पाक के हमले से पख्तून मंे भड़के शोले

बीते-209-21 फरवरी की रात पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में सीमा पार एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तान का दावा था कि निशाना तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के ठिकाने थे, लेकिन अफगान स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, हमले में बेसूद जिले के एक रिहायशी परिसर पर बम गिरा। इसमें 17 नागरिकों की मौत हुई जिनमें 11 बच्चे और कई महिलाएं शामिल थीं। सामने आई तस्वीरों में आतंकी कैंप नहीं, बल्कि टूटी दीवारें और मासूमों के जनाजे दिखाई दिए। अगले ही दिन पाकिस्तान के खैबर जिले की तिराह घाटी में एक नागरिक वाहन पर मोर्टार दागा गया। इसमें 5 पख्तून नागरिक मारे गए, जिनमें 2 बच्चे थे। जब स्थानीय लोग पास की सैन्य चैकी के बाहर विरोध करने पहुंचे तो सुरक्षा बलों ने लाइव फायरिंग की। इसमें 4 और लोगों की मौके पर मौत हो गई, 5 घायल हुए। यानी 48 घंटे से भी कम समय में, अफगानिस्तान और पाकिस्तान दोनों तरफ 26 पख्तूनों की जान गई। जनवरी 2025 से अब तक पाकिस्तान के भीतर एंटी-टेरर ऑपरेशनों में 168 से ज्यादा पख्तून मारे गए हैं जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। सितंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच अफगानिस्तान में पाकिस्तानी कार्रवाई में कम से कम 88 पख्तून नागरिकों की मौत की बात सामने आई है। पाकिस्तानी सेना का एक्शन पैटर्न साफ दिखता है कि हताहत ज्यादातर आम नागरिक हैं। इलाके पख्तून बहुल और निशाने पर आम नागरिकों के घर, गाड़ियां, गांव हैं।



