नेपाल में बालेन शाह के खिलाफ जेनजेड का प्रदर्शन

नेपाल में एक बार फिर जनता सड़कों पर आ चुकी है। कुछ महीने पहले चुनी गई बालेन शाह की अगुआई वाली सरकार का लोग विरोध कर रहे हैं। नेपाल में मार्च के महीने में चुनाव हुए थे, जिनमें बालेन शाह को प्रचंड बहुमत मिला था, लेकिन अब जनता उनके खिलाफ हो गई है। इसकी सबसे बड़ी वजह प्रशासन का सख्त रवैया है। नेपाल में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई कर रहा है। इस वजह से गरीबों और बेघर लोगों को परेशानी हो रही है। इसी वजह से जनता प्रदर्शन कर रही है। 12 जुलाई को सरकार द्वारा भूमिहीन झुग्गीवासियों के लिए वैकल्पिक पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना उन्हें हटाए जाने के फैसले के विरोध में सैकड़ों लोगों ने रविवार को प्रदर्शन किया। संयुक्त राष्ट्रीय भूमिहीन मोर्चा के आह्वान पर आयोजित यह प्रदर्शन काठमांडू में सिंहदरबार सचिवालय के सामने स्थित मैतीघर मंडला में हुआ। प्रदर्शनकारियों ने गरीबों पर अत्याचार बंद करो, मानवाधिकारों का सम्मान करो, अवैध गिरफ्तारियां बंद करो और भूमिहीन झुग्गीवासियों को आश्रय दो जैसे नारे लिखी तख्तियां हाथों में ले रखी थीं।
काठमांडू के कीर्तिपुर स्थित सरकार के एक अस्थायी आवास केंद्र में बाढ़ से पानी भर गया। इसके बाद सुरक्षाबलों की मदद से वहां रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। वहां करीब 150 भूमिहीन झुग्गीवासी रह रहे थे। घटना की जानकारी लेने के लिए जेन जेड से जुड़े युवा कार्यकर्ता अगले दिन वहां पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान एक कार्यकर्ता के चेहरे पर चोट लगी, जिसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगन कुमार थापा ने कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की आलोचना करते हुए पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताई और गिरफ्तार लोगों को तत्काल रिहा करने की मांग की। कोशी प्रांत में मोरांग जिला पुलिस कार्यालय के मुख्य द्वार पर जेन जेड कार्यकर्ताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध में धरना दे रहे 26 लोगों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले, अप्रैल में सरकार ने काठमांडू घाटी सहित देश के विभिन्न हिस्सों में भूमिहीन लोगों की झुग्गियां और अन्य अस्थायी ढांचे हटाकर उन्हें बेदखल कर दिया था।



