नितेश राणे को सजा

जनप्रतिनिधियों को अपनी वाणी पर संयम रखना चाहिए। संभवतः इससे वे अपने जनता के प्रति कर्तव्य का निर्वहन भी बेहतर तरीके से कर सकेंगे। इसके विपरीत कुछ जनप्रतिनिधि ऐसे भी हैं जो खुद को खबरों मंे रखने के लिए ऊट पटांग बोलते रहते हैं। महाराष्ट्र मंे भाजपा मंत्री नितेश राणे की छवि भी एक वाचाल मंत्री की बन गयी है। उन्हांेने वाणी के साथ व्यवहार में भी कटुता अपना ली थी। उन्होंने एनएचएआई इंजीनियर पर कीचड़ फेंक दिया था। लगभग सात साल पुराना यह मामला है। सन् 2019 मंे नितेश राणे ने सरकारी अधिकारी के साथ अभद्रता की थी, जिसका मुकदमा महाराष्ट्र की एक अदालत मंे चल रहा था। अब 7 साल बाद अदालत ने नितेश राणे को दोषी ठहराते हुए
1 महीने जेल की सजा सुनाई। बहरहाल, सजा तो सजा होती है और जनप्रतिनिधि को इससे सबक भी लेना चाहिए। अदालत ने राजनेताओं के व्यवहार पर सख्त टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि सरकारी कर्मचारी की बेइज्जती नहीं होनी चाहिए। हालांकि फैसला सुनाने के बाद महाराष्ट्र की अदालत ने भाजपा मंत्री राणे की सजा को निलंबित कर दिया और उन्हंे उच्च न्यायालय मंे अपील करने की अनुमति दी। न्यायालय के फैसले पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं माना जाता लेकिन अक्सर अपने बयानों से सुर्खियों मंे रहने वाले नितेश राणा क्या इससे कोई सबक सीखेंगे? वह अक्सर धमकी देते हैं। मदरसों को लेकर उन्होंने आपत्तिजनक बयान दिया था। उद्धव ठाकरे के हिन्दुत्व पर कमेंट किया था। मुस्लिम समुदाय पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला बोलते हुए कहा था कि बुर्के वाली पीएम बनी तो सभी का धर्मान्तरण करा देगी। उन्होंने एआईएमआईएम नेता असद्उद्दीन ओवैसी के बयान पर इस प्रकार की टिप्पणी की थी। अभी हाल मंे टीसीएस नासिक मंे लव जेहाद का मामला उठाते हुए उन्होंने तांत्रिक अशोक खरात का अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन भी किया है।
4 जुलाई 2019 को, जब नितेश राणे कांग्रेस के विधायक थे तो मुंबई -गोवा राजमार्ग के चैड़ीकरण के काम मंे खराब क्वालिटी और जल भराव के चलते राणे को गुस्सा आया। उन्हांेने कई लोगों के साथ इंजीनियर पर कीचड़ फेंका। नितेश राणे व 30 अन्य लोगों पर दंगा, सार्वजनिक सेवक को ड्यूटी से रोकने, हमला करने व आपराधिक षडयंत्र का मुकदमा दर्ज कराया गया था। महाराष्ट्र के मंत्री और बीजेपी नेता नितेश राणे से जुड़ी अब बड़ी खबर सामने आई है। महाराष्ट्र की अदालत ने नितेश राणे को एनएचएआई इंजीनियर पर कीचड़ फेंकने के 2019 के मामले में दोषी ठहराया है और 1 महीने की जेल की सजा सुनाई है।हालांकि फैसला सुनाने के बाद, महाराष्ट्र की अदालत ने भाजपा मंत्री राणे की सजा को निलंबित कर दिया और उन्हें उच्च न्यायालय में अपील करने की अनुमति दी।नितेश राणे अपने विवादित बयानों की वजह से अक्सर चर्चाओं में रहते हैं। हालही में उन्होंने कहा था कि ये देवा भाऊ का महाराष्ट्र है, घुसेगा भी और मारेगा भी। उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए मदरसों को आतंकियों की फैक्ट्री बताया था और मुंब्रा देवी का नाम बदलने की बात भी कही।
