बिहार में भूमाफियाओं पर शिकंजा

बिहार में जंगलराज को खत्म करने में लम्बा समय लगेगा, यह बात अब भाजपा की भी समझ में आ गयी है। यहां मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नीतीश कुमार बैठे हैं लेकिन इस बार गृहमंत्री का दायित्व भाजपा के नेता और उप मुख्यमंत्री सम्राट चैधरी निभा रहे हैं। दूसरे उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा भी भाजपा के ही हैं। नीतीश कुमार की पिछली सरकार में भी भाजपा साथ दे रही थी लेकिन अपराधों का ग्राफ नीचे नहीं आ पाया था। उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने गत दिनों भूमाफियाओं को साफ चेतावनी दी है कि सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य के हर जिले में भूमाफियाओं की सूची तैयार की जा रही है। यह भी कहा गया है कि माफिया से मिलीभगत कर गलत दस्तावेज बनाने वाले अफसर और कर्मचारी भी बख्शे नहीं जाएंगे। एक बात जरूर अटपटी लग रही है कि एक तरफ अपराधियों पर शिकंजा कसा जा रहा है, वहीं मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को जेल से बाहर निकालने का प्रयास हो रहा है। इस संदर्भ में अनंत सिंह की पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी ने अपने दोनों बेटों अभिषेक और अंकित के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भेंट की थी। ऊपरी तौर पर इसे शिष्टाचार भेंट बताया गया लेकिन इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
बिहार में माफियाओं का कई दशकों से बोलबाला रहा है। हालांकि अब एनडीए सरकार इन माफियाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। चाहे खनन माफिया हों, शराब माफिया हों या भू-माफिया हों, बिहार सरकार इन सभी माफियाओं को चिन्हित कर बारी-बारी से कार्रवाई करने में जुटी हुई है। हाल ही में बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक पोस्ट के जरिए भू-माफियाओं को साफ चेतावनी दे दी है कि सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा है कि बिहार के हर जिले में ऐसे भू-माफियाओं की लिस्ट तैयार की जा रही है और सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। भू-माफियाओं को सीधी चेतावनी दे दी है। उन्होंने कहा है, खनन व शराब माफिया की तर्ज पर अब हर जिले में भू-माफिया की सूची तैयार की जा रही है। फर्जी कागजात के सहारे जमीन हड़पने वाले माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई होगी। माफिया से मिलीभगत कर गलत दस्तावेज बनाने या नियमों की अनदेखी करने वाले अफसर-कर्मचारी भी नहीं बख्शे जाएंगे। पहले 100 दिनों में बदलाव के लिए दाखिल-खारिज, परिमार्जन और मापी के लंबित मामलों के निपटारे हेतु 14 जनवरी तक की समय-सीमा तय कर दी गई है। ऐसा लगता है कि बिहार में भी माफिया के खिलाफ यूपी के अंदाज में एक्शन लेने की कोशिश की जा रही है।
बिहार में अपराध की स्थिति मिली-जुली है। हाल के वर्षों में हत्या, डकैती और दंगे जैसे गंभीर अपराधों में कमी आई है, लेकिन कुल अपराधों की संख्या में उतार-चढ़ाव है, विशेषकर साइबर अपराध और संगठित अपराध (जैसे भू-माफिया) बढ़ रहे हैं, जिससे पुलिस इन पर नकेल कसने के लिए विशेष इकाइयां बना रही है, हालांकि भूमि विवाद जैसे मुद्दों के कारण हत्याएं अभी भी चिंता का विषय हैं और अपराधी बेखौफ दिखते हैं। पंडारक थाना क्षेत्र के लेमुआबाद गांव में 300 रुपये मांगने पर किराना दुकानदार को गोली मार दी गई। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर एक देशी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए। पटना के बाढ़ अनुमंडल के पंडारक थाना क्षेत्र अंतर्गत लेमुआबाद गांव में किराना दुकानदार को गोली मारने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया। एसडीपीओ-1 आनंद कुमार सिंह ने बताया कि घटना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही थी। इस दौरान नामजद आरोपी बिट्टू कुमार को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर पीयूष कुमार और दिलखुश कुमार उर्फ गोला को भी पुलिस ने दबोच लिया। उन्होंने बताया कि तीनों युवक एक साथ दुकान पर पहुंचे थे और लगभग 300 रुपये का सामान लेने के बाद पैसे मांगने पर दुकानदार से विवाद हो गया। इसी दौरान आक्रोश में एक आरोपी ने फायरिंग कर दी, जिससे गोली दुकानदार की हथेली में लग गई। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी रहा है।
