लेखक की कलम

चेतना जगाती योगी की पाती

जनप्रिय लोगों की बातों का प्रभाव समाज पर पड़ता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पाती भी लोगों को जागरूक करने का कार्य करती है। अभी कुछ दिनों पहले प्रदेश की राजधानी लखनऊ मंे पतंग के मांझे से दुर्घटनाएं हुईं। गत 8 फरवरी को ही चीनी मांझे से चार लोग जख्मी हो गये। कुड़ियाघाट ग्रीन काॅरिडोर पर मांझे से यहियागंज के फ्लाईओवर पर एक व्यवसायी के माथे से चाइनीज मांझा फंस गया और वह भी जख्मी हुए। इसी दिन शाम को हीवेट रोड पर 12वीं के छात्र आकिब के माथे और नाक पर चाइनीज मांझे से इतना जख्म हो गया कि छात्र को अस्पताल ले जाना पड़ा। प्रदेश की राजधानी लखनऊ मंे ही पतंग के मांझे से एक युवक की मौत हो गयी जबकि सात लोग घायल हुए हैं। योगी आदित्यनाथ ने चाइनीज मांझे से होने वाली दुर्घटनाओं को बहुत गंभीरता से लिया है और इसकी बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। इसकी आनलाइन बिक्री पर भी रोक लगाने की मांग जनता की तरफ से हो रही है। योगी आदित्यनाथ ने 8 फरवरी की पाती मंे पतंगबाजी के शोक को अच्छा बताते हुए तेज धार वाले चाइनीज मांझे के प्रति सावधान किया है। इस मांझे का उपयोग कानूनन अपराध है, इसलिए हताहत करने वाले इस मांझे की बिक्री और उपयोग करने वालों की धरपकड़ मंे जन सहयोग मांगा है। मुख्यमंत्री ने इस बार की पाती मंे बच्चों को परीक्षा की तैयारी करने और मोबाइल गेम से बचने की भी सलाह दी है। उम्मीद की जाती है कि सीएम योगी की यह सलाह बच्चों से लेकर बड़े तक सभी मानेंगे। पाती का उद्देश्य भी यही है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पाती की ताजा श्रंखला में चाइनीज मांझे से दूरी बनाने की बात कही है। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों को कई अन्य बातें भी बताई हैं, जिन्हें अपनाकर बच्चे अपना भविष्य बेहतर बना सकते हैं। योगी आदित्यनाथ ने यूपी के सभी बच्चों के लिए पत्र लिखा है। इसे योगी की पाती नाम दिया गया है। इस पत्र में उन्होंने चाइनीज मांझे और मोबाइल के प्रति बच्चों की लत पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि पतंग से प्रेम ठीक है, लेकिन चाइनीज मांझे से दूरी बनाएं। सीएम योगी ने बताया यूपी सरकार पूरे उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझे के खिलाफ अभियान चला रही है। इस अभियान में बच्चे भी सहयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर आपको कहीं भी चाइनीज मांझा बिकता दिखे तो परिजनों के जरिए पुलिस को सूचना दें।
सीएम योगी ने मोबाइल फोन का ज्यादा उपयोग करने से होने वाली परेशानियों के बारे में भी बच्चों को बताया है। उन्होंने लिखा कि मोबाइल बच्चों का कीमती समय चुरा लेता है। मोबाइल गेम और रील कई घंटे बर्बाद करते हैं, आंखें भी कमजोर होती हैं। इसलिए मोबाइल की जगह किताबों से दोस्ती करें और परिवार के साथ समय बिताएं।बोर्ड परीक्षा के लिए छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए सीएम योगी ने कहा कि बिना डरे, ध्यान से प्रश्न पत्र पढ़कर उत्तर लिखें। नकारात्मक विचारों से दूर रहें और प्रयास में कमी न रखें। योगी आदित्यनाथ ने लिखा, श्रीमद् भगवत गीता के श्लोक को उद्धरण के रूप मंे प्रस्तुत किया। कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने लिखा, प्यारे बच्चों, आपकी सुरक्षा, उत्तम स्वास्थ्य एवं सफलता हमारी सरकार की प्राथमिकता है। आज मैं तीन महत्वपूर्ण बिंदु आपसे साझा करना चाहता हूं। आकाश में ऊंची उड़ती पतंग सबको अच्छी लगती है। आपको भी पतंग उड़ाने में मजा आता होगा लेकिन, चाइनीज मांझे से आपको पूरी तरह दूर रहना है। तेज धार वाले इस मांझे का उपयोग कानूनन अपराध है। पूरे प्रदेश में इसकी बिक्री, भंडारण और उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है। चाइनीज मांझे से होने वाली जनहानि को देखते हुए प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। आपको भी इसमें सहयोग करना है। स्वयं इसका उपयोग न करें एवं दोस्तों को भी जागरूक करें। कोई दुकानदार या अन्य व्यक्ति चाइनीज मांझे की बिक्री करता दिखे, तो परिजनों की सहायता से पुलिस को सूचित करें।
