लेखक की कलम

राहुल की अभद्र टिप्पणी

संसद भवन में कांग्रेस प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू आमने-सामने आए। इस दौरान मकर द्वार पर दोनों के बीच तीखी बहस हुई। राहुल गांधी ने रवनीत सिंह बिट्टू को गद्दार दोस्त कह दिया। बुधवार 3 फरवरी को राहुल गांधी लोकसभा से निलंबित सांसदों के साथ प्रदर्शन कर रहे थे। तभी रवनीत सिंह बिट्टू वहां से गुजरे तो उन्हें देखकर राहुल गांधी ने कहा कि नमस्ते मेरे भाई, मेरे गद्दार दोस्त, चिंता मत करो तुम वापस आ जाओगे। इस दौरान राहुल गांधी ने उनसे हाथ मिलाने की कोशिश की, लेकिन बिट्टू ने हाथ नहीं मिलाया। बीजेपी ने राहुल गांधी की इस टिप्पणी को सिखों का अपमान बताया है। रवनीत बिट्टू ने भी कहा कि राहुल गांधी हमेशा सिखों को निशाना बनाते रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी को सबसे बड़ा गद्दार और सिखों का कातिल बता दिया।रवनीत सिंह बिट्टू राज्यसभा सांसद हैं। अभी मोदी सरकार में रेलवे मंत्रालय और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में राज्यमंत्री हैं। अगस्त 2024 में बीजेपी ने उन्हें राजस्थान से राज्यसभा भेजा था। बीजेपी में शामिल होने से पहले बिट्टू कांग्रेस में ही थे। वह 2024 में बीजेपी में शामिल हुए हैं। उन्हें बीजेपी ने लोकसभा का टिकट भी लुधियाना से दिया था, लेकिन वो कांग्रेस उम्मीदवार अमरिंदर सिंह राजा वडिंग से हार गए थे। इससे पहले बिट्टू दो बार लोकसभा सांसद लुधियाना से रह चुके हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो ऐसे मुद्दों की तलाश में ही रहते हैं। उन्होंने राहुल गांधी की तरफ से रवनीत सिंह बिट्टू को गद्दार कहने वाले बयान को आड़े हाथों लिया। मोदी ने कहा कि कांग्रेस के अंदर जो कूट-कूटकर सिखों के खिलाफ नफरत भरी है, यह उसकी अभिव्यक्ति थी। इस बीच हंगामा भी हुआ। सांसदों ने सदन में पीएम की कुर्सी की तरफ जाने की कोशिश की। स्पीकर ओम बिरला ने इसके इतिहास का काला दिन बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसदों ने पीएम की कुर्सी को घेर लिया। इससे संसदीय गरिमा को ठेस पहुंची है।
संसद भवन में बुधवार (4 फरवरी 2026) को कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान राजनीतिक माहौल उस समय और तनावपूर्ण हो गया, जब मकर द्वार पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू आमने-सामने आ गए। दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मकर द्वार पर राहुल गांधी और बिट्टू की बहस हुई। कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और रवनीत सिंह बिट्टू के बीच कहासुनी देखने को मिली। इस दौरान राहुल गांधी ने बिट्टू से कहा, एक दिन तुम लौटकर आओगे, जिस पर माहौल और गरमा गया। तनाव उस वक्त और बढ़ गया जब राहुल गांधी ने रवनीत सिंह बिट्टू से हाथ मिलाने के लिए हाथ आगे बढ़ाया, लेकिन बिट्टू ने हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। राहुल गांधी ने कहा- ‘ट्रेटर फ्रेंड’। विवाद तब और बढ़ा, जब राहुल गांधी ने रवनीत सिंह बिट्टू को माय ट्रेटर फ्रेंड कहा। इसके जवाब में बिट्टू ने पलटवार करते हुए राहुल गांधी को देश के दुश्मनों के साथ खड़ा बताया। रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि वह देश के दुश्मनों के साथ नहीं बैठते। इस दौरान राहुल गांधी ने प्रदर्शन में शामिल निलंबित सांसदों की तारीफ करते हुए कहा, वेल डन बॉयज और उनके रुख की सराहना की।