मोदी का नागरिक देवोभव का मंत्र

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शारदीय नवरात्र से ठीक एक दिन पहले राष्ट्र को संबोधित किया। इसी दिन पितृ विसर्जनी अमावस्या थी और हिन्दू परिवार अपने-अपने पूर्वजों को, जो स्वर्गलोक से 15 दिन के लिए पृथ्वी पर आये थे, उनको भावपूर्ण विदाई दे रहे थे। इस प्रकार संकल्प और श्रद्धा की मिलन बेला मंे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वदेशी अभियान और नागरिकों की भूमिका पर विशेष जोर दिया। कहा जा सकता है कि पीएम मोदी का यह संबोध्सान नवरात्र पर शक्ति की आराधना और विजय दशमी पर अहंकारी रावण के विनाश की स्मृति के साथ राम राज्य का दीपोत्सव से स्वागत करने का अप्रत्यक्ष संदेश है। स्वदेशी के प्रति जन चेतना, नागरिकों की भूमिका और सामाजिक समर्पण की भावना से ही 2047 में विकसित भारत की संकल्पना साकार की जा सकती है। इन त्योहारों पर देश भर मंे जमकर खरीददारी की जाती है। स्वदेशी की भावना की परीक्षा का भी यह समय है। लगभग दो महीने पहले भी पीएम मोदी ने स्वदेशी अपनाने की सलाह देशवासियों को दी थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नागरिक देवोभव का मंत्र देते हुए कहा है कि हमारे देश के नागरिक ही देश के देवता हैं। प्रधानमंत्री ने अरुणाचल और त्रिपुरा में वहां के लोगों, विशेष रूप से व्यापारियों से जीएसटी की नई दरों पर प्रतिक्रिया ली। ट्रम्प के टैरिफ से जहां व्यापार पर प्रहार हुआ है, वहीं जीएसटी ने सुधार का रामबाण चलाकर विजयदशमी भी मनाने का संदेश दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी के शब्दों में कहें तो जीएसटी की नयी दरों के साथ ही देश में जीएसटी बचत उत्सव की शुरुआत हो रही है। पीएम मोदी के अनुसार, एक साल में देशवासियों के ढाई लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत होगीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में आत्मनिर्भर भारत के लिए एक रोडमैप पेश किया। प्रधानमंत्री ने स्वदेशी अभियान को जोर देते हुए सभी से भारतीय उत्पाद खरीदने का आह्वान किया। साथ ही राज्य सरकारों से निवेश बढ़ाने को भी कहा पीएम मोदी ने स्वदेशी खरीदने का अपील करते हुए कहा कि हम सभी को उन्हीं वस्तुओं को खरीदना चाहिए जिनमें भारत की मेहनत और पसीना शामिल हो। उन्होंने संदेश दिया, गर्व से कहो मैं स्वदेशी खरीदता हूं, मैं स्वदेशी बेचता हूं। उन्होंने राज्य सरकारों से भी स्वदेशी उत्पादन और निवेश को बढ़ावा देने की अपील की, ताकि आत्मनिर्भर भारत अभियान को और मजबूती मिल सके।
शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन 22 सितम्बर से लागू जीएसटी रिफॉर्म देश के गरीब, किसान, मिडल क्लास, दुकानदार, उद्यमी, युवा, महिलाएं, बुजुर्ग… हर वर्ग की साझा खुशी है। सिगरेट, तंबाकू जैसी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक और कुछ अल्ट्रा लग्जरी आइटम्स महंगे भी हो रहे हैं। घर के जरूरी सामान की बात करें तो 370 रुपये का सरसों तेल अब 344 रुपये का पड़ेगा, यानी करीब 26 रुपये बचेंगे। 650 रुपये के शुद्ध घी पर करीब 45 रुपये बचेंगे. वहीं 200 रुपये के जैम पर 14 रुपये और 100 रुपये के स्नैक्स पर 7 रुपये बचेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। इसलिए, भारत को अपने आर्थिक हितों के प्रति सजग रहना होगा। मोदी उत्तर प्रदेश के वाराणसी में लगभग 2,200 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था इस समय कई अनिश्चितताओं और अस्थिरता के माहौल का सामना कर रही है। ऐसे में, दुनिया भर के देश अपने हितों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि नागरिकों की भी कुछ जिम्मेदारियाँ होती हैं। उन्होंने सभी से स्वदेशी का संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने स्वदेशी को किसी भी भारतीय के पसीने और मेहनत से बनी चीज के रूप में परिभाषित किया और देशवासियों से ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को अपनाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से ‘मेक इन इंडिया’ उत्पादों को बढ़ावा देने का संकल्प लेने का आग्रह किया। मोदी ने कहा कि हमारे घरों में आने वाली हर नई वस्तु स्वदेशी होनी चाहिए और यह जिम्मेदारी हर भारतीय को निभानी चाहिए। प्रधानमंत्री ने प्रत्येक व्यापारी और दुकानदार से केवल स्वदेशी उत्पाद बेचने का संकल्प लेने की अपील की और कहा कि यही राष्ट्र की सच्ची सेवा होगी। उन्होंने लोगों से आगामी त्योहारों के मौसम में स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करने का आग्रह किया और कहा कि यही महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। नई जीएसटी दरें लागू होने से अब किसानों को भी बड़ा फायदा है। किसान ट्रैक्टर से लेकर अन्य कृषि यंत्र अब कम कीमत पर खरीद पाएंगे। पिछले दिनों कृषि मंत्री शिवराज सिंह चैहान ने बताया था कि जीएसटी की घटी हुई दरों के बाद ट्रैक्टर (35 एचपी) अब 41,000 रुपये सस्ता होगा। ट्रैक्टर (45 एसपी) 45,000 रुपये सस्ता मिलेगा. वहीं ट्रैक्टर (50 एचपी) पर 53,000 रुपये और ट्रैक्टर (75 एचपी) पर 63,000 रुपये की बचत होगी. अन्य कृषि उपकरण भी सस्ते हो गए हैं।
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा के दौरे पर गये। ईटानगर में उन्होंने व्यापारियों और टैक्सपेयर से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने जीएसटी की नई दरों पर व्यापारियों की प्रतिक्रिया ली। इसके बाद 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि नॉर्थ ईस्ट उन्हें दिल से पसंद है। इसी वजह से उन्होंने अपने मंत्रियों के लिए नॉर्थ ईस्ट का दौरान अनिवार्य कर दिया है। वह खुद पीएम रहते हुए 70 से ज्यादा बार नॉर्थ ईस्ट आए हैं। अरुणाचल के बाद वह माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर गये। ईटानगर में लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश में जो टैक्स इकट्ठा होता है, उसका एक हिस्सा राज्यों को मिलता है। जब कांग्रेस की सरकार थी तब अरुणाचल प्रदेश को 10 साल में सेंट्रल टैक्स में से सिर्फ 6,000 करोड़ रुपये ही मिले थे। जबकि भाजपा सरकार के 10 वर्षों में अरुणाचल को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक मिल चुके हैं। यानी भाजपा सरकार ने कांग्रेस की तुलना में अरुणाचल को 16 गुना ज्यादा पैसा दिया है और यह सिर्फ टैक्स का हिस्सा है। इंदिरा गांधी पार्क में उन्होंने एक रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से कहा कि वह उनकी कमाई और बचत दोनों को बचाने का काम करेंगे। उन्होंने तातो और हीओ जलविद्युत परियोजनाओं की आधारशिला रखी। ये दोनों परियोजनाएं शियोमी जिले में यारजेप नदी पर विकसित की जाएंगी। 186 मेगावाट क्षमता वाली तातो परियोजना का विकास अरुणाचल प्रदेश सरकार और नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा संयुक्त रूप से 1,750 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। इससे सालाना लगभग 802 मिलियन यूनिट बिजली पैदा होने की उम्मीद है। इसी प्रकार 240 मेगावाट की हीओ परियोजना भी राज्य सरकार और नीपको द्वारा 1,939 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएगी। इससे हर साल 100 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादन होने की उम्मीद है।
मोदी ने तवांग में पीएम-देवाइन योजना के तहत 145.37 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एक कन्वेंशन सेंटर का वर्चुअल उद्घाटन किया। यह केंद्र वैश्विक मानकों को पूरा करेगा और क्षेत्र की पर्यटन और सांस्कृतिक क्षमता को बढ़ावा देगा। प्रधानमंत्री ने 1,290 करोड़ रुपये से अधिक की कई अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शुभारंभ भी किया, जो कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य और अग्नि सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं।(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



