नेतन्याहू ने सोमाली लैण्ड को दी सम्प्रभु राज्य की मान्यता

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के एक चैंकाने वाले फैसले ने इस्लामिक संघ से लेकर अरब लीग समेत कई मुस्लिम राष्ट्रों में खलबली मचा दी है। इजरायल ने अफ्रीकी महाद्वीप से जुड़े मुस्लिम देश सोमालीलैंड को संप्रभु राज्य की मान्यता देकर सबको चैंका दिया है। इजरायल के लिए यह फैसला रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। सोमालीलैंड की स्थिति अदन की खाड़ी पर है, जो लाल सागर का प्रवेश द्वार है। इससे इजरायल को यमन के हूती विद्रोहियों पर निगरानी और उन पर जवाबी हमले करना आसान हो सकते हैं। नेतन्याहू ने कहा कि दोनों देश कृषि, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी और अर्थव्यवस्था में तत्काल सहयोग बढ़ाएंगे। सोमालीलैंड मुस्लिम बहुल देश है, जहां सुन्नी इस्लाम प्रमुख है, लेकिन यह अपेक्षाकृत उदारवादी और स्थिर माना जाता है।
इस खुशी में 28 दिसम्बर की रात पूरा सोमालीलैंड दूधिया रोशनी में नहा उठा। इजरायल ने गत 26 दिसंबर को एक ऐतिहासिक फैसले में सोमालीलैंड को संप्रभु राज्य की मान्यता देकर सबको हैरान कर दिया। इसके साथ ही इजरायल सोमालीलैंड को एक स्वतंत्र और संप्रभु राज्य के रूप में औपचारिक मान्यता देने वाला दुनिया का पहला संयुक्त राष्ट्र सदस्य देश बन गया। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमालीलैंड के राष्ट्रपति अब्दिरहमान मोहम्मद अब्दुल्लाही के साथ वीडियो कॉल पर बातचीत के दौरान इसकी घोषणा की और संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए। यह कदम अब्राहम समझौतों की भावना में उठाया गया है, जो 2020 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में इजरायल और कई अरब देशों के बीच सामान्यीकरण समझौतों का हिस्सा था। 99 फीसदी मुस्लिम आबादी (सुन्नी मुस्लिम) वाला यह देश अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र में स्थित है। यह राष्ट्र 1991 में सोमालिया से अलग होकर स्वतंत्रता की घोषणा कर चुका था। तब से यह क्षेत्र अपनी मुद्रा, पासपोर्ट, पुलिस और लोकतांत्रिक चुनाव प्रणाली के साथ डी फैक्टो स्वतंत्र रूप से काम कर रहा है, लेकिन अब तक किसी भी यूएन सदस्य देश से मान्यता नहीं मिली थी। सोमालीलैंड की राजधानी हरगेइसा में इस घोषणा के बाद जबरदस्त उत्सव मनाया गया। शहर की इमारतों पर इजरायली झंडे प्रोजेक्ट किए गए, आतिशबाजी हुई और हजारों लोग सड़कों पर उतरकर सोमालीलैंड के झंडे लहराते हुए नाचते-गाते दिखे।



