लेखक की कलम

श्रमिक दिवस पर योगी का तोहफा

दुनिया भर मंे 1 मई को श्रमिक दिवस मनाया जाता है। इस दिन मजदूरों के हित में जोरदार भाषण होते हैं और ढेर सारे आश्वासन भी दिये जाते हैं लेकिन श्रमिकों के हालात बदतर ही बने रहते हैं। उत्तर प्रदेश मंे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आश्वासनों की जगह श्रमिकों को ठोस तोहफा दिया है। योगी सरकार का मानना है कि प्रदेश के विकास का आधार श्रमिक ही हैं। उनके अधिकार भी सुनिश्चित होने चाहिए और उनका सत्कार भी होना चाहिए। इसी के तहत 1 मई 2026 को श्रमिक कल्याण की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। लखनऊ के इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान मंे अटल आवासीय योजना के अन्तर्गत शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए सम्मान दिया गया। श्रमिकों को प्रमाण पत्र और टूल किट प्रदान किये गये। शिक्षा विभाग की तरफ से श्रमिक परिवारों के मेधावी छात्रों को टैबलेट दिये गये। श्रमिकों के बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय 18 मंडलों मंे चल रहे हैं। पंजीकृत निर्माण श्रमिक की पुत्री अथवा महिला श्रमिक को स्वयं के विवाह के लिए 65 हजार रुपये तथा अन्तरजातीय विवाह के लिए 75 हजार रुपये प्रदान किये जा रहे हैं। ई-श्रम पोर्टल पर श्रमिकों का पंजीकरण किया गया है। इस मामले मंे उत्तर प्रदेश देश मंे पहले नम्बर पर पहुंच गया है। पिछले दिनों योगी सरकार ने श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी और बेजबोर्ड गठित करने का निर्णय लिया था। सीएम ने श्रमिकों के लिए 300 बेड के ईएसआईसी अस्पताल की सौगात भी दी है।
पिछले दिनों ही योगी आदित्यनाथ की सरकार ने न्यूनतम मजदूरी और वेज बोर्ड गठित करने जैसा अहम फैसला लिया था। इसी क्रम में मजदूर दिवस के मौके पर 14 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में श्रमवीर गौरव समारोह 2026 का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्रमिक कल्याण से जुड़ी कई योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। श्रमिकों को डिजिटल लेबर चैक ऐप से लेकर 300 बेड के ईएसआईसी अस्पताल की सौगात भी इतना ही नहीं, इस मौके पर उन्होंने कहा कि मजदूरों के लिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा में हॉस्टल, डिस्पेंसरी और औद्योगिक सुविधाओं का भी विस्तार होगा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान श्रमिकों के मेधावी छात्रों को टैबलेट, श्रमिकों को टूलकिट और प्रमाणपत्र भी बांटा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएसआर के जरिए कौशल विकास व स्वास्थ्य सेवाओं को भी बल मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारे श्रमिक नए भारत के शिल्पकार हैं। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के लिए उनकी सरकार संवेदनशील है। पीएम नरेंद्र मोदी ने श्रमिकों को सम्मान दिया। श्रमिकों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उनके बच्चे अटल आवासीय विद्यालय में पढ़ रहे हैं। आयुष्मान योजना का भी उन्हें लाभ मिला है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि श्रमिकों को गैस कनेक्शन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में 16 करोड़ लोगों को राशन की सुविधा भी मिल रही है। पहले गरीबों के राशन कुछ लोग खा जाते थे। आज राशन फ्री में मिल रहा है। अब गरीबों का हक मारने वाले की जगह हवालात में हैं। पहले श्रमिकों केपास घर नहीं थे। आज पीएम आवास योजना के तहत घर मिल रहा है। अब तक चार करोड़ लोगों को आवास दिया गया है। इस मौके पर मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि बीजेपी सरकार में मजदूरों की स्थिति में सुधार हुआ है और उनका जीवन बदला है। सरकार की कोशिश है कि आज मजदूर का बेटा मजदूर नहीं बनेगा। वह डॉक्टर, इंजीनियर और अधिकारी बनेगा। इसके लिए अटल आवासीय विद्यालय खोले गए हैं। इतना ही नहीं श्रमिकों का पलायन अन्य राज्यों में न हो इसके लिए भी काम किया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि श्रमिकों उनके घर के पास ही रोजगार मिल।