कर्जदारों से घिरा पाकिस्तान, औकात से ज्यादा लोन लेकर हलकान

मध्य पूर्व में जंग की आंच अब पाकिस्तान की दहलीज तक आ पहुंचा है। कर्जदार देश के नाम से मशहूर पाकिस्तान को लोन की रकम चुकाने का लगातार अल्टीमेटम मिल रहा है। दरअसल पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पहले से ही बुरे दौर से गुजर रही है। इस बीच जंग की लफ्टें आर्थिक चुनौती के भेष में पाकिस्तान के सामने आ खड़ी हुई है।
पाकिस्तान इस बात के कुख्यात है कि वह अपने मित्र देशों से कर्ज लेता है। इस फेहरिस्त में उसका सबसे अजीज दोस्त चीन भी है। हालांकि चीन ने मध्य पूर्व में जंग के बीच ही तेवर बदल लिया है और दोस्ती के बीच लक्ष्मण रेखा खींचते हुए बिजली का बकाया बिल पाकिस्तान से मांग रहा है।
ये मामला 220 मिलियन डॉलर (लगभग 2050 करोड़ रुपये) के बकाया बिजली और गैस बिलों से जुड़ा है, जिसे न चुकाने पर चीन ने पाकिस्तान को गंभीर परिणाम भुगतने और विदेशी निवेश ठप होने की सीधी धमकी दे डाली है। चीन ने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यूनाइटेड एनर्जी पाकिस्तान बकाया पैसा तुरंत चुकाया जाए। चीन का कहना है कि भुगतान में हो रही इस देरी से न केवल अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा टूटेगा, बल्कि भविष्य में निवेश के रास्ते भी बंद हो सकते हैं। द न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते दिनों बीजिंग में मौजूद पाकिस्तानी राजदूत ने अपनी सरकार को एक श्अर्जेंट नोटश् भेजा है। इस नोट में साफ कहा गया है कि अगर चीनी बिजली कंपनी का पैसा नहीं मिला, तो कंपनी का कामकाज ठप हो सकता है। ऐसी स्थिति में इसका सीधा असर पाकिस्तान की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ेगा। मध्य पूर्व में जंग की आग में झुलस रहे संयुक्त राष्ट्र अमीरात ने भी पाकिस्तान को दिए लोन का पैसा वापस मांग लिया है।



