अफगानिस्तान में तालिबान ने 25 अफसर बदले

तालिबान ने अफगानिस्तान में एक बार फिर बड़े पैमाने पर सरकारी और सैन्य फेरबदल किए हैं। तालिबान के सर्वोच्च नेता मुल्ला हैबतुल्लाह अखुंदजादा के आदेश पर कुल 25 अधिकारियों को बदला गया है। इनमें राज्यपाल, सैन्य कमांडर, कोर कमांडर और स्थानीय प्रशासन से जुड़े अधिकारी शामिल हैं। ये बदलाव खास तौर पर आंतरिक मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय में किए गए हैं। प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बताया कि हैबतुल्लाह अखुंदजादा के आदेश पर कई प्रांतों में नई नियुक्तियां की गई हैं। कारी गुल हैदर शफाक को बामियान प्रांत का नया गवर्नर बनाया गया है। वहीं, बामियान के पुराने गवर्नर अब्दुल्ला सरहदी को अब जौजजान प्रांत का गवर्नर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा सर-ए-पुल प्रांत के गवर्नर को भी हटा
दिया गया है। सर-ए-पुल के नए गवर्नर के रूप में अहमद शाह दिंडोस्त को जिम्मेदारी दी गई है। वह पहले 205वीं अल-बद्र कोर के कमांडर रह चुके हैं। वहीं, 201वीं खालिद बिन वालिद कोर के पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ अंजार गुल अब्दुल्ला को लगमान प्रांत का उप-गवर्नर बनाया गया है। तालिबान नेता ने
कंधार में भी तीन अहम नियुक्तियां की हैं। इनमें एक जिला गवर्नर, एक आयुक्त और एक सैन्य कमांडर शामिल हैं। इसके साथ ही रक्षा मंत्रालय में 15 बड़े फेरबदल किए गए हैं। इन फैसलों के तहत सर-ए-पुल के पूर्व गवर्नर को अब 205वीं अल-बद्र कोर का नया कमांडर बनाया गया है। वहीं, पंजशीर प्रांत की विशेष ब्रिगेड के पूर्व उप-कमांडर को इसी कोर का डिप्टी कमांडर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, सैन्य कोर की संरचना में कई और बदलाव भी किए
गए हैं।
इन नियुक्तियों में एक खास बात यह है कि दो नागरिक अधिकारियों को सैन्य पदों पर तैनात किया गया है। हेलमंद में ग्रामीण विकास के पूर्व उप मंत्री को 217वीं ओमारी कोर का चीफ ऑफ स्टाफ बनाया गया है। वहीं, आवास और शहरी विकास के पूर्व प्रमुख को 205वीं अल-बद्र कोर की दूसरी इन्फैंट्री ब्रिगेड का कमांडर नियुक्त किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन बदलावों से साफ
है कि तालिबान ने सैन्य विशेषज्ञता और पेशेवर अनुभव को ज्यादा महत्व नहीं
दिया है। नियुक्तियां अधिकतर धार्मिक जुड़ाव, मुल्ला हैबतुल्लाह के प्रति
वफादारी और युद्ध अनुभव के आधार पर की गई हैं। इन फेरबदल से यह भी
स्पष्ट होता है कि तालिबान शासन में असली ताकत सीधे समूह के नेता के
हाथ में है।