बिहार में भू-माफिया और बालू माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। आर्थिक अपराध इकाई और जिला पुलिस की जांच के बाद प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें कुल 20 माफियाओं की लगभग 54.88 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति जब्त करने का प्रस्ताव शामिल है। लिस्ट में दानापुर से राजद के पूर्व विधायक रीतलाल यादव के भाई पिंकू यादव उर्फ टिंकू यादव का नाम भी है। प्रस्ताव के अनुसार आठ भू-माफियाओं की संपत्ति जब्त होगी, जिनमें पटना जिले के पांच माफिया शामिल हैं। दानापुर के पारस राय और उनके पुत्र राजबल्लभ कुमार भी इसमें शामिल हैं। वहीं, 12 बालू माफियाओं की संपत्ति जब्त की जाएगी, जिसमें बांका जिले के छह माफिया जैसे नीलेश यादव और उसका भाई संजय यादव, बादल यादव और उसका भाई आजाद यादव शामिल हैं। रीतलाल यादव और पिंकू यादव दोनों जेल में बंद हैं। उन पर बिल्डर से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। ईओयू और पुलिस प्रशासन ने कहा कि माफिया नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। डीआईजी मनजीत सिंह ढिल्लों और एसपी विनय कुमार तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि भू-माफियाओं के खिलाफ पीएमएलए के तहत आठ प्रस्ताव ईडी को भेजे गए हैं और अवैध बालू खनन के मामलों में 12 बालू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है। इसके अलावा, प्रयाग ग्रुप ऑफ कंपनियों और उसके निदेशकों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 110 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति जब्त की गई है। इसमें पश्चिम बंगाल, बिहार और असम में 450.42 एकड़ जमीन और ढांचे शामिल हैं। निदेशक बासुदेब बागची, अविक बागची और स्वप्ना बागची के नाम पर छह करोड़ मूल्य की संपत्ति भी जब्त की गई। यह कार्रवाई 15 दिसंबर को जारी अस्थायी कुर्की आदेश के तहत की गई।
बिहार सरकार के अनुसार, हत्या, डकैती और दंगों जैसे मामलों में पिछले साल की तुलना में गिरावट आई है, जिसे पुलिस की बेहतर कार्रवाई का नतीजा बताया गया है। वर्ष 2023 में कुल अपराधों (लगभग 3.54 लाख) में वृद्धि देखी गई थी, जो पिछले एक दशक में सबसे अधिक थी, हालांकि 2024 में इसमें थोड़ी कमी आई। राज्य में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है, जिसके लिए अब एक अलग इंटेलिजेंस यूनिट बनाई गई है।
भू-माफिया और बालू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, और इनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। हत्याओं के पीछे भूमि विवाद एक बड़ा कारण है, और पुलिस इसमें प्रभावी ढंग से हस्तक्षेप करने में मुश्किल महसूस करती है।
उधर, मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह दुलारचंद यादव की हत्या के आरोप मंे जेल में बंद हैं लेकिन उनका परिवार उन्हें जेल से बाहर निकालने की पूरी कोशिश में जुटा है। दरअसल अनंत सिंह की पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी और दोनों बेटों (अभिषेक और अंकित) ने सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात की है। हालांकि कहा ये जा रहा है कि ये एक शिष्टाचार भेंट थी। अनंत सिंह के विधानसभा चुनाव 2025 जीतने के बाद ये पहला मौका है, जब अनंत सिंह के परिवार ने सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात की। बता दें कि अनंत सिंह बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान हुई दुलारचंद यादव की हत्या मामले में पटना की बेऊर जेल में बंद हैं। अनंत सिंह की पत्नी और
दोनों बेटों ने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से भी मुलाकात की थी। अनंत सिंह को ललन सिंह का खास माना जाता है। ऐसे में ये चर्चाएं शुरू हो गईं थीं कि अनंत सिंह का परिवार उन्हें जेल से बाहर निकालने के लिए ललन सिंह से मिला।(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



