जातीय राजनीति पर पंकज चौधरी का प्रहार

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सपा और बसपा पर जातीय राजनीति करने का आरोप लगाती रही है। अभी ज्यादा दिन नहीं हुए जब उत्तर प्रदेश में भाजपा के क्षत्रिय विधायकों ने एक सम्मेलन किया था। इसके बाद ब्राह्मण विधायकों का प्रीतिभोज के नाम पर सम्मेलन हुआ। उत्तर प्रदेश के नये अध्यक्ष पंकज चौधरी ने इस पर कड़ा एतराज किया है। दरअसल भाजपा के इस सबसे महत्वपूर्ण गढ़ में पूर्व और पश्चिम का सवाल भी उठने लगा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के हैं अर्थात पूर्वांचल का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी भी पूर्वांचल के हैं। इस प्रकार पश्चिम उत्तर प्रदेश को गलत संदेश न जाए, इसलिए प्रदेश अध्यक्ष ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश से दौरा शुरू किया है। वह सबसे पहले मथुरा गये जहां बांके बिहारी मंदिर में दर्शन किये। इसके बाद मेरठ पहुंचे। इस बीच जगह-जगह उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं को जातिगत सम्मेलन न करने की सख्त हिदायत दी है।
पश्चिम उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा के प्रभाव को कम करने के लिए पंकज चैधरी ने भाजपा कार्यकर्ताओं में जोश भरा। उन्होंने कहा कि भाजपा की यही विशेषता है कि यहां कोई छोटा या बड़ा कार्यकर्ता नहीं होता। जातिवादी राजनीति पर कहा कि बिहार में पतन के बाद जातिवादी राजनीति करने वाली पार्टियां अब असहाय नजर आ रही हैं। भाजपा ने कभी जातिवाद की राजनीति न की है और न करेगी।
उत्तर प्रदेश में कथिततौर पर भाजपा के अंदर पनप रही जातीय राजनीति पर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी बेहद सख्त नजर आ रहे हैं। उन्होंने राजधानी में हुई बैठकों पर तो कड़ी आपत्ति जताई ही थी, अब ब्रज से शुरू की गई अपनी यात्रा के दौरान बैठकों में भी वह यह संदेश दे रहे है। आगरा में हुई बैठक में उन्होंने यह साफ किया कि भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रवादी और सर्वसमाज की पार्टी है। इसके खिलाफ बात करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हाल ही में लखनऊ में हुई बैठकें फिर न हों, इसके लिए कार्यकर्ताओं और नेताओं को चेताया गया है। स्पष्ट किया गया है कि अगर कोई ऐसा करता पाया जाएगा तो उसके खिलाफ पार्टी संविधान के अनुसार कार्रवाई होगी। इससे यह साफ है कि यूपी भाजपा में जातीय राजनीति उसे खुद को नुकसान पहुंचाए, इससे पहले ही इस पर लगाम लगाना जरूरी है। नए प्रदेश अध्यक्ष भी इसी मूड पर दिख रहे हैं।
मथुरा में बांके बिहारी के दर्शन करने के बाद पंकज चौधरी आगरा पहुंचे। यहां बैठक में उन्होंने कहा कि अखिलेश, लालू, ममता सहित इंडी गठबंधन के दलों में पार्टी अध्यक्ष बनने के लिए कार्यकर्ता को उनके खानदान में पुनर्जन्म लेना पड़ेगा। भाजपा में जहां जिसकी जरूरत होती है, पार्टी उसे वहां नियुक्त करती है। सांसद, प्रदेश व राष्ट्रीय अध्यक्ष तक बनाती है।
यही नहीं चौधरी ने कहा कि भाजपा की खूबी है कि यहां कोई छोटा या बड़ा कार्यकर्ता नहीं होता। भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष भी सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से बड़ा होता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को 2047 के विकसित भारत के विजन में योगदान देने और 2027 के विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लिए काम करने को कहा। पंकज चौधरी ने कहा कि पश्चिम के कार्यकर्ताओं को ये न लगे कि पूरब के नेता हैं, पश्चिम पर ध्यान नहीं देंगे, इसलिए पहली यात्रा बांके बिहारी का आशीर्वाद लेकर ब्रज क्षेत्र से शुरू की है। ब्रज क्षेत्र के कार्यकर्ता जुझारू हैं, इसलिए सभी का सहयोग जरूरी है। अगर कार्यकर्ता ठान लें तो उन्हें कोई रोक नहीं सकता लेकिन, अगर वह घर बैठ जाएं तो सफलता नहीं मिल सकती।
