लेखक की कलम

एनडीए में मांझी बने मुसीबत

बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने विधानसभा चुनाव में शानदार सफलता पायी। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी रही तो नीतीश की जद (यू) ने भी 85 सीटें जीतकर अपना महत्व साबित कर दिया। वहां भाजपा एक बार फिर राजनीतिक भागीरथी साबित हुई जिसके साथ चिराग पासवान की एलजेपी ने 19 और जीतन राम मांझी को भी 5 विधायक मिल गये। अब जीतन राम मांझी एनडी के लिए मुसीबत दर मुसीबत खड़ी कर रहे हैं। उनकी ताजा मांग राज्य सभा चुनाव में हिस्सेदारी की है। इसके लिए उन्होंने एनडीए छोड़ने तक की धमकी दे डाली है। इससे पहले अपने प्रत्याशी को डीएम से सिफारिश करके जिताने का उन्होंने बयान दिया था। इसी के साथ एमपी-एमएलए के कमीशन लेने की बात कहकर जीतन राम मांझी एनडीए के लिये शर्मिन्दगी के हालात पैदा कर रहे हैं। विपक्ष जांच कराने की मांग कर रहा है।
बिहार विधानसभा चुनाव के बाद अब राज्य में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी दांव-पेच शुरू हो गए हैं। केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने राज्यसभा की सीट को लेकर एनडीए को धमकी दे दी। जीतन राम मांझी ने कहा कि अगर उनकी पार्टी को राज्यसभा सीट नहीं दी गई, तो वह केंद्रीय कैबिनेट और एनडीए छोड़ देंगे।केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री जीतन राम मांझी गयाजी में अपनी पार्टी के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मांझी ने कहा, 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान किए गए वादे के मुताबिक हमें एक राज्यसभा सीट मिलनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान सहयोगी बीजेपी ने हम को दो लोकसभा सीटें और एक राज्यसभा सीट देने का वादा किया था, लेकिन सिर्फ एक लोकसभा सीट दी, जिसे उन्होंने जीता।
हम पार्टी के सिंबल पर जीते हुए विधायकों के लिए गयाजी के हरिदास सेमिनरी हाई स्कूल में गत 21 दिसंबर को एक अभिनंदन सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने खुले मंच से कमीशन की बात कर दी जिससे सियासी गलियारे में बवाल मचना तय है। इस कार्यक्रम में जीतन राम मांझी के बेटे और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन भी थे। उन्होंने अपने बेटे को समझाया कि वे अपनी पार्टी को मजबूत करें। उन्होंने कहा, हर एमपी-एमएलए कमीशन लेता है। कम से कम कमीशन का रुपया लीजिए कोई 10 परसेंट नहीं देता है तो 5 परसेंट लीजिए। पांच परसेंट पर ही काम कीजिए। कहने का मतलब है कि मेरे पास ताकत है और हम कर सकते हैं।
जीतन राम मांझी ने बेटे को साफ सलाह दी कि पार्टी को मजबूत बनाने के लिए इन पैसों का इस्तेमाल करें। यह भी बताया कि वे खुद अपने सांसद फंड के कमीशन से पार्टी की मदद करेंगे। दूसरी ओर मांझी ने एक और बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में हमारी पार्टी को 100 सीट मिलनी चाहिए। हम 100 सीट लेंगे। अगर नहीं मिला तो अलग झंडा लेकर चलेंगे। उन्होंने निर्देश दिया कि इसके लिए तैयारी कीजिए। मांझी ने सवाल करते हुए कहा कि, कल रात, मैं टीवी चैनलों पर खबरें देख रहा था, जिसमें बताया गया था कि अगले साल अप्रैल में खाली होने वाली पांच सीटों में से दो भाजपा को, दो जेडीयू को और एक एलजेपी (राम विलास) को मिलेंगी, लेकिन हमारा क्या होगा? उन्होंने कहा कि, अगर हमारी मांग पूरी नहीं हुई, तो मैं कैबिनेट छोड़ दूंगा और अलग रास्ता अपनाऊंगा। नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार में मंत्री अपने बेटे संतोष कुमार सुमन को सलाह देते हुए मांझी ने उनसे राजनीति में जोखिम उठाने