उन्होंने कहा था कि मदरसों में डॉक्टर या इंजीनियर नहीं, बल्कि आतंकवादी तैयार किए जाते हैं। उन्होंने सहर यूनिस शेख के बयानों का जिक्र करते हुए कहा था कि ऐसी विचारधारा मदरसों से ही आती है। उन्होंने कहा था, जो आज कल भाषण में बोल रहे हैं, ठीक है आजकल के बच्चे हैं थोड़ा लोक प्रतिनिधि बन गए तो इसको वहां हरा कर जवाब देंगे (सहर यूनिस शेख के बयान पर) कोई बात नहीं वह लोकप्रतिनिधि है इसलिए उस पर कुछ नहीं कहूंगा, लेकिन उसकी विचारधारा महत्वपूर्ण है। इन्हें बचपन से मदरसों में सिखाया जाता है, मदरसों में बैठकर इन्हें डॉक्टर और इंजीनियर नहीं बनाया जाता वहां आतंकवादी तैयार किए जाते हैं। उसके बाद उन लोगों की जुबान से ऐसे शब्द बाहर आते हैं। इन सभी मदरसों को बंद कर देना चाहिए और इन सभी आतंकवादियों को बाहर निकालो। आप थोड़ा रुकिए। हम धर्मांतरण कानून लेकर आए ना अब अगला नंबर मदरसों का है।
उन्होंने कहा था, आप चिंता मत करिए, हमने इस्लामपुर का नाम ईश्वरपुर किया, हम मुंब्रा का भी मुंब्रा देवी करेंगे। आप सभी को अपनी जुबान देकर जा रहा हूं, कोई जीतुद्दीन (जितेंद्र आव्हाड) कुछ नहीं कर पाएगा। ऐसों को मैं सुबह नाश्ते में खाता हूं। उसको देखा ना सभा में, माफी मांगनी पड़ी, अच्छा हुआ कि सभा में मिला और अच्छा हुआ कि मैं मंत्री हूं। नहीं तो वापस घर नहीं जा पाता।
पिछले दिनों महाराष्ट्र के नासिक से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। नासिक पुलिस ने एक टीसीएस कंपनी के बीपीओ सर्विस से जुड़े 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर कंपनी में काम करने वाली जूनियर स्तर की महिला कर्मचारियों के साथ यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे हैं। जानकारी के अनुसार, कुछ महिला कर्मचारियों ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उनके साथ लगातार उत्पीड़न किया गया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की और आरोपियों को हिरासत में लिया। इस पूरे मामले पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने नासिक की घटना को “कॉर्पोरेट जिहाद” करार देते हुए कहा कि समाज को इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। राणे ने दावा किया कि करीब 15 पीड़ित लड़कियों ने शिकायत दी है और अन्य पीड़िताओं से भी आगे आने की अपील की है। नितेश राणे ने यह भी कहा कि अगर कहीं भी इस तरह का माहौल बनाया जा रहा है, तो लोग सामने आएं, सरकार उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेगी। साथ ही उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि अगर इस तरह की गतिविधियां चल रही थीं, तो कंपनी के एचआर विभाग ने क्या कार्रवाई की। राणे ने कहा कि हमने देखा कि जब इन आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया तब 600 से ज्यादा लोग इकट्ठा हुए थे मैं तो कहता हूं कि वे सभी कौन है उनका भी बैकग्राउंड चेक किया जाए। यहां आतंकियों के अंतिम संस्कार के समय भीड़ इकट्ठा होती है।नितेश राणे ने कहा कि जब अशोक खरात का मामला सामने आया तब किसी हिन्दू ने इसका समर्थन नही किया लेकिन इनका जब भी ऐसा कुछ होता है तो इतनी भीड़ क्यों इकट्ठा हो जाती है। राणे ने कहा इन विषय पर अब कोई बोल क्यों नहीं रहा है, मैं जब भी ऐसा मुद्दा उठाता हूं तो लोग कहते हैं कि मैं दो समाज के बीच द्वेष निर्माण कर रहा हूं। नितेश राणे ने एक तरह से ढोंगी बाबा अशोक खरात का समर्थन किया है। उसके बारे मंे पुलिस जांच मंे पता चला कि वह अपने फार्म हाउस पर अलग-अलग महिलाओं को लाता था और उनको यौन शोषण करता था।
(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



