लेखक की कलम

कार्यकर्ताओं को स्तम्भ मानते हैं धर्मपाल

इसमें कोई संदेह नहीं कि पार्टी के कार्यकर्ता ही उसकी असली ताकत होते हैं। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह इस बात को बखूबी समझते हैं और पार्टी के कार्यकर्ताओं को एक स्तम्भ मानते हैं। प्रदेश में अगले साल अर्थात् 2027 में विधानसभा के चुनाव होने हैं। महामंत्री धर्मपाल ने अभी से चुनाव की तैयारी प्रारम्भ कर दी है। इस संदर्भ में वह जनपद स्तर पर भी जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव की रणनीतियों पर चर्चा करते रहते हैं। गत महीने बाराबंकी सदर विधानसभा की बैठक भाजपा कार्यालय मंे सम्पन्न हुई थी। धर्मपाल सिंह जिलों में प्रवास करके गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखते हैं। मतदाता सूची से लेकर बूथ प्रबंधन तक को देख रहे हैं। यह उनके कार्य करने का स्वाभाविक तरीका है।
हाल ही में बाराबंकी जिले में हुए कार्यकर्ता सम्मेलन में संगठन महामंत्री ने कहा कि जिस तरह चुनाव के समय एक साथ सभी बूथों पर हम मिलकर काम करते हैं, उसी प्रकार सक्रियता बनाकर मतदाता सूची को लेकर भी काम करना होगा। उन्हांेने कहा कि ड्राफ्ट मतदाता सूची का गहनता से
अध्ययन करके किसी भी समस्या का त्वरित निदान भी करना होगा। उन्हांेने एसआईआर को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह अभियान सिर्फ बीएलए टू बूथ अध्यक्ष तथा बूथ प्रवासी की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि भाजपा के सभी नेताओं, पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की भी जिम्मेदारी है। धर्मपाल का मानना है कि बड़ा नेता वही है जिसे अपने बूथ के एक-एक मतदाता की पूरी जानकारी हो। उन्हांेने कहा कि जब तक बूथ के सभी मतदाताओं का नाम मतदाता सूची मंे न जुड़ जाए, तब तक चैन से नहीं बैठना है। इससे पता चलता है कि भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) किसी कार्य को कितनी गंभीरता से लेते हैं और अपने कार्यकर्ताओं को उत्साह से लबरेज करने की क्षमता रखते हैं।
पार्टी कार्यकर्ता का उनकी नजर मंे बहुत महत्व है। धर्मपाल कहते हैं भाजपा कार्यकर्ता राष्ट्रवादी विचारधारा के
ध्वजवाहक हैं। कार्यकर्ताओं की मेहनत के बल पर ही भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है। बूथ
अध्यक्ष को वह पार्टी की रीढ़ मानते हैं। धर्मपाल ने पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों से कह रखा है कि वे बूथ अध्यक्षों से बेहतर समन्वय रखें। भाजपा की जनकल्याणकारी योजनाएं जन-जन तक तभी पहुंचेंगी जब कार्यकर्ता
और पदाधिकारी मिलकर काम करेंगे। धर्मपाल कार्यकर्ताओं से मिलते हैं और उनकी बात भी ध्यान से सुनते हैं।
वह माइक्रो मैनेजमेंट वाले नेता माने जाते हैं।
झारखंड के महामंत्री संगठन रहे धर्मपाल को अगस्त 2022 में यूपी की कमान मिली थी। उन्हें यूपी में काम करने का लंबा अनुभव है। लोकसभा चुनाव 2024 में प्रदेश मंे कठिन चुनौती थी। धर्मपाल ने उन खामियों को अब दुरुस्त कर लिया है। क्योंकि उनके पास विद्यार्थी परिषद का अच्छा अनुभव है। वो भी पूरब और पश्चिम दोनों क्षेत्रों का। इन इलाकों में इन्होंने कई छात्रसंघ चुनाव भी लड़ायें हैं। कई आंदोलन भी किये हैं। इसके अलावा कई प्रदेशों का अनुभव इनके पास है। वह मूलरूप से बिजनौर के ही रहने वाले हैं। मैकेनिकल इंजीनियर की पढ़ाई करने के बाद धर्मपाल 1984 में आरएसएस की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े। उन्होंने 1990 से देहरादून से पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में कार्य शुरू किया था। