विश्व-लोक

होर्मुज को लेकर ट्रम्प हो रहे कंफ्यूज

ईरान से जंग के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूरी तरह से कंफ्यूज हो गए हैं। लड़ाई में उन्हें किसी का साथ नहीं मिल रहा है। ट्रंप ने जो ताजा बयान दिया उसके बाद कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। एक दिन पहले ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए सहयोगी देशों से मदद की अपील की थी, लेकिन कोई भाव नहीं मिलने के बाद उन्होंने अब कहा है कि वाशिंगटन को किसी भी मदद की जरूरत नहीं है। मिडिल ईस्ट में संघर्ष शुरू होने के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया, जिससे तेल सप्लाई पर असर पड़ा और कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। ट्रंप ने कहा कि हमें किसी की जरूरत नहीं है। हम दुनिया के सबसे मजबूत देश हैं। हमारे पास दुनिया की अब तक की सबसे मजबूत सेना है। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि नाटो के सदस्य देश गठबंधन में शामिल होने के बावजूद अमेरिका की मदद नहीं करेंगे। दो दिन पहले ही ट्रंप ने सहयोगी देशों से होर्मुज स्ट्रेट में युद्धपोत तैनात करने का आग्रह किया था। गत 16 मार्च को उन्होंने अपनी अपील को और तेज करते हुए सहयोगी देशों को चेतावनी दी कि अगर उनकी प्रतिक्रिया नकारात्मक रही तो एक गठबंधन के तौर पर नाटो का भविष्य बहुत बुरा हो सकता है। जर्मनी, स्पेन और इटली सहित अमेरिका के कई प्रमुख सहयोगियों ने इस अनुरोध को अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके पास नौसेना बल भेजने की कोई तत्काल योजना नहीं है। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि युद्ध शुरू करने से पहले वॉशिंगटन या इजराइल ने बर्लिन से कोई सलाह नहीं ली थी। जब ट्रंप से फांस के समर्थन को लेकर सवाल पूछा गया तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि जरूर, मुझे लगता है कि वह मदद करेंगे। लेकिन तुरंत ही यह भी जोड़ दिया कि इस मिशन के लिए अमेरिका को किसी भी सहायता की आवश्यकता नहीं है।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मैं उन पर जोर-जबरदस्ती नहीं करता, क्योंकि मेरा नजिरया यह है कि हमें किसी की जरूरत नहीं है। हम दुनिया के सबसे मजबूत देश हैं। हमारे पास दुनिया की अब तक की सबसे मजबूत सेना है। हमें उनकी जरूरत नहीं है, लेकिन यह दिलचस्प है।

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