लेखक की कलम

अद्भुत नेतृत्व दक्षता के धनी हैं मोदी

तमाम आलोचनाओं और विरोधियों के जबरदस्त शाब्दिक प्रहार के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक ऐसी शख्सियत बन कर उभरे है जो धरातल पर अपनी अद्वितीय नेतृत्व क्षमता के बूते पर अपना अलग अनूठा व्यक्तित्व रखते हैं। उन्होंने किसी भी राजनीतिक नेता के सरकार के लम्बे समय तक नेतृत्व करने के रिकार्ड को तोड़ दिया है। भारत की राजनीति में एक नया इतिहास रचते हुए पीएम नरेंद्र मोदी अब देश के सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले नेता बन गए हैं। उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन चामलिंग को पीछे छोड़ दिया है। गुजरात के मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक उनका सफर लगातार जीत, मजबूत नेतृत्व और राजनीतिक स्थिरता की मिसाल बनकर उभरा है। भारतीय राजनीति में बीता रविवार 22 मार्च विशेष दिन रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस दिन एक ऐसा रिकॉर्ड तोड़ा जो दशकों से किसी और के नाम था। सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग ने लगातार 8,930 दिनों तक किसी सरकार का नेतृत्व किया था। यह भारत में किसी भी सरकार के मुखिया का अब तक का सबसे लंबा कार्यकाल था। मोदी ने यह रिकार्ड तोड़ दिया है।
बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने 7 अक्तूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। वह लंबे समय तक इस पद पर बने रहे और अपने कार्यकाल में कभी चुनाव नहीं हारे। साल 2014 में प्रधानमंत्री पद के लिए नाम सामने आने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। गुजरात के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने 2014 में लोकसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल कर प्रधानमंत्री पद संभाला। इसके बाद 2019 और 2024 में भी उन्होंने लगातार जीत दर्ज की। खास बात यह है कि अपने पूरे राजनीतिक करियर में उन्होंने अब तक कोई बड़ा चुनाव नहीं हारा है। गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर. 2001 से 2014 तक करीब 13 साल तक वो गुजरात की सत्ता संभालते रहे। इस दौरान गुजरात के विकास मॉडल की चर्चा पूरे देश में होती थी। इसके बाद 2014 में जब वो पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने तब से आज तक लगातार। इन दोनों कार्यकालों को जोड़ने पर यह आंकड़ा 8,931 दिन बनता है। बिना विधायक बने सीएम बनने का रिकार्ड भी है।
सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग अब पद पर 8930 दिनों के साथ दूसरे स्थान पर है। चामलिंग ने सिक्किम की लगातार 24 साल और 165 दिनों तक सेवा की। इससे वे ना सिर्फ भारत में बल्कि विश्व स्तर पर सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्रियों में से एक बन गए। इसी कड़ी में तीसरा स्थान ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के पास है। उन्होंने 2000 से 2024 तक राज्य पर शासन किया। उन्होंने लगभग 24 साल और 99 दिनों का कार्यकाल पूरा किया। पटनायक के लंबे शासन की पहचान राजनीतिक स्थिरता और लगातार चुनावी जीत रही है। इसने उन्हें भारत के सबसे लंबे समय तक टिके रहने वाले नेताओं में से एक बनाए रखा।
आपको बता दें इस रैंकिंग को जो बात खास रूप से दिलचस्प बनाती है वह यह है कि इसमें मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री दोनों के रूप में बिताए गए समय को जोड़ा गया है। जिन नेताओं ने सिर्फ प्रधानमंत्री के रूप में सेवा की जैसे कि जवाहरलाल नेहरू, वे इस खास गणना के तहत शीर्ष तीन में शामिल नहीं हैं। भले ही उनका कार्यकाल लंबा रहा हो। यह भी बता दें कि वरिष्ठ नेता ज्योति बसु ने 23 सालों से ज्यादा समय तक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में काम किया है। वे इस लिस्ट से बाहर हैं। लेकिन उनका कार्यकाल भारतीय इतिहास में किसी एक पद पर सबसे लंबे समय तक नेतृत्व करने वाले कार्यकालों में से एक है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह रिकॉर्ड अकेला नहीं है. प्रधानमंत्री मोदी के नाम और भी कई उपलब्धियां हैं। गुजरात के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे हैं। किसी और मुख्यमंत्री ने गुजरात में इतना लंबा कार्यकाल नहीं बिताया।
आपको पता है कि किसी भी प्रधानमंत्री की तुलना में मोदी सबसे ज्यादा अनुभव लेकर दिल्ली पहुंचे थे। आजादी के बाद पैदा हुए पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म 1950 में हुआ। वो पहले प्रधानमंत्री हैं जो आजाद भारत में पैदा हुए। तीन बार लगातार जीत- 2014, 2019 और 2024 तीनों लोकसभा चुनावों में जनता ने उन्हें चुना।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी है। उन्होंने लिखा, नरेंद्र मोदी का पूरा जीवन देश और देशवासियों की सेवा को समर्पित रहा है. गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक यह यात्रा सेवा, ईमानदारी और देश को सबसे पहले रखने की यात्रा है। एक रिपोर्ट के के मुताबिक पीएम मोदी ने अपने सफर को याद करते हुए बताया कि जब उन्होंने 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में काम शुरू किया, तब राज्य कई बड़ी मुश्किलों से गुजर रहा था। गुजरात भूकंप, चक्रवात, सूखा और राजनीतिक अस्थिरता जैसी समस्याओं से जूझ रहा था। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों ने उन्हें और मजबूत बनाया और उन्होंने राज्य को आगे बढ़ाने के लिए पूरी ताकत लगा दी। उन्होंने अपनी मां की एक सीख का भी जिक्र किया, गरीबों के लिए काम करना और कभी रिश्वत न लेना, जैसी सीख को उन्होंने अपने जीवन का मार्गदर्शन बताया।
पीएम मोदी के अनुसार, उनके कार्यकाल में गुजरात ने कृषि, उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर में काफी तरक्की की और एक मजबूत राज्य के रूप में उभरा। उन्होंने यह भी कहा कि 2014 में जब उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया गया, तब देश में भरोसे का संकट था, लेकिन जनता ने उन्हें मजबूत समर्थन दिया।पीएम मोदी ने दावा किया कि पिछले 11 वर्षों में 25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर आए हैं और भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में एक मजबूत देश बनकर उभरा है। पीएम मोदी ने महिलाओं (नारी शक्ति), युवाओं और किसानों के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि देश की सेवा करना उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और लंबे सार्वजनिक जीवन की जमकर सराहना की है। अमित शाह ने कहा कि पीएम मोदी की दशकों की सेवा ने भारत में एक नया दौर शुरू किया है। उन्होंने गरीबों को अधिकार दिलाने, विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और दुनिया में भारत की छवि मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि नए भारत के निर्माण के लिए पीएम मोदी ने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया है और पिछले 24 साल से अधिक समय से बिना छुट्टी लिए देश की सेवा कर रहे हैं। अमित शाह ने बताया कि पीएम मोदी को जनता का अपार प्यार और समर्थन मिला है। वास्तव में नरेन्द्र मोदी एक बिरले व्यक्तित्व है। यह बात उनके विरोधी भी दबी जुबान से स्वीकार
करते हैं।
(मनोज कुमार अग्रवाल-हिफी फीचर)

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