मीटू का आंदोलन चलाने वाली तनुश्री अध्यात्म की शरण में

2018 में एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने भारत में 2018 में मीटू अभियान शुरू किया। उन्होंने मशहूर एक्टर नाना पाटेकर पर 2008 में हॉर्न ओके प्लीज के सेट पर सेक्शुअल हैरेसमेंट का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि नाना एक डांस सीक्वेंस के दौरान गलत तरीके से उन्हें छुआ और डराने-धमकाने का काम किया। बाद में उन्होंने लगातार हैरेसमेंट का आरोप लगाया और दावा किया कि उनका करियर बर्बाद हो गया और उन्हें धमकियां मिलीं। इस मामले ने पूरे इंडस्ट्री में हलचल मचा दी थी और इसके बाद कई कलाकार ने उनके साथ हुए हैरेसमेंट को लेकर खुलकर बात की। अब तनुश्री ने अध्यात्म का रास्ता चुना है।
तनुश्री दत्ता की शिकायत के आधार पर साल 2018 में ओशिवाला पुलिस स्टेशन में नाना पाटेकर, कोरियोग्राफर गणेश आचार्य और दो अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। एक्ट्रेस ने 10 अक्टूबर साल 2018 को एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें दो घटनाओं के बारे में बताया गया था। एक 23 मार्च, 2008 की और दूसरी घटना 5 अक्टूबर 2018 की थी। हालांकि, 7 मार्च 2025 को मजिस्ट्रेट अदालत ने अभिनेता नाना पाटेकर के खिलाफ 2018 में मीटू आंदोलन के दौरान दर्ज की गई शिकायत को खारिज कर दिया। साल 2005 में आशिक से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली तनुश्री रातों-रात स्टार बन गईं। फिल्म में इमरान हाशमी के साथ उनके बोल्ड सीन्स ने खूब सुर्खियां बटोरीं। इसके अलावा कई बॉलीवुड फिल्मों में नजर आईं, जिसमें भागम भाग, ढोल और स्पीड शामिल है। अपने करियर के पीक पर पहुंचने के बाद एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने अचानक फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली। वो 2010 में आई फिल्म अपार्टमेंट के बाद बॉलीवुड से गायब हो गईं। तनुश्री ने काम से ब्रेक लेने के बाद अध्यात्म का रास्ता चुना। (हिफी)