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने कहा, जब प्रधानमंत्री संसद में बोलने आएंगे तब वे खुद जाकर उन्हें जनरल नरवणे की यह किताब सौंपेंगे। राहुल गांधी ने कहा कि यह किताब जनरल नरवणे ने खुद लिखी है और इसमें गलवान और पूर्वी लद्दाख की घटनाओं से जुड़ी पूरी जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस किताब के हिस्सों को सीधे उद्धृत (कोट) करने से रोका गया है, लेकिन इसमें जो लिखा है, वह देश की सुरक्षा से जुड़ा बहुत बड़ा सवाल खड़ा करता है।
संसद के बजट सत्र के सातवें दिन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी की तरफ से दिए गए बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को गद्दार कहने वाले बयान पर सिखों का अपमान करार दिया है। पीएम मोदी ने कहा, 4 फरवरी को जो घटना घटी, इसी सदन के सदस्य, कांग्रेस के शातिर दिमाग युवराज ने उनको गद्दार कह दिया। अहंकार 7वें आसमान पर पहुंच चुका है इनका और कांग्रेस को छोड़कर कितने ही लोग निकले। कांग्रेस के कितने ही टुकड़े हुए। कई लोग इधर से उधर गए लेकिन औरों को तो किसी ने भी गद्दार नहीं कहा । पीएम मोदी ने कहा एक सांसद को उन्होंने गद्दार कहा, क्योंकि वो सिख थे। ये सिखों का अपमान था। ये सिख गुरुओं का अपमान था। कांग्रेस के अंदर जो कूट-कूटकर सिखों के खिलाफ नफरत भरी है, उसकी वो अभिव्यक्ति थी। इसी सदन के माननीय सांसद थे लेकिन उन्हें कुछ भी दर्द नहीं। उन्होंने खेद नहीं जताया। पीएम मोदी ने कहा, जिसका परिवार देश के लिए शहीद हुआ है, उन्हें गद्दार कहना, देश कभी सहन नहीं करेगा। सिर्फ इसलिए कि उन्होंने राजनीतिक विचार में परिवर्तन किया। ऐसे लोग कांग्रेस को नहीं डुबाएंगे तो क्या करेंगे?
लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर पीएम मोदी का भाषण टलने पर स्पीकर ओम बिरला ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसदों ने पीएम की कुर्सी को घेर लिया था, जिस वजह से मैंने उन्हें लोकसभा में नहीं आने की सलाह दी थी। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, श्देश ने देखा कि 4 फरवरी को सदन में क्या हुआ। सबने देखा कि कैसे सांसदों ने सदन में पीएम की कुर्सी की तरफ जाने की कोशिश की। सदन की कार्यवाही स्थगित होने से पहले लोकसभा स्पीकर ने गुरुवार (5 फरवरी 2026) को कहा, सदन में जो हुआ वह एक तरह से काले धब्बे की तरह था। मेरे पास पुख्ता ऐसी जानकारी आई कि कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री के पास पहुंचकर कोई भी अप्रत्याशित घटना कर सकते हैं। अगर ये घटना हो जाती तो यह बेहद निंदनीय होती। मैंने पीएम से आग्रह किया कि उन्हें सदन में नहीं आना चाहिए और उन्होंने मेरी बात मानी।
बहरहाल, राहुल गांधी ने हंसी-मजाक समझकर केन्द्रीय मंत्री नवनीत सिंह बिट्टू पर जिस तरह की अभद्र टिप्पणी की है, उससे लोकसभा मंे नेता प्रतिपक्ष का पद भी शर्मिन्दा हो गया है। उन्हांेने सिख समुदाय को भी नाराज कर दिया है।
(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)

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