवान जलडम-मध्य के दोनों किनारों पर हम चीनी खून और संबंधों का बंधन साझा करते हैं। हमारी मातृभूमि का एकीकरण रोका नहीं जा सकता और यह समय की मांग भी है। गौरतलब है कि चीन ने इस हफ्ते ही ताइवान की सीमा के आसपास दो दिनों तक सैन्य अभ्यास किया और नौसैन्य जहाज भी भेजे। चीन का यह कदम ऐसे समय सामने आया, जब अमेरिका, ताइवान को बड़े पैमाने पर हथियारों की बिक्री की योजना बना रहा है। वहीं, ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने अपने नए साल के भाषण में चीन की विस्तारवादी महत्वाकांक्षाओं का विरोध किया और ताइवान की आत्मरक्षा को मजबूत करने का वादा किया। लाई ने नए साल के संबोधन में कहा, चीन की बढ़ती विस्तारवादी महत्वाकांक्षाओं के सामने, अंतरराष्ट्रीय समुदाय यह देख रहा है कि क्या ताइवानी लोगों में खुद की रक्षा करने का संकल्प है।



