विदेश

मोदी ने तारिक को दिया निमंत्रण

भारत अपने पड़ोसियों से सौहार्दपूर्ण संबंध रखना चाहता है। पीएम मोदी इसके लिए पहल करते हैं। बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार जाने के बाद से अल्पसंख्यकों पर हमला किए जाने लगे थे। दोनों देशों के बीच संबंध काफी नाजुक हालात में बने हुए थे। वहीं, अब सरकार बदलने के बाद दोनों देशों के बीच वीजा सेवाएं फिर से शुरू हो सकती हैं। बांग्लादेश में तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाल ली है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के कुछ दिनों बाद भारत अपने पड़ोसी देश बांग्लादेश में सभी वीजा सेवाएं फिर से शुरू करने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध फिर से सुधरने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। मोदी ने तारिक को भारत आने का निमंत्रण भी दिया है।
सिलहट (बांग्लादेश का एक जिला) में भारत के सीनियर कांसुलर अधिकारी अनिरुद्ध दास ने कहा कि सभी वीजा सेवाओं को पूरी तरह से बहाल करने के प्रयास जारी हैं। दास ने सिलहट जिला प्रेस क्लब में कहा, मेडिकल और डबल-एंट्री वीजा अब जारी किए जा रहे हैं। साथ ही यात्रा वीजा सहित अन्य श्रेणियों को फिर से शुरू करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। सिलहट में भारतीय सहायक उच्चायुक्त ने वीजा सुविधा प्रदान करके द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए अधिकतम सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि भारत-बांग्लादेश संबंध आपसी सम्मान और गौरव की नींव पर टिके हैं। भारत और बांग्लादेश के संबंध को लेकर दास ने कहा कि स्थिर, सकारात्मक, रचनात्मक, दीर्घकालिक और पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंधों में दोनों देशों के लोग प्रमुख हितधारक होंगे। उन्होंने आगे कहा कि दोनों देशों की सोच एक जैसी है और वे मिलकर काम करना चाहते हैं।
बता दें कि छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मृत्यु के बाद दोनों देशों के बीच संबंध बिगड़ने के कारण भारतीय वीजा केंद्रों ने बांग्लादेश में अपना परिचालन निलंबित कर दिया था। छात्र नेता की मृत्यु के बाद बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें भारत विरोधी रंग भी देखने को मिले। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को उनके परिवार सहित भारत आने का निमंत्रण दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि वह बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए बीएनपी नेता के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं। रहमान को लिखे पत्र में मोदी ने कहा कि दो करीबी पड़ोसी होने के नाते भारत और बांग्लादेश के बीच साझा इतिहास, सांस्कृतिक संबंधों और शांति व समृद्धि के लिए लोगों की आकांक्षाओं पर आधारित गहरी मित्रता है। उन्होंने एक पत्र में कहा, हमारी विकासात्मक प्राथमिकताओं के बीच मजबूत सामंजस्य हमारे भविष्य के सहयोग के लिए एक मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में कार्य करेगा। (हिफी)

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