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के संयुक्त क्षेत्रीय संगठन मंत्री रहे। उत्तराखंड, पश्चिम उत्तर प्रदेश, ब्रज और पूर्वी उत्तर प्रदेश के संगठन मंत्री रहे। धर्मपाल को जुलाई 2017 में झारखंड में भाजपा के संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी मिली। पहली बार नगर निगमों, जिला परिषदों में भाजपा को जीत दिलाई। इसके बाद 2020 के बिहार विधानसभा, 2021 के असम विधानसभा और 2022 के उत्तर विधानसभा चुनावों में भी भाजपा को जीत दिलाने में धर्मपाल ने बड़ी भूमिका निभाई।
धर्मपाल सिंह के साथ संघ से जुड़े रहे उनके एक साथी बताते हैं कि धर्मपाल सिंह सैनी कार्यकर्ताओं के बीच बेहद सुलभ सरल और सहज हैं, सभी कार्यकर्ताओं को उनके नाम से बुलाने की उनकी अद्भुत क्षमता है।
धर्मपाल सिंह बिजनौर जिले के नगीना तहसील के हूर नंगला गांव के रहने वाले हैं। राजनीति से पहले प्रदेश संगठन महामंत्री ने इसी जिले से अपनी शिक्षा पूरी कर राजनीति में हिस्सा लिया। आजमगढ़ से उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।
प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह का मानना है कि भाजपा नेशन फर्स्ट को लेकर काम करती है। आज देश व प्रदेश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। आज पूरी दुनिया में भारत का डंका बज रहा है। भाजपा के गांव-वार्ड चलो अभियान यूपी में धर्मपाल के नेतृत्व मंे सफलतापूर्वक चला। इस अभियान मंे उन्होंने कहा कि हमको विपक्ष के हर षडयंत्र को चकनाचूर करना होगा। भाजपा वादों को पूरा करने वाला राजनीतिक दल है। उन्होंने कहा आज सरकार की योजना का लाभ बिना भेदभाव गरीबों तक पहुंचा है। भाजपा कार्यकर्ता आधारित संगठन है और भाजपा में कोई भी कार्यकर्ता किसी भी पद तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा के परिश्रमी कार्यकर्ताओं के परिश्रम से ही भाजपा विश्व का सबसे बड़ा राजनैतिक दल बना। उन्होंने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता अनवरत जनता से संपर्क व संवाद के माध्यम से जुड़ा रहता है और यही विशेषता पार्टी को बूथ स्तर पर मजबूत करती है। हमें एक-एक घर और एक-एक व्यक्ति तक संपर्क करते हुए मोदी-योगी सरकार की योजनाएं भी पहुंचाना है तथा सभी को विचारधारा से जोड़ते हुए पार्टी से जोड़ने का काम भी करना है।
अभी 1 फरवरी को मोदी सरकार का बजट वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रस्तुत किया। धर्मपाल ने इस बजट भाषण को पहले ध्यान से सुना फिर पार्टी कार्यकर्ताओं से बजट की भावना जन-जन तक पहुंचाने की अपील की। धर्मपाल सिंह ने बजट का स्वागत
करते हुए कहा कि इसमें पं. दीनदयाल उपाध्याय के अन्त्योदय दर्शन के मूल में गरीब, वंचित वर्ग के आर्थिक व सामाजिक उत्थान का सिद्धान्त तथा वैभवशाली राष्ट्र निर्माण का संकल्प
निहित है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं
का आह्वान किया कि इस बजट
को सशक्त भारत, समृद्ध भारत और विकसित भारत के निर्माण के लिए एक अवसर के रूप में स्वीकार करें और इसकी भावना को जन-जन तक पहुंचायें। इस प्रकार प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल पार्टी कार्यकर्ताओं
पर विशेष ध्यान देते हैं और संगठन
का सरकार से समन्वय भी बनाए
हुए हैं।
(मनीषा-हिफी फीचर))

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