बंगाल को भयमुक्त करेंगे शुभेन्दु

बंगाल को अब पश्चिम बंगाल कहने का कोई मतलब समझ नहीं आता क्योंकि हमारे पास सिर्फ एक ही बंगाल है। इसके साथ ही आज जब वहां पहली बार शुभेन्द्रु अधिकारी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनी है तब उसका इतिहास जरूर याद आता है। बंगालियों का तेवर पूरे देश की अपेक्षा अलग रहा है। ब्रिटिश काल में बंगालियों ने ही सत्ता की नाक में दम कर दिया था। ब्रिटानिया सरकार इतना परेशान हुई कि उसने बंगाल के ही दो टुकड़े कर दिये। पूर्वी बंगाल पूर्वी पाकिस्तान बना और उसने पाकिस्तान के छक्के छुड़ाते हुए बांग्ला देश बना लिया और राष्ट्रगान के रूप में आमार सोनार बांग्ला गा रहा है। पश्चिम बंगाल भारत के पास रहा और सन् 47 में देश की आजादी के कुछ साल ही प्रफुल्ल चन्द्र घोष और विधान चन्द्र राय की सरकार रही। बंगालियों ने सरकार को तब तक चैन से नहीं बैठने दिया जब तक वामपंथियों ने अपनी सरकार नहीं बना ली। वहां सरकार से ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं कार्यकर्ता। उन्हीं के दम पर सरकार चलती है और बदलती भी है। शुभेन्दु सरकार से ज्यादा इस बात को कौन जानता होगा। अब वह मुख्यमंत्री हैं और कहते हैं बंगाल को भय मुक्त करेंगे। ईश्वर उनके इस संकल्प को पूरा करे तो बंगाल की जनता निश्चित रूप से राहत की सांस लेगी।
पश्चिम बंगाल में 9 मई 2026 को शुभेंदु अधिकारी ने सीएम पद की शपथ ले ली है। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में पांच मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली, इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडु, निसिथ प्रमाणिक शामिल हैं। शुभेंदु दादा के शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी, अमित शाह समेत तमाम बड़े बीजेपी नेता शामिल हुए। बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार बनी है। शुभेंदु जब मंच पर खड़े सीएम पद की शपथ ले रहे थे तो 20 राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस पल के गवाह बनें। बीजेपी और एनडीए शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री भी वहां मौजूद रहे। बीजेपी ने इस शपथ ग्रहण के लिए 9 मई गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर की जयंती का खास दिन चुना। बंगाल में बीजेपी ने ममता बनर्जी की टीएमसी को 207 सीटें जीतकर हरा दिया है। टीएमसी को सिर्फ 80 सीटें ही मिल सकीं।
शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के ऐलान के बाद ही कहा कि वो बंगाल में पार्टी के चुनावी घोषणापत्र में किये गए सभी वादों को पूरा करेंगे। हम बंगाल को भय मुक्त करेंगे। भाजपा के शासन के दौरान, न तो प्रशासन का राजनीतिकरण होगा, न ही राजनीति का अपराधीकरण होगा। हर दिन, हमारा लक्ष्य पश्चिम बंगाल को बदलना है। जैसा कि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के शब्दों में कहा गया है, ‘जहां मन भय-मुक्त हो और सिर ऊंचा हो। हम एक ऐसा बंगाल चाहते हैं जो भय-मुक्त हो और गरिमा से भरा हो। शुभेन्दु ने कहा हम सिर्फ बातों पर विश्वास नहीं करते। बीजेपी काम करके दिखाने में विश्वास रखती है। हम बोलते कम हैं और काम ज्यादा करते हैं। मैं भरोसा दिलाता हूं कि आने वाले दिनों में, हमारी सरकार और संगठन पार्टी की विचारधारा और पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक भावना के प्रति पूरी तरह समर्पित रहेंगे।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार बंगाल की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए मिलकर काम करेगी और पीएम मोदी ने बंगाल की जनता को जो गारंटी दी थी, हम उसे पूरा करेंगे। उन्होंने कहा पश्चिम बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। युवा और अनुभवी चेहरों के बीच संतुलन साधकर अलग-अलग राज्यों में नेतृत्व तय कर रही है। शुभेंदु अधिकारी के शपथग्रहण समारोह की शुरुआत से पहले पीएम मोदी ने बंगाल के नए सीएम के साथ लंबा रोड शो किया। इस दौरान भारी भीड़ का उत्साह देखते ही बनता था। पीएम मोदी के साथ गाड़ी में शुभेंदु और बंगाल के चीफ समिक भट्टाचार्य भी मौजूद थे। इस दौरान मंच पर अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीएम योगी, शिवराज सिंह चैहान समेत 21 राज्यों के सीएम और बाकी केंद्रीय मंत्री भी मौजूद थे। पीएम मोदी ने इसके बाद मंच पर रबींद्रनाथ टैगौर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सबसे खास बात यह रही कि पश्चिम बंगाल के नए सीएम को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शपथ से पहले भगवा पट्टा पहनाया। मुख्यमंत्री के अलावा पांच मंत्रियों ने शपथ ली है। इनमें एक महिला,एक मतुआ समुदाय से,एक राजबंशी,एक आदिवासी और एक ओबीसी समाज से मंत्री बनाए गए हैं। शुभेंदु अधिकारी ब्राह्मण हैं, दिलीप घोष ओबीसी समाज से आते हैं, अग्निमित्रा पॉल कायस्थ समाज, अशोक किरतनिया मतुआ समुदाय, शुदिराम टुडु आदिवासी समुदाय और निशिथ प्रमाणिक राजबंशी समुदाय से आते हैं।
शपथ ग्रहण समारोह में नेताओं के साथ-साथ साधु-सतों का भी भारी जमावड़ा रहा। कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए देश भर से बीजेपी और एनडीए के नेता पहुंचे। बंगाल के स्थानीय नेता, कार्यकर्ता के साथ-साथ बड़ी संख्या में साधु-संत भी वहां
पहुंचे थे। ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने पहुंचे एक साधु ने
कहा, अब राम राज्य शुरू हो गया है, इसलिए साधु यहां आए हैं। एक साधु ने कहा, पीएम मोदी जहां भी जाते हैं, भगवा झंडा लहराता है। इसलिए मेरे हृदय में उनके लिए सम्मान है। एक साधु ने कहा, यहां इतने सारे
साधु-संत इकट्ठा हुए हैं। जो धर्म की लड़ाई लड़ रहा है उसका साथ देना जरूरी है, इसीलिए हम यहां उनका साथ देने आए हैं।
शुभेंदु अधिकारी का जन्म 15 दिसंबर 1970 को पूर्वी मेदिनीपुर के कांथी में एक समृद्ध राजनीतिक परिवार में हुआ था। उनके पिता, शिशिर अधिकारी भी राजनीति में सक्रिय रहे हैं। शिशिर अधिकारी तीन बार के सांसद हैं। शिशिर अधिकारी पहली बार साल 2009 की 15वीं लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए, इसके बाद साल 2014 की 16वीं लोकसभा और साल 2019 17वीं लोकसभा के लिए फिर चुने गए। शुभेंदु अधिकारी के पिता शिशिर अधिकारी ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की सलाहकार समिति, ग्रामीण विकास और पंचायती राज संबंधी स्थायी संसदीय समिति के सदस्य की भूमिका निभाई थी।(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