और हिम्मत न हारने की अपील की। मांझी ने कहा कि अगर जरूरत पड़े तो आप मंत्री पद छोड़ देना। इस मौके पर मौजूद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन को मांझी ने कहा कि वे एनडीए में यह कहें कि हमारे साथ धोखा किया गया है। बेईमानी की गई है। हमको आपने कम समझा है। आपने हमको कम समझकर गलती की है और यह गलती अगर दूसरी बार कीजिएगा तो हम भी अपना रास्ता अलग कर लेंगे। मांझी ने बेटे से कहा, हम तो यही कहेंगे क्योंकि पार्टी के नेता आप हैं और पार्टी के सर्वे-सर्वा आप हैं। अगर हमको पार्टी का संरक्षक मानते हैं तो यही काम कीजिए।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी बीते कुछ समय से अपने बयानों के कारण चर्चाओं में बने हुए हैं। जीतन राम मांझी ने गयाजी में एक ऐसे ही बयान में कहा कि सभी एमपी और एमएलए कमीशन लेते हैं। सांसद को 5 करोड़ रुपया हर योजना का मिलता है। अगर 10 प्रतिशत कमीशन मिलता है तो 40 लाख रुपया हो जायेगा। हमने खुद अपनी पार्टी को ऐसे कई दफा कमीशन का पैसा दिया है। हमने कहा था कि इन पैसों से गाड़ी खरीद लो। जीतन राम मांझी का ये बयान हम पार्टी द्वारा जीते हुए विधायकों के लिए आयोजित सम्मान समारोह में आया है।
मांझी ने कहा 2026 में भी हमको पैसे की जरूरत नहीं है। हम इस बार भी सांसद फंड का रुपया देंगे तो 80 लाख हो जायेगा। पार्टी को 80 लाख रुपये मिलना कोई मामूली बात नहीं है। इस कार्यक्रम में भीड़ नहीं होने पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा जिला अध्यक्ष नारायण 5 बस देते और उसमे 2 लाख खर्च होता, पूरा स्टेडियम भर जाता है। सभी लोग यही काम करता है और सभी पार्टी के लोग हमारे आदमी को लेकर जाते हैं। दूसरे को नहीं ले जाते हैं और यही बहाने अपने जात के लोगो को खिलाते भी और घुमा भी देते है, इसमें 5 लाख लगता तो लगता। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में हमारे पार्टी को 100 सीट मिलना चाहिए। हम लेंगे सौ सीट और अगर नहीं मिला तो इंकलाब जिंदाबाद। अलग झंडा लेकर चलेंगे और इसके लिए तैयारी कीजिए पार्टी अध्यक्ष और आपका समाज आपके साथ हो गया है। हमारा साथ देने के लिए भी एक दो समाज के लोग हैं, हमने तो पहले भी कह दिया है भुइया मियां एक बार और भुइया भूमिहार एक बार हमने यह नारा दे दिया है। लेकर चलेंगे सबको।
केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक जीतन राम मांझी का सोशल मीडिया पर साल 2020 के विधानसभा चुनाव से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि मांझी ने प्रशासनिक मदद से अपने हारते हुए उम्मीदवार को जीत दिलाई थी। अब इस गंभीर आरोप पर खुद मांझी ने सामने आकर सफाई दी है और वीडियो को गलत संदर्भ में पेश करने का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में मांझी कथित तौर पर यह कहते सुने जा रहे हैं कि 2020 के चुनाव में उन्होंने जिलाधिकारी से बात की, जिसके बाद उनके उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित हुई। इस वीडियो के सामने आने के बाद विपक्ष ने चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे। पटना में 20 दिसंबर को मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी बातों का गलत अर्थ निकाला गया है। मांझी ने कहा, यह एक गलत वीडियो है। साल 2020 में टिकारी विधानसभा सीट पर हमारे उम्मीदवार अनिल कुमार चुनाव लड़ रहे थे। मतगणना के दौरान स्थिति काफी
करीबी थी। मेरा कहने का मतलब यह था कि हमारे प्रत्याशी को मतगणना केंद्र छोड़कर भागना नहीं चाहिए था, बल्कि डटे रहकर पुनर्मतगणना करवानी
चाहिए थी। (अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button