लेखक की कलम

कार्यकर्ताओं को चुस्त कर रहे धर्मपाल

एक अच्छे सेनापति की पहचान यही है कि युद्धकाल के अलावा भी अपने सैनिकों को चुस्त-दुरुस्त रखे। उत्तर प्रदेश मंे भारतीय जनता पार्टी के महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने के लिए किसी न किसी रूप मंे प्रयास करते रहते हैं। आगामी 6 से 12 अप्रैल तक भाजपा का 47वां स्थापना दिवस समारोह मनाया जाएगा। इसके लिए पार्टी बूथ से लेकर जिला और प्रदेश तक तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित करेगी। हर जिले मंे सक्रिय कार्यकर्ता सम्मेलन किया जाएगा। इसके साथ ही ग्राम चैपालों का आयोजन भी होगा। सांसद-विधायक समेत पार्टी कार्यकर्ता जनता के बीच जाएंगे। जनप्रतिनिधि अपने कार्यों के साथ केन्द्र और योगी सरकार की उपलब्धियां जन-जन तक पहुंचाएंगे। गांव और बस्ती चलो अभियानों के जरिए लोगांे तक पहुंचने का प्रयास होगा। इस बीच मौसम तेजी से बदल रहा है। हालांकि बारिश भी हुई लेकिन गर्मी में बाहर निकलना बहुत मुश्किल होगा। महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह जानते हैं कि प्रदेश मंे अगले साल ही विधानसभा का चुनाव भी होना है और उससे पहले पंचायत चुनाव हो सकते हैं। इसलिए धर्मपाल सिंह ने योजना बनायी है कि हर सांसद और विधायक को तीन से चार गांवों में जाना होगा। उन्हांेने स्थापना दिवस के कार्यक्रमों को लेकर तैयारी बैठक, उसमें अपेक्षित श्रेणी सहित अन्य तमाम जानकारियां दी हैं। वर्चुअल बैठकें भी हो रही हैं। धर्मपाल सिंह कहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस तरह देश और प्रदेश के विकास की राजनीति का आगाज किया है, उसे जन-जन तक पहुंचाना है। महामंत्री संगठन धर्मपाल किसी भी काम को बहुत ही सुनियोजित तरीके से करते हैं। अब तक की उनकी कार्यशैली यही दर्शाती है। भाजपा की स्थापना 6 अप्रैल 1980 को नई दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान मंे की गयी थी। पंडित अटल बिहारी बाजपेयी प्रथम अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। मौजूदा समय मंे नितिन नवीन अध्यक्ष हैं।
भाजपा के इतिहास पर गौर करें तो साल 1980 में जब इंदिरा गांधी ने फिर से सत्ता में वापसी की, तब उप प्रधानमंत्री रहे जगजीवन राम ने 28 फरवरी को घोषणा की थी कि वो आरएसएस के साथ दोहरी सदस्यता के मुद्दे को नहीं छोड़ेंगे। इसके बाद अप्रैल की 5 और 6 तारीख को दिल्ली में जनता पार्टी के घटक जनसंघ ने बैठक की, जिसमें करीब तीन हजार सदस्यों ने भाग लिया और यहीं भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की स्थापना की घोषणा की गई थी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की स्थापना 1980 में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी। भाजपा एक राष्ट्रीय पार्टी है और संघ परिवार की प्रमुख सदस्य है। भाजपा का इतिहास और भावना भारतीय जनसंघ से जुड़ी हुई है। भाजपा की पूर्ववर्ती पार्टी भारतीय जनसंघ (बीजेएस) की स्थापना 1952 में हुई थी, जिसने भारत के पहले लोकसभा चुनाव में 3 सीटें जीती थीं और 24 वर्षों तक एक राजनीतिक दल के रूप में अस्तित्व में रही। बाद में, 1977 में बीजेएस का जनता पार्टी में विलय हो गया और गठबंधन सरकार बनाई। 1979 में जनता पार्टी की गठबंधन सरकार के पतन के बाद भाजपा का गठन हुआ।
एक ही उद्देश्य के लिए इतनी बड़ी पार्टी का निर्माण करने वाले व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि महान दूरदर्शी, विद्वान और नेता डॉ। श्यामा प्रसाद मुखर्जी थे, जिन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय से प्रेरणा ली थी। पंडित जी एक दूरदर्शी नेता थे और उन्होंने 1953 से 1968 तक तत्कालीन बीजेएस पार्टी का मार्गदर्शन किया। आरएसएस और पूर्ववर्ती भारतीय जनसंघ से प्रेरणा लेते हुए, भाजपा देश की एकता, अखंडता, इसकी अंतर्निहित विशिष्टता, सामाजिक शक्ति, व्यक्तिगत चरित्र और सांस्कृतिक विशिष्टता के प्रति समर्पित है, जो भारत की विशेषता रही है।