पहली बार पश्चिमी यूपी के दौरे पर मेरठ पहुंचे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए सपा-बसपा और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। चौधरी ने कहा कि यूपी विपक्ष विहीन हो गया है। बिहार में पतन के बाद जातिवादी राजनीति करने वाली पार्टियां सकते में हैं। एनएच-58 कंकरखेड़ा बाईपास स्थित ईवाया रिसॉर्ट्स में संगठनात्मक बैठक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का पूरा जोर कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने पर रहा। सपा मुखिया अखिलेश यादव को उन्होंने घेरने की कोशिश की। उनका कहना था कि सपा अध्यक्ष अखिलेश कहते हैं कि भाजपा में सात बार के सांसद प्रदेश अध्यक्ष, तो चार बार के विधायक को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। उनको मैं बताना चाहता हूं कि सिर्फ भाजपा ही इकलौती ऐसी पार्टी है, जहां कार्यकर्ता को सीधेे प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाता है लेकिन सपा, कांग्रेस, बसपा, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके जैसी पार्टियों में प्रदेश या राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के लिए कार्यकर्ताओं को पुनर्जन्म लेना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में संसद सत्र के दौरान कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए मैं आतुर रहा। बीच में समय निकाल कर कार्यकर्ताओं से मिला। मंडल अध्यक्ष व बूथ कार्यकर्ताओं के बल पर ही मैं सातवीं बार सांसद बना। पार्टी की ओर से दिए गए दायित्व को मैंने हमेशा पूरा करने का प्रयास किया है। मैं वचन देता हूं कि किसी भी परिस्थिति में कार्यकर्ताओं के कंधे से कंधा मिलाकर चलूंगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम क्षेत्र में कार्यकर्ताओं का अपार स्नेह मिल रहा है। पद कोई छोटा या बड़ा नहीं होता।
मैं केंद्र में मंत्री बनने के लिए भी कहीं नहीं गया और प्रदेश
अध्यक्ष बनने के लिए भी कहीं पर नहीं गया। काम को देखकर पार्टी ने जिम्मेदारी दी है। पार्टी जो भी काम सौंपे, उस दायित्व को निभाएं। पार्टी स्वयं आपकी चिंता करेगी।
पंकज चौधरीने कहा कि दिल्ली का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर ही जाता है। कोई शिकायत होने पर कार्यकर्ता मुझ तक अपनी बात पहुंचाए। कार्यकर्ताओं के बल से 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलेगा। भारत की अर्थव्यवस्था चैथे स्थान तक पहुंच गई है। 2027 में तीसरे और 2047 में विकसित देश बन जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की दशा बदल दी है। इसके बाद क्षेत्रीय कार्यालय पर भी प्रदेश अध्यक्ष ने क्षेत्रीय कार्यसमिति की बैठक ली।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के बीच 23 दिसंबर की शाम को कुशीनगर से बीजेपी विधायक पंचानंद पाठक (पीएन पाठक) के सरकारी आवास पर ब्राह्मण समाज के विधायकों का एक बड़ा सहभोज आयोजित हुआ था। इस कार्यक्रम में बीजेपी के करीब 40-50 ब्राह्मण विधायक और विधान परिषद सदस्य शामिल हुए, जिसमें पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्र के कई प्रमुख चेहरे मौजूद थे। इस भोज को लेकर यूपी की सियासत काफी चर्चा में रही हैं। इससे पूर्व क्षत्रिय विधायक भी एक साथ बैठे थे।
बीजेपी के ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने प्रतिक्रिया दी थी। लखनऊ में हुई ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि इस तरह की जातिगत बैठकें और गतिविधियां पार्टी के संविधान के खिलाफ हैं। पंकज चौधरी ने सख्त लहजे में कहा था कि बीजेपी में पार्टी अनुशासन से ऊपर कोई नहीं है।(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



