इथोपिया की यात्रा पर जाएंगे पीएम मोदी, बढ़ेगा व्यापार

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले हफ्ते इथोपिया दौरे पर जाने वाले हैं। पिछले एक दशक में किसी भी प्रधानमंत्री का यह पहला इथोपिया दौरा है। अफ्रीकी देश इथोपिया व्यापार के दृष्टिकोण से काफी अहम है। इथियोपिया में 650 से अधिक भारतीय कंपनियां कार्यरत है। इथोपिया में इन कंपनियों ने कुल 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश कर रखा है। पीएम मोदी का इथोपिया दौरा ऐसे वक्त में हो रहा है, जब दुनिया के पावरफुल देश अफ्रीकी महाद्वीप में पैठ बनाने की कवायद कर रही है। इथोपिया को अफ्रीका का दिल कहा जाता है। इसके पूर्व भाग में जिबूती और पश्चिम भाग में सूडान स्थित है। इथोपिया के उत्तर में इरित्रिया और दक्षिण में केन्या है। अफ्रीका के हॉर्न पर स्थित इथोपिया में कुल 11 प्रांत हैं। इथोपिया मुस्लिम और ईसाई बहुल मुल्क है। पठारी इलाकों से लैस इथोपिया की राजधानी अदीस अबाबा है। ब्रिटेनिका के मुताबिक इथोपिया हॉर्न ऑफ अफ्रीका का सबसे बड़ा और सबसे अधिक आबादी वाला देश है। एक वक्त में इथोपिया पर इटली का कब्जा था, लेकिन जब संयुक्त राष्ट्र का चार्टर तैयार हुआ तो इथोपिया ने सबसे पहले उस पर साइन किया।
इथोपिया में 13 महीने का साल होता है। यहां पर 12 के अलावा हर साल एक लीप ईयर होता है, जो 5-6 दिनों का होता है। इथोपियाई कैलेंडर के मुताबिक हर महीना 30 दिन का ही होता है। यहां पर नए साल की शुरुआत 1 जनवरी की बजाय 11 या 12 सितंबर से होती है।
इथोपिया को चीन और सऊदी का अब तक करीबी मुल्क माना जाता है। इथोपिया चीन से सबसे ज्यादा सामान आयात करता है। वहीं अपने सामान को सबसे ज्यादा सऊदी अरब में निर्यात करता है। भारत और इथोपिया के बीच सालों पुराने राजनयिक संबंध हैं। लिखित दस्तावेज के मुताबिक दोनों के बीच 2,000 साल पुराने संबंध हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार अक्सुमी साम्राज्य (पहली शताब्दी ईस्वी) के दौरान खूब फला-फूला। भारत के सैनिकों ने साल 1941 में इथोपिया को इटली से आजाद कराने में बड़ी भूमिका निभाई थी।