देश ने बाहरी ताकतों के अनेक आक्रमण और अत्याचार देखे हैं। इसने निडरता से हर चुनौती का सामना किया है और अपनी मूलभूत सभ्यता और सांस्कृतिक मूल्यों का ध्वज बुलंद रखा है। इतिहास भारतीय भावना, छत्रपति शिवाजी की देशभक्ति, महाराणा प्रताप, लक्ष्मीबाई और गुरु गोविंद सिंह की वीरता का साक्षी है। स्वामी दयानंद सरस्वती और स्वामी विवेकानंद ने इसी भावना को आगे बढ़ाया। लोकमान्य तिलक, महात्मा गांधी, श्री अरबिंदो और अन्य लोगों ने मातृभूमि के प्रति देशभक्ति के अपने सरल लेकिन शक्तिशाली संदेश से इतिहास रचा है।सभी के लिए न्याय और किसी का तुष्टीकरण नहीं” के सिद्धांत पर चलने वाले संघ (आरएसएस) की स्थापना डॉ। के।बी। हेडगेवार (डॉक्टरजी) ने 1925 में की थी और 1940 के बाद एम।एस। गोलवलकर (गुरुजी) ने इसे और मजबूत किया। यह हिंदू पहचान और संस्कृति को देश की नींव मानता है। संघ के लिए, सभी भारतीय, चाहे वे किसी भी धर्म, क्षेत्र, जाति या पंथ के हों, समान हैं।
भाजपा के पहले अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी 16 से 31 मई 1996 तक भारत के ग्यारहवें प्रधानमंत्री रहे और उन्होंने 19 मार्च 1998 से 13 मई 2004 तक पुनः इस पद पर कार्य किया। वाजपेयी उन गिने-चुने भारतीय प्रधानमंत्रियों में से एक हैं जिन्होंने समाज पर उल्लेखनीय प्रभाव छोड़ा है। अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता हैं।
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के 9 साल (2017-2026) का कार्यकाल कानून व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और सुशासन पर केंद्रित रहा है। सरकार ने 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और 17,000 से अधिक नए कारखानों की स्थापना के माध्यम से औद्योगिक क्रांति का दावा किया है। प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि, माफिया-मुक्त राज्य और 9.12 लाख करोड़ रुपये का बजट मुख्य उपलब्धियों में शामिल हैं। राज्य में दंगा-मुक्त माहौल और संगठित अपराध पर नकेल को सबसे बड़ी उपलब्धि माना जाता है। पिछले 70 वर्षों की तुलना में 9 वर्षों में 17,841 नए कारखाने पंजीकृत हुए, जिससे यूपी एक प्रमुख औद्योगिक राज्य बना। इसी प्रकार 9 लाख से ज्यादा सरकारी नौकरियां और 16 लाख से अधिक लोगों को निजी क्षेत्र में रोजगार मिला है। एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर और हवाई अड्डों का जाल बिछाया गया।
यूपी मंे प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और यूपी राजस्व अधिशेष राज्य बना। गरीबों के लिए आवास (पीएम आवास), मुफ्त राशन, और श्रमिकों के लिए अटल आवासीय विद्यालय की शुरुआत की गई। इन 9 वर्षों को बीजेपी ने नवनिर्माण के 9 वर्ष के रूप में चिन्हित किया है, जिसमें डबल इंजन सरकार ने यूपी को देश के प्रमुख ग्रोथ इंजन के रूप में स्थापित किया है।
महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह कहते हैं कि योगी सरकार नौ वर्षों के कार्यकाल में गरीब कल्याण योजनाओं से अंत्योदय यानी समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान का संकल्प, सिद्धि में बदलता दिखा है। योगी सरकार के विजन और मिशन ने न केवल बुनियादी ढांचे को बदला है, बल्कि दशकों से उपेक्षित समुदायों के जीवन में खुशहाली का नया सवेरा लाया है। योगी सरकार में श्रमिकों की स्थिति में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है। श्रमिक हित की सरकारी योजनाओं के साथ ही सबसे बड़ा कदम श्रमिकों के पाल्यों की उत्कृष्ट शिक्षा के लिए उठाया गया है। सीएम योगी द्वारा राज्य स्तर पर चलाई गई मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत भी 2653 गरीब ग्रामीणों को पक्के आवास की सुविधा दी गई है। ग्रामीण गरीबों के अतिरिक्त शहरी क्षेत्र में भी 52 हजार से अधिक जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी से लाभान्वित किया गया है। गरीब परिवार की बिटिया की शादी के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना भी अंत्योदय का माध्यम बनी है। इन उपलब्धियों को भाजपा के स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button