योगी के संकल्प में मददगार बनी टाटा कंपनी

योगी आदित्यनाथ ने 2017 मंे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का दायित्व संभाला था। इसके बाद कानून-व्यवस्था से लेकर आर्थिक विकास तक उनकी सरकार उल्लेखनीय कदम उठा रही है। योगी के बुलडोजर की चर्चा तो देश भर मंे हो रही है। गुंडों व माफियाओं से लेकर राष्ट्र विरोधी गतिविधि मंे शामिल लोगों के ठिकानों को ध्वस्त करने मंे पल भर की भी देर नहीं लगती। इसके साथ ही यूपी को आर्थिक रूप से भी समृद्ध बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश को पांच हजार अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प ले रखा है। इस संदर्भ मंे टाटा समूह ने व्यापक स्तर पर सहयोग का आश्वासन दिया है। गत 15 दिसम्बर को टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्र शेखरन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और टाटा समूह की ओर से आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), आईटी, इलेक्ट्रानिक्स, रक्षा विनिर्माण, ऊर्जा, नवीनीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), पर्यटन, कौशल विकास और डिजिटल के क्षेत्र मंे
निवेश की इच्छा जताई है। इससे प्रदेश और देश के आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। टाटा समूह उत्तर प्रदेश मंे पर्यटन की प्रचुर संभावना को देखते हुए 2026 तक 30 नये होटल बनाने जा रहा है। प्रतिष्ठित ब्रांड्स के 30 होटलों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। अयोध्या में विश्वस्तरीय म्यूजियम भी टाटा समूह बनवा रहा है। मथुरा-वृंदावन मंे कई कुंडों का जीर्णोद्धार भी टाटा समूह कराएगा।
टाटा समूह उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है, खासकर सिटी (लखनऊ), सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (गोरखपुर), इलेक्ट्रिक वाहन मैन्युफैक्चरिंग, सोलर और थर्मल पावर, और पर्यटन/ हॉस्पिटैलिटी (30 नए होटल) जैसे क्षेत्रों में, जिससे हजारों नौकरियां पैदा होंगी और राज्य के तकनीकी व आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह निवेश यूपी को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में मदद करेगा। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गत 15 दिसम्बर को मुलाकात की और राज्य में टाटा समूह की ओर से संचालित एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति, विस्तार और नए निवेश प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की। इस मुलाकात में कृत्रिम मेधा (एआई), आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा विनिर्माण, ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), पर्यटन, कौशल विकास और डिजिटल अर्थव्यवस्था सहित विभिन्न क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग को लेकर सहमति बनी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों को स्थिर नीति, पारदर्शी व्यवस्था और अनुकूल कारोबारी परिवेश उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि टाटा समूह के साथ यह बहुआयामी सहयोग राज्य की अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और तकनीकी आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। मुख्यमंत्री और टाटा संस के चेयरमैन के बीच हुई यह बैठक उत्तर प्रदेश को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण है। बैठक के दौरान चंद्रशेखरन ने लखनऊ में ‘एआई सिटी’ विकसित करने का प्रस्ताव रखा। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को कृत्रिम मेधा के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। गोरखपुर में 48 करोड़ रुपये से तैयार हो रहे ‘उत्कृष्टता केंद्र’ की स्थापना से जुड़े कार्य की प्रगति पर भी चर्चा हुई। इसकी स्थापना से खासकर पूर्वांचल क्षेत्र के युवाओं को उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण और अवसर प्राप्त होंगे। टाटा समूह ने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के साथ हुए समझौता ज्ञापन के जरिये एआई, साइबर सुरक्षा, डेटा साइंस, 3डी प्रिंटिंग, ड्रोन और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।