दूसरा महत्वपूर्ण बिंदु है- मोबाइल की लत। बच्चों, मोबाइल आपका मूल्यवान समय चुरा लेता है और आपको पता ही नहीं चलता। एक गेम या वीडियो देखने के लिए उठाया मोबाइल कई घंटे नष्ट कर देता है। आंखें कमजोर करता है एवं पढ़ाई में बाधा डालता है। इसके स्थान पर कोई रुचि विकसित करें। पुस्तकों से मित्रता करें। मित्रों के साथ खेलकूद में भाग लें। परिवार के साथ समय बिताएं। मोबाइल का उपयोग सीमित समय के लिए करें।
यह समय वैसे भी मोबाइल से दूर रहने का है। बोर्ड परीक्षाएं निकट हैं। पूरे वर्ष आपने लगन और परिश्रम से तैयारी की है। परीक्षा कक्ष में आत्मविश्वास के साथ प्रवेश करें, प्रश्नपत्र को ध्यान से पढ़ें एवं बिना घबराए सहजता से उत्तर लिखें। अपने प्रयास एवं अनुशासन में कमी न रखें और नकारात्मक विचारों से दूर रहें। श्रीमद्भगवदगीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं- कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन अर्थात मनुष्य का अधिकार केवल कर्म पर हैं, उसके परिणाम पर नहीं। आपकी सीखने की ललक और परिश्रम ही सबसे महत्वपूर्ण हैं।
पतंगबाजी की बात करें तो मकर संक्रांति से लेकर स्वतंत्रता दिवस तक, हर आकाश रंग-बिरंगी पतंगों और रोमांचक लड़ाइयों से जगमगा उठाता है। सभी ओरिजिनल मोनो काइट मांझा, गोल्ड मोनो काइट मांझा , या सबसे मजबूत मोनो काइट फाइटिंग मांझा खरीदना चाहते हैं। मोनो काइट मांजा विशेष रूप से पेशेवर पतंगबाजों के लिए बनाई गई है। इसकी चिकनी कोटिंग, उच्च तन्यता शक्ति और उत्कृष्ट काटने की क्षमता इसे आकाश में बेजोड़ बनाती है। यह मजबूत और टिकाऊ है। लड़ाई के दौरान आसानी से नहीं टूटता। शार्प थ्रेड कोटिंग से प्रतिस्पर्धी उड़ान के लिए एकदम सही।
मौसम प्रतिरोधी है। सभी परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करता है। हल्का और लचीला होता है। बेहतर नियंत्रण और लंबी दूरी तक पहुंच सकता है। इसलिए फेस्टिवल चैंपियनों के लिए, मोनो काइट गोल्ड मांजा एक बेहतरीन विकल्प है। यह पेशेवर उपयोग के लिए डिजाइन किया गया है- बेहद तेज, लचीला और ऊँचाई पर पतंग उड़ाने की प्रतियोगिताओं के लिए एकदम सही है। सबसे ज्यादा खतरनाक चाइनीज मांझा है।
चाइनीज मांझे से बचने के लिए राजस्थान मंे चुरु जिले के एक युवक ने ऐसी तरकीब अपनाई, जो अब चर्चा का विषय बनी हुई है। युवक का दावा है कि ये तरकीब कोई भी दोपहिया वाहन चालक अपना सकता है और सड़क पर सुरक्षित वाहन चला सकता है। वाहन चलाते वक्त अगर चालक चाइनीज मांझे की चपेट में आता भी है, तो इस देसी जुगाड़ की वजह से वह काफी हद तक बच जाएगा। वैसे बेहतर तो यही है कि चाइनीज मांझे का पूरी तरह बहिष्कार किया जाए। योगी आदित्यनाथ ने इसीलिए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये हैं।
प्रशासन की चुप्पी के कारण ये प्लास्टिक का मांझा न सिर्फ बेजुबानों पर कहर बरपा रहा है, बल्कि दोपहिया वाहन चालकों को भी जख्मी कर रह है। इस मांझे की वजह से कइयों की तो जान पर बन आती है। (अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)

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