लाजवाब रहा इटली की पीएम का जवाब

कभी-कभी राजनीति के बड़े संदेश छोटे-छोटे पलों में छिपे होते हैं। ऐसा ही एक वीडियो इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ सामने आया, जहां एक साधारण सी सेल्फी अचानक लोकतंत्र की बड़ी मिसाल बन गई। दरअसल, एक शख्स मेलोनी के पास आया और उनसे सेल्फी लेने की गुजारिश की। कैमरा ऑन हुआ, वीडियो बनता रहा और दोनों मुस्कुराते रहे, लेकिन तभी उस शख्स ने कुछ ऐसा कहा जिसने इस पल को वायरल बना दिया। उसने साफ कहा कि वह आने वाले जनमत संग्रह (रेफरेंडम) में ‘नो’ वोट देगा, जबकि मेलोनी खुद ‘एस’ कैंप को सपोर्ट कर रही हैं। आमतौर पर ऐसे मौके पर नेता असहज हो सकते हैं,
लेकिन मेलोनी का रिएक्शन बिल्कुल अलग था। बिना नाराज हुए उन्होंने शांत अंदाज में कहा- ‘यही तो लोकतंत्र है, यह बिल्कुल ठीक है।’ बस यही एक
लाइन सोशल मीडिया पर छा गई। यह वीडियो कुछ ही घंटों में लाखों लोगों
तक पहुंच गया। लोग इसे ‘लीडरशिप का उदाहरण’ बता रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि असहमति को स्वीकार करना ही असली लोकतंत्र है। कुछ ने इसे ‘मास्टरक्लास’ बताया कि आलोचना को कैसे संभाला जाता है। एक यूजर ने लिखा- ‘नेता वही जो विरोध को भी सम्मान दे।’ यह वायरल पल ऐसे समय आया है जब इटली में न्यायिक सुधारों को लेकर बड़ा जनमत संग्रह हो रहा है। सरकार चाहती है कि जज और अभियोजकों के करियर को अलग किया जाए। न्यायपालिका की संरचना में बदलाव हो लेकिन विपक्ष का आरोप है कि इससे न्यायपालिका की स्वतंत्रता कमजोर हो सकती है और सरकार का नियंत्रण बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर ‘एस’ जीतता है तो मेलोनी की राजनीतिक स्थिति मजबूत होगी लेकिन अगर ‘नो’ जीतता है, तो यह उनके लिए बड़ा झटका हो सकता है। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे दिलचस्प बात यही है कि एक आम नागरिक ने खुलेआम प्रधानमंत्री से असहमति जताई और जवाब में उसे सम्मान मिला, टकराव नहीं।



