जर्मनी के मेले में भारत को सर्वश्रेष्ठ देश का सम्मान

जर्मनी के नूरेमबर्ग में आयोजित जैविक उत्पादों के विश्व के अग्रणी व्यापार मेले बायोफैच 2026 में भारत को प्रतिष्ठित ‘वर्ष का सर्वश्रेष्ठ देश’ का सम्मान प्रदान किया गया है। यह सम्मान 14 वर्षों के बाद वैश्विक जैविक कृषि के केंद्र में भारत की वापसी का प्रतीक है। बायोफैच 2026 आगामी 13 फरवरी तक चलेगा। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण द्वारा आयोजित भारत पवेलियन में निर्यातक, किसान उत्पादक संगठन और राज्य सरकार के निकायों सहित 67 सह-प्रदर्शक शामिल होंगे। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा कि मेले में भारत की भागीदारी समृद्ध कृषि विरासत और जैविक उत्पादों के प्रमुख वैश्विक आपूर्तिकर्ता के रूप में देश की ताकत को उजागर करेगी। भारत पवेलियन में 20 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदर्शक भाग ले रहे हैं, जो देश की व्यापक कृषि और क्षेत्रीय विविधता को दर्शाते हैं।इसमें चावल, तिलहन, जड़ी-बूटियाँ, मसाले, दालें, काजू, अदरक, हल्दी, बड़ी इलायची, दालचीनी, आम की प्यूरी और एसेंशियल ऑयल जैसे कई प्रकार के जैविक उत्पाद प्रदर्शित किए जाएँगे।
उधर, रूस ने ब्रिक्स में भारत की अध्यक्षता का सक्रिय रूप से समर्थन करने की बात कही है। साथ ही नई दिल्ली के एजेंडे को आधुनिक और अत्यंत प्रासंगिक बताया है। इसमें आतंकवाद-रोधी उपायों और ऊर्जा सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि भारत वर्तमान वैश्विक चुनौतियों से निपटने के साथ-साथ भविष्य की तैयारी करने वाले मुद्दों को प्राथमिकता दे रहा है। टीवी ब्रिक्स को दिए साक्षात्कार में उन्होंने आतंकवाद से मुकाबले पर जोर दिया। श्री लावरोव ने कहा कि इस बारे में वैश्विक संधि के लिए रूस संयुक्त राष्ट्र में भारत के साथ मिलकर काम कर रहा है। श्री लावरोव ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता नियमन में सहयोग सहित खाद्य, ऊर्जा तथा सूचना और संचार प्रौद्योगिकी सुरक्षा के महत्व पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स सदस्य राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा करते हुए पारदर्शिता का समर्थन करते हैं।