यह पहल प्रदेश में कौशल विकास और उद्योग के लिए तैयार कार्यबल तैयार करने में सहायक होगी। चंद्रशेखरन ने यूपी में वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) की स्थापना को लेकर भी चर्चा की। साथ ही टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की लखनऊ, नोएडा और वाराणसी इकाइयों के विस्तार पर भी सहमति बनी। टाटा संस के चेयरमैन ने टीसीएस के लखनऊ और नोएडा परिसर में तैनात कार्यबल को 16,000 से बढ़ाकर 30,000 किए जाने का प्रस्ताव राज्य के ‘डिजिटल टैलेंट पूल’ को नई मजबूती प्रदान करेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की तेजी से विकसित होती क्षमता को देखते हुए टाटा समूह ने मोबाइल उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक कल-पुर्जों और अन्य ‘हाई-टेक’ उत्पादों के निर्माण में निवेश बढ़ाने की इच्छा जताई। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक बसों, ईवी और अन्य वाहनों के नए मॉडलों के निर्माण में भी सहयोग और निवेश विस्तार पर सहमति बनी।
टाटा समूह ने झांसी सहित प्रदेश के विभिन्न रक्षा औद्योगिक नोड्स में ड्रोन, मिसाइल और रक्षा वाहनों के विनिर्माण के लिए निवेश बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। टाटा समूह ने मुख्यमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप प्रदेश की रक्षा प्राथमिकताओं में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। उत्तर प्रदेश में वैश्विक एवं घरेलू पर्यटन के तीव्र विस्तार को ध्यान में रखते हुए टाटा संस के चेयरमैन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुई बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश में समूह की संचालित एवं प्रस्तावित होटल श्रृंखला के विस्तार को लेकर जानकारी साझा की। टाटा समूह के सहयोग से अयोध्या में प्रस्तावित ‘म्यूजियम ऑफ टेम्पल’ परियोजना के निर्माण कार्य के पहले चरण को जनवरी 2027 तक पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया। इस संग्रहालय में अत्याधुनिक तकनीक आधारित डिस्प्ले विकसित किए जा रहे हैं, जो देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए एक विशिष्ट आकर्षण केंद्र होंगे।
उत्तर प्रदेश में वैश्विक एवं घरेलू पर्यटन के तीव्र विस्तार को दृष्टिगत रखते हुए राज्य के पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में बड़े निवेश की मजबूत तस्वीर उभर रही है। इसी क्रम में टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुई बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश में समूह की संचालित एवं प्रस्तावित होटल श्रृंखला के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह विस्तार प्रदेश में लगातार बढ़ते पर्यटक आगमन, धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि तथा कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के व्यापक विकास को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित किया गया है। बैठक के दौरान टाटा संस के चेयरमैन ने मुख्यमंत्री को बताया कि ताज, सिलेक्शन्स और विवांता जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स के 30 होटलों का निर्माण कार्य प्रदेश में वर्तमान में प्रगति पर है। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री को इन परियोजनाओं की प्रगति से भी अवगत कराया। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में 1900 लक्जरी होटल रूम्स बढ़ जाएंगे। इसके अतिरिक्त, 2026 तक 30 नए होटल निर्माण की योजना पर भी कार्य चल रहा है।
चंद्रशेखरन ने कहा कि नोएडा में टाटा समूह का एक स्टेट ऑफ आर्ट सिग्नेचर होटल भी प्रस्तावित है, जिससे उत्तर प्रदेश भारत के सबसे तेज गति से विकास करने वाले हॉस्पिटैलिटी मार्केट के रूप में उभर कर आएगा। यह भी तय हुआ कि मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में मानसी गंगा कुंड, श्याम कुंड, राधा कुंड, अष्टकाशी कुंड, नारी सेमरी कुंड, गरुड़ गोविंद कुंड, कृष्ण कुंड सहित आठ प्रमुख कुंडों के जीर्णोद्धार तथा प्रदेश के प्रमुख गंगा घाटों की स्वच्छता एवं संरक्षण के कार्यों में भी टाटा समूह द्वारा सहयोग प्रदान किया जाएगा।
(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