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर शुभकामना संदेश पोस्ट किया। उन्होंने लिखा- आज मई दिवस के अवसर पर श्रमेव जयते की भावना को जीवंत करते हुए श्रमवीर गौरव समारोह 2026 का शुभारंभ तथा श्रमिक कल्याण की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास होगा।
हमारे श्रमिक भाई-बहन वह मौन शक्ति हैं, जिनके श्रम से सपने आकार लेते हैं और विकसित उत्तर प्रदेश-आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की यात्रा को नई गति मिलती है। श्रमवीरों के परिश्रम और पुरुषार्थ को नमन! सीएम योगी ने इस अवसर पर देश के विकास कार्यों में श्रमिकों के योगदान को याद किया और कहा कि उनके परिश्रम और पुरुषार्थ से ही प्रदेश के विकास को गति मिलती हैं। सीएम योगी ने इसके लिए सभी श्रमिकों को नमन भी किया।
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मजदूर दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फैक्ट्रियों और ठेकेदारों को सख्त चेतावनी दी है। श्रमवीर सम्मान दिवस पर कहा कि पहले श्रमिक काम करता था। मजदूरी देने के वक्त उसे टरका दिया जाता था। काम करवाने वाले लोग और ठेकेदार श्रमिकों को पूरा पैसा नहीं देते थे। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अब ऐसा नहीं चलेगा। अगर श्रमिक ने काम किया तो काम का दाम भी देना पड़ेगा। काम का दाम ना देने वालों का सरकार काम तमाम कर देगी। साथ ही मुख्यमंत्री ने नॉएडा में श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन पर कहा कि प्रदेश में औद्योगिक अशांति नहीं होने देंगे।
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में श्रमवीर गौरव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कई बड़े ऐलान किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों के ठहरने के लिए श्रमिक डोरमेट्री के साथ सस्ती कैंटीन बनेगी। श्रमिको को अच्छा सस्ता भोजन, मनोरंजन, स्नानघर और सुरक्षा भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि अबतक 12 लाख 26 हजार श्रमिकों को आयुष्मान कार्ड की सुविधा दी गई है। आज से शेष 15 लाख 83 हजार निर्माण श्रमिकों को भी आयुष्मान कार्ड की सुविधा मिलेगी। करीब 80 लाख लोगों को हर साल 5 लाख के निशुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी के लोगों को प्रदेश के अंदर ही रोजगार मिल रहा है। यूपी के 3 करोड़ लोगों को एमएसएमई में काम मिला। प्रदेश के 65 लाख लोगो को नया रोजगार मिला। आज प्रदेश का व्यक्ति यूपी के अंदर अपनी प्रतिभा का लाभ दे रहा है। यूपी अब बीमारू राज्य नहीं, भारत का ग्रोथ इंजन बना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले दंगा, अराजकता, गुंडा प्रदेश के लिए बदनाम था यूपी। आज भारत के समृद्धि प्रदेश की श्रेणी में खड़ा हुआ। वन नेशन, वन राशन कार्ड की व्यवस्था की गई। अब सीतापुर वाला लखनऊ, दिल्ली, मुंबई में राशन ले सकता है। सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने प्रदेश के हर मंडल में 1-1 अटल आवासीय विद्यालय बनायें है। एक विद्यालय में एक हजार बच्चा पढ़ सकता है। केंद्रीय, नवोदय और सैनिक विद्यालयों के शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की नियुक्ति की है। श्रमिकों के बच्चे भी राष्ट्र निर्माण की अग्रिम पंक्ति में खड़े होंगे। श्रमिक का बच्चा श्रमिक नहीं, बल्कि वह भी अधिकारी की श्रेणी में खड़ा होगा।(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)

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