आत्मनिर्भर भारत के शिल्पी मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि भारत अब विदेशों पर निर्भर नहीं रहेगा। हमें मेड इन इंडिया पर तेजी से आगे बढना है। हमारा भारत ट्रांसपोर्ट हब बन रहा है। जल्द ही मेड इन इंडिया सिविल एयरक्राफ्ट भी बनाएगा। भविष्य में भारत मेड इन इंडिया जहाजों और कंटेनरों के जरिए व्यापार करेगा। मोदी कहते हैं एक दिन हम मेड इन इंडिया विमान में सफर करेंगे….। इस तरह के सपने आत्मनिर्भर भारत का वह शिल्पी ही देख सकता है जो अपने सपनों को साकार करने का हुनर भी जानता है। नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है। लगातार सबसे लंबे समय तक देश के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देने का रिकॉर्ड अब उनके नाम दर्ज हो गया है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के लंबे समय से कायम रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। पीएम मोदी की इस खास उपलब्धि पर देश और दुनियाभर से बधाइयां मिल रही हैं।
भारतीय राजनीति के उतार-चढ़ाव वाले दशक में 26 मई 2014 को जब नरेंद्र मोदी ने केंद्र में प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली, तब देश को लेकर एक बड़ा सवाल लोगों के मन में था कि क्या भारत की विकास और आत्मनिर्भरता की रफ्तार बदलेगी और क्या बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे और निवेश का नया दौर शुरू होगा। इन उम्मीदों को आगे बढ़ाने के लिए मोदी सरकार ने कई स्तरों पर नीतिगत और विकासात्मक पहल की। इन बदलावों ने मिलकर देश की विकास यात्रा को एक नई दिशा और पहचान देने का काम किया है। इसी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। वह सबसे लंबे समय तक लगातार देश की सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। पीएम मोदी ने भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया। नेहरू ने जहां 13 मई 1952 को पहली बार निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी और लगातार 4398 दिन से प्रधानमंत्री रहे थे, वहीं नरेंद्र मोदी 10 जून 2026 को बतौर प्रधानमंत्री 4399 दिन पूरे करते हुए सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री बन गए। पीएम मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और तब से उनका ये सफर लगातार जारी है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने लगातार तीन बार 2014, 2019 और 2024 लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की। पीएम मोदी की इस खास उपलब्धि पर देश और दुनियाभर से बधाइयां मिल रही हैं। मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों को जनता के सामने रखना और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा होना स्वाभाविक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इन 12 वर्षों में कई जन कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, जिससे देश में बहुत बड़े आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन आए। इनमें से कुछ विशेष योजनाओं का हम यहां जिक्र करना समीचीन समझते हैं। सबसे पहले तो हम स्वच्छ भारत मिशन का नाम लेंगे। इसके बाद जनधन योजना,बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना
उज्जवला योजना, पीएम आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना और गांव स्तर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने वाले जल जीवन मिशन को देखा जा सकता है। मोदी सरकार ने भारत के आत्मनिर्भर गौरव को पुनर्जीवित करने का विशेष प्रयास भी किया है। मोदी सरकार ने 12 वर्षों के अपने कार्यकाल में ब्रिटिश हुकूमत के समय के 1,200 से ज्यादा बेवजह के कानूनों को खत्म कर दिया है।
यही नहीं, आईपीसी, सीआरपीसी और इंडियन एविडेंस एक्ट की जगह तीन नए भारतीय कानून लाए गए हैं। इनको अब भारतीय न्याय संहिता, 2023 (बी एन एस),भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (बी एन एस एस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 (बीएसए) के नाम से जाना जाता है।
मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही 5 अगस्त, 2019 को जम्मू और कश्मीर के लिए संविधान में अनुच्छेद 370 के तहत विशेष प्रावधान को खत्म कर दिया। इससे जम्मू और कश्मीर को मिला विशेष दर्जा हमेशा के लिए खत्म हो गया। इसी प्रकार महिलाओं के लिए 33 फीसद आरक्षण मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में ही 2023 के सितंबर में संसद से ऐतिहासिक संविधान संशोधन विधेयक पास कराकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू किया।
इसके तहत लोकसभा और प्रदेश विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसद आरक्षण का रास्ता साफ हो गया। मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में 2019 के जनवरी में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) लोगों के लिए नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में दाखिले के लिए 10 फीसद आरक्षण का प्रावधान संसद से पास करवाया। वर्ष 2019 में कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया में त्राहिमाम मचा दिया था। भारत भी इससे जूझ रहा था। करोड़ों की रोजी रोटी छिन गयी थी। कोविड महामारी के समय से देश के 80 करोड़ लोगों को खाद्य सुरक्षा के तहत मुफ्त में अनाज देने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना शुरू की गई, जिसको लगातार जारी रखा जा
रहा है।
मोदी सरकार कठोर फैसले लेने में भी हिचकी नहीं और 2019 में ही अपने दूसरे कार्यकाल के पहले ही साल मोदी सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लागू किया। इसके तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक उत्पीड़न की वजह से भाग कर भारत आए 6 अल्पसंख्यकों- हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई और पारसी को भारतीय नागरिकता दिए जाने का प्रावधान है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर आंदोलन से भाजपा लोकप्रियता के शिखर की तरफ बढी थी। आंदोलन लगातार जारी था,इसीलिए बीच नवंबर, 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने सदियों से चली आ रही रामजन्मभूमि विवाद को खत्म किया और मोदी सरकार ने वहां भगवान रामलला के भव्य मंदिर के निर्माण के लिए सक्रिय योगदान देना शुरू किया। अयोध्या में पवित्र रामजन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर तैयार हो चुका है और इसकी आधारशिला रखे जाने से लेकर, निर्माण कार्य, प्राण प्रतिष्ठा और ध्वाजारोहण तक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निजी भूमिका रही है और यह देश में राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन चुका है।
मोदी सरकार ने 1 जुलाई, 2017 की आधी रात से जीएसटी को आधिकारिक रूप से लागू किया। इस व्यवस्था से देश में अलग-अलग तरह के अप्रत्यक्ष करों की जगह एक एकीकृत टैक्स सिस्टम लागू किया गया। जीएसटी का मकसद टैक्स की प्रक्रिया को आसान बनाना और पूरे देश को एक बाजार का रूप देना है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को एक नया रूप देने का प्रयास किया है। इसलिए मोदी को नये भारत का शिल्पकार कहना उचित ही है।(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



